
आलोट। ग्राम खारवाकलां में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान रामायण मंचन में हनुमान का किरदार निभाने वाले 13 वर्षीय मंगल जरेलाल बालक पिता डांगी निवासी खारवाकलां का बीती रात निधन हो गया। रात करीब 3 बजे मंगल की तबीयत खराब हुई। पिता उसे निजी अस्पताल ले गए। वहां से उन्हें शासकीय अस्पताल भेजा गया। फिर नागदा ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। मंगल सातवीं कक्षा का छात्र था और शासकीय स्कूल में पढ़ाई करता था। रात 3 बजे उसे हिचकी आई और तबीयत बिगड़ गई। सबकुछ इतना अचानक हो गया कि कोई कुछ समझ ही नहीं पाया और देखते देखते ही मासूम बालक सबको छोड़कर चला गया। कहीं नाकहीं यह घटना एक बार फिर अच्छे स्वास्थ्य सुविधा की पोल खोलती हुई दिखाई देती है। अगर समय पर सही उपचार अस्पताल में ही मिल जाता तो आज मंगल इस तरह सभी से हमेशा प्र के लिए दूर नहीं होता। डॉक्टर ने हार्ट अटैक की प्रारंभिक आशंका जताई है। ये दीगर बात है कि समय पर उसका इलाज हो जाता तो शायद वह बच सकता था। वहीं एक सवाल और नि उठता है कि अगर उसे हृदयाघात हुआ है तो इतनी कम उम्र में अटैक आना किस ओर संकेत करता है। वैसे डॉक्टरों का कहना कि इतनी कम उम्र में अटैक नहीं आ सकता है लेकिन शव परीक्षण में तबीगन बिगड़ने से मौत होना बताया गया है। ग्रामीणों का कहना है बालक बिल्कुल ठीक था शाम को उसे घबराहट हुई उसके बाद तबीयत बिगड़ी और रात्रि में 3 बजे उसे हिचकी आई। उसे निजी और शासकीय अस्पताल लाया गए लेकिन मंगल को बचाया नहीं जा सका।