राजगढ़ के कालीपीठ रोड स्थित बाबा रामदेव मंदिर में शुक्रवार को अचानक तनावपूर्ण स्थिति बन गई। महंत कैलाश गिरी (52) अपने कमरे से सामान निकाले जाने से आहत होकर मंदिर के लगभग 100 फीट ऊंचे शिखर पर चढ़ गए और हाथ में ध्वज लेकर करीब तीन घंटे तक बैठे रहे।
घटना की सूचना मिलते ही मंदिर परिसर में भीड़ जमा हो गई और कोतवाली पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। महंत का कहना था कि कमरे पर लगे ताले को खोले बिना और सामान वापस रखे बिना वे नीचे नहीं उतरेंगे।
महंत के बेटे संजू तंवर के अनुसार, कैलाश गिरी 2003 से बाबा रामदेव की ध्वजा लेकर जंगल में तपस्या कर रहे थे। 2018 में मंदिर निर्माण के बाद से परिवार मंदिर परिसर में रह रहा है। शुक्रवार सुबह महंत राजगढ़ गए हुए थे, तभी कुछ लोगों ने उनका सामान बाहर निकालकर कमरे में ताला जड़ दिया। आरोप है कि संबंधित लोगों का कहना था- कमरे में केवल पुजारी रहेंगे, बाकी को स्थान खाली करना होगा।
