वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मिले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा, धर्म और न्याय पर चर्चा, कर्म को पूजा और पद को सेवा का माध्यम मानने का मिला संदेश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया। पद संभालने से पहले हुई इस मुलाकात में धर्म और न्याय पर चर्चा हुई। प्रेमानंद महाराज ने जस्टिस सचदेवा को धर्म को न्याय से जोड़ने और लोगों की सेवा करने की सलाह दी, साथ ही कर्म को पूजा बनाने का महत्व समझाया।

मथुरा: प्रेमानंद महाराज के चाहने वालों की संख्या बड़ी तादाद में है। रात में प्रेमानंद महाराज जब पदयात्रा निकालते हैं तो बड़ी संख्या में लोग वृंदावन में जुटते हैं। कुछ दिनों पहले ब्रजेश पाठक ने प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया था। इस बीच, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा वृंदावन में स्वामी प्रेमानंद महाराज से मिले। पद संभालने से पहले उन्होंने महाराज से मुलाकात की। इस मुलाकात में धर्म और न्याय पर चर्चा हुई। स्वामी प्रेमानंद महाराज ने जस्टिस सचदेवा को धर्म को न्याय से जोड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भगवान ने जो पद दिया है, वह लोगों की सेवा करने के लिए है।

जस्टिस संजीव सचदेवा ने चीफ जस्टिस का पद संभालने से पहले वृंदावन जाकर स्वामी प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया। दोनों के बीच धर्म और न्याय के महत्व पर बातचीत हुई। प्रेमानंद महाराज ने जस्टिस सचदेवा को बताया कि धर्म का पालन करने से ही रक्षा होती है।प्रेमानंद महाराज ने कहा, “धर्मो रक्षति, रक्षितः, जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। अगर हम धर्म का पालन करेंगे, तो धर्म हमारी रक्षा करेगा। उन्होंने आगे कहा कि मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य भगवद् प्राप्ति है। भगवान ने हमें जो भी पद दिया है, वह लोगों की सेवा करने के लिए है।

प्रेमानंद महाराज ने जस्टिस सचदेवा को कर्म को पूजा बनाने की बात समझाई। उन्होंने कहा कि अगर हम अपने कर्म को धर्म समझकर करेंगे, तो निश्चित रूप से आगे बढ़ेंगे। जब हम डर या लालच में आकर कोई काम करते हैं, तभी हमें नुकसान होता है। इससे समाज को भी दुख होता है। हमें अपने अधिकारों के अनुसार काम करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान प्रसन्न होंगे।

प्रेमानंद महाराज ने चीफ जस्टिस से कहा कि मनुष्य जीवन का मुख्य लक्ष्य भगवान को पाना है। उन्होंने कहा कि ये पद और वैभव हमेशा नहीं रहेंगे। ये सब कुछ समय के लिए ही है। हमें हमेशा आनंद में रहना चाहिए और अपने रास्ते से नहीं भटकना चाहिए।

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