
अमेरिका की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी जीप ने भारत में अपनी पहली ‘मेड इन इंडिया’ Jeep Wrangler SUV को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इसका इंट्रोडक्टरी प्राइस 53.90 लाख (एक्स-शोरूम) रुपये रखा है. 5-सीटर ऑफ-रोडर यह SUV अब भारत में सेमी नॉक्ड डाउन यूनिट के तौर पर लॉन्च की गई है जो पहले सीकेडी या कहें तो पूरी तरह आयातित रूप में देश में आती थी. भारत में 2021 जीप रैंगलर की असेंबली पिछले महीने महाराष्ट्र में पुणे के नज़दीक स्थित रंजनगांव प्लांट में शुरू की गई है और इसी समय से कंपनी ने नई SUV के लिए प्री-बुकिंग भी शुरू कर दी थी.
भारतीय बाज़ार में फीएट क्राइस्लर की विस्तार नीति के अंतर्गत नई रैंगलर को लॉन्च किया गया है. कंपनी ने इस कार के लिए 250 मिलियन डॉलर का निवेश किया है जहां अगले दो साल में जीप ब्रांड की 4 नई SUV भारत में लॉन्च करने का प्लान बनाया गया है. जहां रंजनगांव प्लांट स पहला उत्पाद 2021 जीप कम्पस रही, वहीं दूसरे उत्पाद के रूप में नई रैंगलर सामने आई है. इसके अलावा आगामी दो और उत्पादों में तीन पंक्ति वाली जीप SUV और नई जनरेशन ग्रैंड चिरोकी शामिल हैं.
2021 जीप रैंगलर को 2 वेरिएंट्स – अनलिमिटेड और रुबिकॉन में उपलब्ध कराया गया है. घरेलू उत्पादन वाली नई रैंगलर के साथ सिग्नेचर 7-स्लैट ग्रिल के साथ गोल एलईडी हैडलैंप्स, फैंडर पर लगे साइड इंडिकेटर्स, 18-इंच अलॉय व्हील्स, फॉग लैंप्स, एलईडी टेललाइट्स और पिछले दरवाज़े पर लगे स्पेयर व्हील के साथ और बहुत कुछ दिया गया है. जीप इंडिया ने नई SUV के छत और दरवाज़ों को अलग करने का विकल्प भी दिया है.
केबिन की बात करें तो नई रैंगलर को काफी बदला गया है जिसमें अब नया डैशबोर्ड और सेंट्रल कंसोल दिया गया है. SUV के साथ 8.4-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ ऐप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो दिया गया है, इसके अलावा यूकनेक्ट 4सी एनएवी कनेक्टेड तकनीक भी नई रैंगलर में दी गई है. SUV के बाकी फीचर्स में पुश स्टार्ट/स्टॉप, डुअल-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल, प्रिमियम लैदर अपहोल्स्ट्री और पेसिव कीलेस एंट्री जैसे कई फीचर्स दिए गए हैं.
नई रैंगलर में कंपनी ने 2.0-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन लगाया है जो 262 बीएचपी ताकत और 400 एनएम पीक टॉर्क पैदा करने की क्षमता रखता है. कंपनी ने SUV के इस इंजन को 8-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से लैस किया है. जीप की नई रैंगलर नए सेलेक-ट्रैक फुल-टाइम 4डब्ल्यूडी ड्राइव सिस्टम में आती है जो ट्रैक्शन स्लिप को भांपने वाले सेंसर्स के साथ मिलकर काम करता है.