महाकाल मंदिर में अवैध वसूली के आरोपियों को जेल भेजने के बाद एक और बड़ा खुलासा हुआ है। 10 आरोपियों में से एक आरोपी एड्स पीड़ित निकला। जानकारी लगने के बाद जेल प्रशासन ने उसके बेहतर इलाज और उसे विशेष निगरानी में रखने की व्यवस्था की है।
दर्शन के नाम पर अवैध वसूली के मामले में अब तक 14 लोगों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। जिसमें मंदिर के कर्मचारी सहित मीडियाकर्मी और ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल है। जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि जेल मेनुअल के तहत सभी आरोपियों की जरुरी जांच की जाती है। ये जाँच पुलिस ही जेल आने वाले सभी आरोपियों की करवाकर भेजती हैं। ताकि जांच में गंभीर बीमारी होने पर उन्हें उचित इलाज मिल सके।
एहतियात के तौर पर HIV की जांच भी की जाती है। इसकी रिपोर्ट आने पर पता चला की मंदिर मामले के पकड़े गए 10 कर्मचारियों में से एक HIV पीड़ित है। जेल में उस एक आरोपी को जांच में एड्स की बीमारी निकली हैं। ऐसे में उक्त आरोपी को जेल के अलग बैरक में डॉक्टर की निगरानी में रखा गया हैं।
बड़ा सवाल बिना जांच के कैसे काम करता रहा कर्मचारी
महाकाल मंदिर समिति में 306 कर्मचारी काम कर रहे थे। मंदिर में कई प्रशासक और अध्यक्ष बदले गए लेकिन आज तक किसी भी कर्मचारी का मेडिकल जांच नहीं की गई। उसी का नतीजा है कि जो आरोपी एड्स पीड़ित निकला है वो कई वर्षों से महाकाल मंदिर में कार्य करता रहा।