
इंदौर में गुरुवार शाम जिला न्यायालय के बाहर वकीलों ने लड़कियों को ब्लैकमेल करने के आरोपी की पेशी के दौरान जमकर पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि नकली दस्तावेज बनाकर लड़कियों को ब्लैकमेल करने वाले आरोपी आसिफ चौधरी के खिलाफ हिंदू महासभा के निलेश दुबे ने 2017 में कनाड़िया थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इस मामले में गुरुवार को निलेश दुबे की गवाही थी।
गवाही के पहले आरोपी आसिफ ने नीलेश दुबे पर समझौते के लिए दबाव बनाया। जज के सामने आरोपी आसिफ का एटीट्यूड न्यायालय में कम नहीं हो रहा था। इस बात पर वकील भड़क गए। सैकड़ों वकील न्यायालय परिसर में इकट्ठा हुए और आसिफ को मारने के लिए न्यायालय के गेट के बाहर खड़े हो गए।
रिजर्व पुलिस फोर्स बुलाया गया
वकीलों की बढ़ती संख्या देखते हुए 4.30 बजे पहले एम.जी. रोड थाने का पुलिस फोर्स बुलाया गया, लेकिन वकीलों के सामने पुलिस की संख्या कम थी। सेंट्रल कोतवाली और एक दो थानों का और पुलिस फोर्स बुलवाया गया। दो-तीन थानों के टी.आई. और ए.सी.पी भी मौके पर पहुंचे थे। फिर भी वकीलों की संख्या बढ़ती गई। आखिर में रिजर्व पुलिस फोर्स बुलाया गया।
वकीलों ने की लात घूंसे से पिटाई
वकीलों की संख्या देखकर समझाने के प्रयास किए गए। बाद में शाम 6 बजे बड़ी मुश्किल से पुलिस फोर्स ने जैसे तैसे आसिफ चौधरी को कोर्ट रुम से बाहर निकाला। पुलिस फोर्स के बीच वकील आरोपी आसिफ पर टूट पड़े और उसकी पिटाई कर दी। वकीलों के बीच से पुलिस उसे न्यायालय के मेन गेट के बाहर नहीं ला पाई। लात घूंसे से पिटाई होते हुए आसिफ को जैसे तैसे पुलिस दूसरी कोर्ट के अंदर ले गई।
पुलिस की गाड़ी के कांच टूटे
पुलिस द्वारा वकीलों से चर्चा की गई लेकिन वकीलों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा था। वकीलों का गुस्सा देखते हुए ए.सी.पी.और वरिष्ठ अधिकारियों ने वकीलों से फिर चर्चा की और 6.30 बजे आरोपी आसिफ को बाहर लेकर आए। आरोपी को देख वकील उस पर टूट पड़े। पुलिस जैसे तैसे उसे अपनी 100 डायल गाड़ी तक लेकर आई।
इस बीच वकीलों की मारपीट में पुलिस की गाड़ी के कांच भी फूट गए। बड़ी मुश्किल से पुलिस फोर्स आरोपी आसिफ को न्यायालय परिसर से बचा कर ले जा पाई। ए.सी.पी. ने इस बात पर वकीलों से आपत्ति ली की पुलिस की गाड़ी के कांच क्यों फोड़े।