लूवर म्यूजियम में फिल्मी चोरी: 7 मिनट में चोरों ने उड़ाए नेपोलियन युग के 8 शाही गहने, 900 करोड़ की लूट, हाई-सिक्योरिटी फेल

20 अक्टूबर 2025 की सुबह 9:30 बजे। फ्रांस की राजधानी पेरिस के मशहूर ‘लूवर म्यूजियम’ में टूरिस्ट्स की हल्की भीड़ जमा थी। लोग मोना लिसा की पेंटिंग और दूसरे खजानों को देखने के लिए लाइन में लगे थे।

तभी म्यूजियम के दक्षिण की तरफ एक शांत गली में एक काली वैन रुकी। चार शख्स काले कपड़े और मास्क लगाए वैन से बाहर निकले। दो म्यूजियम में दाखिल हुए और बिना कोई गोलीबारी या संघर्ष के महज 7 मिनट के अंदर 8 बेशकीमती गहने चोरी करके गायब हो गए।

आखिर हाई-प्रोफाइल सिक्योरिटी को चकमा देकर इतनी बड़ी चोरी कैसे हो गई, चोरी हुए गहनों की क्या कीमत है, ऐसे गहने चोर कहां बेचते हैं; जानेंगे आज के  में…

लूवर म्यूजियम में कौन सी बेशकीमती चीजें रखी हैं?

2. चोरों ने फिल्मी स्टाइल में म्यूजियम में चोरी कैसे की?

3. हाई-सिक्योरिटी वाले म्यूजियम में चोरी कैसे हो गई?

4. फ्रांस के म्यूजियम से क्या-क्या चोरी हुआ?

5. इन गहनों की इंटरनेशनल मार्केट में कितनी कीमत है?

6. इस तरह के बेशकीमती जेवरात चोर कहां बेचते हैं?

7. क्या फ्रांस के म्यूजियम में ऐसी चोरी पहले भी हुई है?

8. फ्रांस की पुलिस की जांच कहां तक पहुंची?

सवाल-1: फ्रांस के लूवर म्यूजियम में कौन सी बेशकीमती चीजें रखी गई हैं?

जवाब: फ्रांस की राजधानी पेरिस में सीन नदी के

किनारे बना हुआ है लूवर म्यूजियम। यह दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे मशहूर आर्ट म्यूजियम है। पहले यह फ्रांस के राजाओं का राजमहल हुआ करता था। 1793 में फ्रांसीसी क्रांति के दौरान इसे जनता के लिए म्यूजियम में बदल दिया गया।

यहां करीब 35,000 से ज्यादा ऐतिहासिक आर्टीफैक्ट्स यानी कलाकृतियां रखी गई हैं, जो प्राचीन इजिप्ट, ग्रीक, रोमन, इस्लामी और यूरोपीय सभ्यताओं से जुड़ी हैं।

लूवर म्यूजियम दुनिया के सबसे बिजी म्यूजियम में से एक है। यहां हर साल लगभग 80 लाख लोग आते हैं।

फ्रांस के सम्राट रहे नेपोलियन के युग की रानियों के बेशकीमती जेवर, कलाकृतियां, दुनिया की सबसे मशहूर ‘लियोनार्डो दा विंची’ की मोनालिसा पेंटिंग भी इसी म्यूजियम में है।

इसके अलावा यहां ग्रीक देवी एफ्रोडाइट की मूर्ति ‘वीनस डी मिलो’, यूनानी विजय की देवी की पंखों वाली मूर्ति ‘समोथ्रेस की नाइकी’ और नेपोलियन की ताजपोशी दिखाती जैक्स-लुई डेविड की ऐतिहासिक पेंटिंग भी डिस्प्ले की गई है।

म्यूजियम में इजिप्ट की प्राचीन ममी, मूर्तियों और कब्रों से मिली हजारों साल पुरानी चीजें भी रखी हैं।

सवाल-2: चोरों ने फिल्मी स्टाइल में म्यूजियम में चोरी को कैसे अंजाम दिया?

जवाब: म्यूजियम सुबह 9 बजे खुल चुका था। चोरों ने

म्यूजियम के दक्षिण की तरफ अपनी वैन रोकी, इसमें एक फर्नीचर लिफ्ट यानी एक एक्सटेंडेबल सीढ़ी थी, जिसे लोग घर का सामान वगैरह हटाने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

दो चोर सीढ़ी पर चढ़े और दूसरी मंजिल की बालकनी तक पहुंचे। उनके पास औजारों का एक झोला भी था। दोनों ने एंगल ग्राइंडर और पावर टूल्स निकाले और कुछ सेकेंड्स में खिड़की तोड़कर म्यूजियम के अपोलो गैलरी में घुस गए। इसी गैलरी में फ्रेंच शाही परिवार के जवाहरात रखे थे।

इसी सीढ़ी से चोर म्यूजियम की बालकनी तक पहुंचे थे।

उनके टारगेट पर नेपोलियन की पत्नी क्वीन मैरी-लुईस का हार और इयररिंग्स, नेपोलियन थर्ड की पत्नी क्वीन यूजेनी का मुकुट और मैरी-एमिली का बेशकीमती नीलम का हार था।

चोरों ने कुल 8 बेशकीमती गहने बैग में भर लिए। हालांकि जल्दबाजी में यूजेनी का 1,354 हीरों वाला मुकुट और 60 मिलियन डॉलर की कीमत का 140.64 कैरेट का रीजेंट डायमंड फर्श पर छूट गया। दोनों चोर 4 मिनट तक अंदर रहे।

वो उसी टूटी खिड़की से लिफ्ट तक वापस आए। नीचे वैन को आग लगाने की कोशिश की, ताकि सबूत मिट जाए। इसके बाद चारों चोर दो बाइक पर सवार होकर सीन नदी के आसपास की गलियों में गायब हो गए।

चोरी की पूरी वारदात को महज 7 मिनट के अंदर अंजाम दिया गया। इतने कम समय में किसी को कोई शक होने का भी मौका नहीं मिला। चोरों के निकलने के ठीक बाद म्यूजियम में सायरन बजा। गार्ड्स दौड़े, लेकिन तब तक चोर गायब हो चुके थे।

सवाल-3: आखिर हाई-सिक्योरिटी वाले म्यूजियम में इतनी आसानी से चोरी कैसे हो गई?

जवाब: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीन बड़ी वजहों से चोर आसानी से चोरी करके निकल गए…

1. म्यूजियम में सिक्योरिटी गार्ड्स की तादाद कम लूवर म्यूजियम में सुरक्षा गार्ड होते हैं, जो गैलरी में घूमते रहते हैं और आने वाले लोगों की निगरानी करते हैं। हालांकि म्यूजियम में लंबे समय से स्टाफ की कमी बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 15 सालों में म्यूजियम में लगभग 2,000 कर्मचारियों में से करीब 200 पद घटा दिए गए हैं। जून के महीने में स्टाफ की हड़ताल के चलते एक दिन म्यूजियम देर से खोला गया था।

2. जहां चोरी हुई, वहां एक कमरे में कैमरा नहीं था

म्यूजियम की गैलरियों में CCTV और सेंसर-अलार्म लगे हैं। जबकि शाही गहनों को हाई सिक्योरिटी डिस्प्ले केस में रखा जाता है। इनमें सेंसर और लॉक लगे होते हैं। म्यूजियम में हर जगह पर्याप्त सर्विलांस नहीं था। फ्रांसीसी मीडिया के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने

3. म्यूजियम में मरम्मत का काम चल रहा था

म्यूजियम में एंट्री और बाहर निकलने के लिए कड़ा चेक-इन सिस्टम है। हालांकि इमारत के कुछ हिस्सों का इन्फ्रास्ट्रक्चर पुराना है। जनवरी 2025 में म्यूजियम के अधिकारियों ने फ्रांसीसी सरकार से पुरानी हॉल्स की मरम्मत के लिए कहा था।

इसके बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 800 मिलियन यूरो के बजट से ‘लूवर न्यू रिनेसां’ प्रोजेक्ट के तहत म्यूजियम के पूर्वी हिस्से में एक नया एंट्री गेट और नई गैलरी बनाए जाने की घोषणा की थी। इसके चलते म्यूजियम में काम चल रहा था। इसके चलते वर्कर्स का आना-जाना जारी था। गार्ड्स चोरों की एक्टिविटी पर ध्यान नहीं दे पाए।

सवाल-4: फ्रांस के म्यूजियम से क्या-क्या चोरी हुआ?

जवाब: म्यूजियम से फ्रांस की रानियों के 8 ऐतिहासिक और बेशकीमती गहने चोरी हुए हैं…

इनमें क्वीन मैरी-एमिली और क्वीन हॉर्टेंस के तीन गहने- एक मुकुट, एक हार और एक कान का झुमका था। क्वीन एमिली की शादी 1809 में फ्रांस के राजा लुई फिलिप से हुई और वह 1830 से 1848 तक फ्रांस की रानी रहीं।

क्वीन हॉर्टेंस 1804 से 1814 तक फ्रांस के शासक रहे नेपोलियन प्रथम की सौतेली बेटी और 1806 से 1810 तक हॉलैंड के सम्राट रहे लुई बोनापार्ट की पत्नी थीं।

नेपोलियन प्रथम की दूसरी पत्नी क्वीन मैरी-लुईस के तीन आभूषण चोरी हुए। इनमें एक पन्ने का हार, एक पन्ने का झुमका और एक कपड़ों पर लगाया जाने वाला ब्रोच था। जो हार चोरी हुए, उनमें 8 बेशकीमती पन्ने और 631 हीरे जड़े थे।

इसके अलावा क्वीन हॉटेंस के बेटे नेपोलियन थर्ड की तीसरी पत्नी, महारानी यूजेनी का एक करीब 2000 हीरों का एक मुकुट और एक ब्रोच चोरी हो गया। क्वीन यूजेनी का सोने, पन्ना और हीरे से ताज म्यूजियम के बाहर मिला, जो शायद भागने के दौरान चोरों से छूट गया था। इसमें 1,354 हीरे और 56 पन्ने जड़े हैं।

मैरी-लुईस का हार और झुमका, क्वीन यूजनी का ब्रोच, मुकुट, हार और झुमके। निचली लाइन में महारानी यूजनी का ब्रोच और मुकुट ।

सवाल-5: चोरी हुए गहनों की इंटरनेशनल मार्केट में कितनी कीमत है?

जवाब: लूवर म्यूजियम से चुराए गए 8 जेवरात फ्रांस

के नेपोलियन युग के शाही कलेक्शन का हिस्सा हैं। फ्रांस के इंटीरियर मिनिस्टर लॉरेंट नुनेज ने कहा कि ये जेवरात फ्रांस की ऐतिहासिक धरोहर हैं, ये प्राइसलेस यानी अनमोल हैं। इनकी कल्चरल और ऐतिहासिक वैल्यू पैसे से मापी नहीं जा सकती। इन्हें बेचना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है।

हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें जो मटेरियल लगा है, उसकी वैल्यू के आधार पर इनकी इंटरनेशनल मार्केट में कीमत कम से कम 500 से 900 करोड़ रुपए तक हो सकती है। सिर्फ क्वीन यूजेनी के डेकोरेटिव ब्रोच की वैल्यू करीब 6.72 मिलियन यूरो यानी करीब 58 करोड़ रुपए बताई गई है। लूवर म्यूजियम ने 2018 में इसे प्रतीकात्मक तौर पर इस कीमत में खरीदा था।

क्वीन यूजेनी के डेकोरेटिव ब्रोच।

सवाल-6: आखिर इस तरह के बेशकीमती जेवरात चोर कहां बेचते हैं?

जवाब: इस तरह के जेवरात कानूनी तौर पर बाजार में नहीं बिकते, इसलिए चोर इन्हें ब्लैक मार्केट में बेचने की कोशिश करते हैं।

अमेरिका के आर्ट रिकवरी इंटरनेशनल के संस्थापक आर्ट क्राइम एक्सपर्ट्स वर्नन रैप्ले और क्रिस्टोफर मरिनेलो के अनुसार, चोरी का मकसद इनकी आर्ट वैल्यू नहीं, बल्कि मटेरियल वैल्यू पाना होता है, इसके लिए चोर हीरों को नए शेप में दोबारा काटकर बेचते हैं। हालांकि हीरों को रीकट करके बेचने से इनकी वैल्यू घट सकती है।

इस तरह के नायाब जेवरातों को तीन तरह के लोग खरीद सकते हैं…

1. अंडरवर्ल्ड या प्राइवेट कलेक्टर्सः ये अमीर खरीदार चोरी-छिपे शाही या ऐतिहासिक गहनों को स्टेटस सिंबल और निवेश मानते हैं। वे इन्हें प्राइवेट वॉल्ट या छुपे हुए जगह में रखते हैं। कभी-कभी आइटम को री-कट कर पहचान मिटा देते हैं, ताकि बाद में बेचना आसान हो। इससे पैसा और शो-ऑफ दोनों मकसद पूरे होते हैं।

करते हैं। रूस, कोलंबिया या एशिया के ड्रग कार्टेल्स इन्हें लोन या डील्स में यूज कर सकते हैं।

3. जेवरातों के डीलर्स और री-कटर्स: जेवरातों के

डीलर्स खुद ही इनकी खरीद कर सकते हैं। ये लोग अवैध तरीके से लाए गए गहनों को तोड़कर हीरों को अलग कर देते हैं। इसके बाद इन्हें रीकट करके ब्लैक-मार्केट में बेच दिया जाता है।

सवाल-6: क्या फ्रांस के म्यूजियम में ऐसी चोरी पहले भी हुई है?

जवाब: लूवर म्यूजियम में चोरी का एक लंबा इतिहास रहा है…

1911 में म्यूजियम में काम करने वाले एक शख्स ने मोनालिसा की पेंटिंग चुरा ली थी। दो साल बाद शख्स को गिरफ्तार कर के पेंटिंग बरामद कर ली गई।

1956 में एक शख्स ने मोनालिसा की पेंटिंग पर पत्थर फेंका था, जिससे पेंट उखड़ गया था। जिसके बाद पेंटिंग को ग्लास के अंदर रखा जाने लगा।

1998 में कैमिली कोरोट की 19वीं सदी की एक पेंटिंग ‘ले चेमिन डे सेव्रेस’ चोरी हो गई थी, जो आज तक नहीं मिली। इस घटना के बाद म्यूजियम की सिक्योरिटी बढ़ाई गई थी।

इसके अलावा नवंबर 2024 में फ्रांस के पेरिस में कॉग्राक-जे म्यूजियम से सात ऐतिहासिक आर्टीफैक्ट्स चोरी हो गए थे। हालांकि कुछ दिन पहले पांच आइटम्स बरामद कर लिए गए।

पिछले महीने ही चोरों ने फ्रांस के लिमोजेस शहर में स्थित ‘एड्रियन डुबोचे म्यूजियम’ से 11 मिलियन डॉलर की चीनी मिट्टी की ऐतिहासिक आर्टीफैक्ट्स चुरा ली थीं।

विन्सेन्जो पेरुग्गिया की तस्वीर और उंगलियों के निशान, जिसने 1911 में लूवर से मोनालिसा चुराई थी।

सवाल-8: क्या फ्रांस की पुलिस और फोर्सेज चोरों को पकड़ पाएंगी?

जवाब: पेरिस प्रशासन ने जांच का जिम्मा बैंडिटरी रिप्रेशन ब्रिग्रेड यानी BRB नाम की खास पुलिस यूनिट को सौंपा है, जो हाई-प्रोफाइल डकैतियों के मामले देखती है।

BRB ने 2016 में अमेरिका की मशहूर मॉडल और टीवी एक्ट्रेस किम कार्दशियन मामले की जांच की थी, जब पेरिस के चोरों ने उनकी 4 मिलियन डॉलर की सगाई की अंगूठी चुरा ली थी। हाल ही में फ्रांस में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वाले कई करोड़पति इन्वेस्टर्स के अपहरण हुए, इन मामलों की जांच भी BRB कर रही है।

BRB में लगभग 100 ट्रेंड एजेंट हैं, जिनमें से कई ऑफिसर्स म्यूजियम में चोरी की घटनाओं के मामले में एक्सपर्ट हैं। BRB वीडियो फुटेज, फोन रिकॉर्ड और फोरेंसिक सबूतों के आधार पर जांच कर रही है।

हालांकि अब तक चोरों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया पर कहा कि ये हमारी विरासत पर हमला है। हम आर्टीफैक्ट्स को वापस लाएंगे और अपराधियों को सजा दिलाएंगे। इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।

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