
मध्यप्रदेश के शिवपुरी की जिस छात्रा ने राजस्थान के कोटा से खुद के अपहरण की साजिश रची, उसका कनेक्शन इंदौर से निकला है। छात्रा किडनैप नहीं हुई, बल्कि दोस्त के साथ गई थी। इसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है।
20 साल की काव्या धाकड़ पहले इंदौर पढ़ने आई थी। कुछ छात्रों से अनबन के बाद पिता उसे वापस शिवपुरी ले गए। बाद में नीट की तैयारी के लिए कोटा भेजा। कोटा पुलिस का दावा है कि यहां लड़की सिर्फ अगस्त 2023 में तीन दिन के लिए मां के साथ आई थी। मां के लौटने के बाद वह वापस इंदौर अपने दोस्त के पास आ गई थी। जब भी घर से फोन आते तो वह माता-पिता को कहती रही कि वह कोटा में पढ़ रही है।
गुरुवार सुबह पुलिस को काव्या और हर्षित की लोकेशन निमाड़ इलाके में मिली। पुलिस सुबह से इलाके में तलाश के लिए जुट गई है।
7 दिन पहले भी छात्रा को भंवरकुआं में देखा गया था
भंवरकुआं की कोचिंग के आसपास के छात्रों और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक छात्रा को 7 दिन पहले भी उसे कुछ लड़कों के साथ देखा था। इसके एक महीने पहले भी वह नजर आई थी, लेकिन वह कोचिंग छोड़ चुकी थी, इसलिए उसका किसी से ज्यादा संपर्क नहीं था। वह क्लास में भी ज्यादा बातचीत नहीं करती थी। बाहर जरूर कुछ लड़कों के साथ वह घूमती रहती थी। पढ़ाई में भी सामान्य ही थी।
सिम जयपुर से खरीदी और सिर्फ 2 घंटे ही चलाई
कोटा एसपी के मुताबिक छात्रा के पकड़े गए साथी से पूछताछ में सामने आया कि छात्रा मंगलवार रात तक इंदौर में ही थी। 17 मार्च को छात्रा जयपुर में थी। छात्रा के पिता के मुताबिक जिस नंबर से फिरौती का कॉल आया था वह सिम भी जयपुर से ही खरीदी गई थी। वह 18 मार्च को दोपहर 3.30 बजे से 5 बजे तक ही एक्टिव रही। इसी दौरान उन्होंने फिरौती मांगी थी। इसके बाद उस नंबर पर कॉल नहीं लगा।”
इस घटना के पहले भी पिता के पास आ चुके है धमकी भरे कॉल
छात्रा के पिता रघुवीर धाकड़ ने भी भास्कर से बातचीत में बताया कि 2022 और 2023 में अप्रैल तक बेटी इंदौर में भंवरकुआं क्षेत्र में रहकर राइबोसोम इंस्टिट्यूट से नीट की कोचिंग कर रही थी, लेकिन यहां कुछ आवारा युवकों से परेशान होकर उसे अप्रैल 2023 में उसे घर बुला लिया था। भंवरकुआं थाने में आवेदन देकर परेशान करने वाले युवक रिंकू धाकड़ को भी सबक सिखवा दिया था। उसने इससे खुन्नस खाकर अपने दोस्त विजेंद्र यादव, हर्षित यादव और अनुराग सोनी को बेटी का नंबर देकर जाल में फंसाया। ये तीनों लड़के बेटी के शिवपुरी आने के बाद भी उसे परेशान करते थे। मेरे पास भी एक बार इनका 20 हजार रुपए देने के लिए कॉल आया था। इनमें दो युवक सागर जिले के रहने वाले हैं और एक जबलपुर जिले का है। वहीं रिंकू हमारे ही क्षेत्र का था। ये इंदौर गलत कामों और नशे में लिप्त थे। मैंने बेटी का वह मोबाइल नंबर भी बंद करवा दिया था, जिससे वे परेशान करते थे। लेकिन बैंक खातों से अटैच होने के कारण उस नंबर को मैंने दोबारा पोर्ट करवाकर चालू कर लिया। यही मेरी बड़ी गलती हो गई। अप्रैल से अगस्त तक बेटी घर में ही रही। 3 सितंबर को ही उसे कोटा शिफ्ट किया था।
2022 से अप्रैल 2023 तक इंदौर में ही रही छात्रा
पिता के मुताबिक नीट की कोचिंग के लिए बेटी को इंदौर भेजा था। भंवरकुआं क्षेत्र में वह रिद्धि-सिद्धि होस्टल में एक अन्य छात्रा के साथ रहती थी। जब युवकों से परेशान किया तो उसका होस्टल भी बदल दिया था, लेकिन बेटी के भविष्य को देखते हुए उसे घर बुला लिया और कोटा शिफ्ट कर दिया था। इसके बाद मां से उसकी बात होती थी। मुझे यह पता नहीं कि वह इंदौर में किसके संपर्क में थी।
राइबोसोम कोचिंग के संचालक सुधीर काग के मुताबिक छात्रा का एडमिशन 2022 और 2023 बैच में हुआ था। करीब 2 साल तक संस्थान में उनसे पढ़ाई की। इस दौरान छात्रा का व्यवहार अच्छा ही रहा, कभी किसी तरह की शिकायत नहीं आई।
देर शाम वायरल हुआ था वीडियो
छापामारी के बीच बुधवार शाम एक वीडियो वायरल हुआ था। यह इंदौर का बताया गया। इसमें दो युवक आपस में बात करते नजर आ रहे थे। उसमें से एक युवक गेट का दरवाजा खटखटाता है। उसके बाद युवती वहां से निकल कर युवक के पीछे जाती दिखाई दे रही है। वायरल वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।