
रूस में फंसे युवाओं ने वीडियो बनाकर बचाने की गुहार लगाई है।
भारतीय युवाओं को रूस भेजकर कथित रूप से युद्ध लड़ने के लिए मजबूर करने के मामले में मध्यप्रदेश का नाम भी जुड़ गया है। मामले की जांच कर रही CBI के मुताबिक, युवकों को रूस भेजने वाली संस्था आरएएस ओवरसीज सर्विसेज का मालिक सुयश मुकुट धार का रहने वाला है। सुयश की मां अनीता मुकुट धार नगर पालिका में वार्ड क्रमांक-4 से भाजपा पार्षद हैं, जबकि पिता रमाकांत मुकुट निजी अस्पताल में डॉक्टर हैं।
CBI की तरफ से बताया गया कि जांच एजेंसी ने देशभर में चल रहे बड़े मानव तस्करी नेटवकों का भंडाफोड़ किया है। विदेश में आकर्षक नौकरी दिलाने का वादा कर कुछ युवाओं को रूस पहुंचाया। रूस पहुंचने के बाद इनको जबरन युद्ध के मोर्चे पर तैनात कर दिया गया। कुछ युवा गंभीर रूप से घायल हो गए। मामले के संज्ञान में आने के बाद CBI ने 6 मार्च को मानव तस्करी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
इसके बाद दिल्ली, तिरुवनंतपुरम, मुंबई, अंबाला, चंडीगढ़, मदुरै और चेन्नई समेत कई शहरों में करीब 13 स्थानों पर एक साथ रेड मारी गई। इन छापों में 50 लाख रुपए से ज्यादा कैश, लैपटॉप, मोबाइल, सीसीटीवी फुटेज जैसी सामग्री जब्त की गई। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया।
सुयश मुकुट ने 180 लोगों को भेजा रूस
आरएएस ओवरसीज सर्विसेज का दफ्तर दिल्ली में है। इसके संचालक सुयश मुकुट पर आरोप है कि उसने 180 लोगों को रूस भेजा। इनमें से अधिकतर लोग स्टूडेंट वीजा पर भेजे गए। CBI के मुताबिक, युवकों को झांसा दिया गया था कि उन्हें रूस की यूनिवर्सिटी में दाखिला दिलाया जाएगा। जहां कोर्स पूरा करने के बाद वे अच्छी जॉब हासिल कर पाएंगे।
कांग्रेस बोली- युवाओं को ठगने में लगी भाजपा
सुयश का भाजपा कनेक्शन सामने आने के बाद कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, ‘सुयश मुकुट की संस्था आरएएस ओवरसीज फाउंडेशन ने 180 युवाओं को रूस भेजा। जब वे रूस पहुंचे तो उन्हें जबरन युद्ध में धकेल दिया गया। कई भारतीय युवकों की मौत की खबर भी आई है। पीएम मोदी से लेकर भाजपा का हर नेता युवाओं को ठगने और झांसा देने में लगा है। यह देश के युवाओं के साथ अन्याय है।’

कांग्रेस ने X पर पोस्ट करते हुए भाजपा को घेरा।
परिवार ने नहीं उठाया फोन
सुयश मुकुट का परिवार धार की सिल्वर हिल कॉलोनी में रहता है। उसकी मां अनीता मुकुट को करीब एक साल पहले नगर पालिका चुनाव में भाजपा का टिकट मिला था। चुनाव प्रचार के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय भी पहुंचे थे।
भास्कर ने इस बारे में सुयश की मां और पिता से संपर्क करने की कोशिश भी की, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया।