
20 साल बाद अफगानिस्तान में वो युद्ध खत्म हो गया है जो अमेरिका ने 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमलों के बाद शुरू किया था. इस देश का भविष्य अब क्या होगा, उसके बस कयास ही लगाए जा सकते हैं लेकिन अमेरिकी सैनिकों ने अब इस देश को पूरी तरह से छोड़ दिया है. अफगानिस्तान छोड़ने वाले अमेरिका के आखिरी सैनिक क्रिस डोनाहुए हैं, जिनकी तस्वीरा वायरल हो रही है। वह अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिविजन के कमांडर हैं। सोमवार को C-17 ग्लोबमास्टर विमान में सवार होकर अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट से निकले। देश से बाहर निकलने वाले वह आखिरी अमेरिकी सैनिक थे। इसके साथ ही अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना का दो दशक से लंबा अभियान समाप्त हो गया है।
जनरल क्रिस डोनाहुए की तस्वीर शेयर करते हुए अमेरिकी रक्षा विभाग ने ट्वीट किया, ‘अफगानिस्तान से अमेरिका के आखिरी सैनिक के तौर पर मेजर जनरल क्रिस डोनाहुए निकले हैं। वह 82वीं एयरबोर्न डिविजन के कमांडिंग जनरल हैं। यूएस एयरफोर्स सी-17 विमान में सवार होकर वह निकले। इसके साथ ही काबुल में अमेरिका का मिशन समाप्त हो गया।’ इसी विमान में रॉस विल्सन भी सवार थे, जो अफगानिस्तान में अमेरिका के राजदूत रहे हैं। अमेरिका ने सैनिकों की वापसी के साथ ही अपने वादे को पूरा किया है, जिसके तहत उसने 31 अगस्त तक अपने सभी सैनिकों की वापसी की बात कही थी।
बीते दिनों ब्रिटेन समेत नाटो के कई देशों ने अमेरिका से सैनिकों को कुछ और दिन रोकने की गुजारिश की थी, लेकिन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इससे इनकार कर दिया था। अफगानिस्तान में दो दशक तक चले संघर्ष में अमेरिका को लाखों डॉलर का खर्च उठाना पड़ा है। इसके अलावा उसके 2,400 सैनिकों की जान भी इसमें गई है। अमेरिकी सेनाओं की एंट्री अफगानिस्तान में 2001 में हुई थी। 9/11 आतंकी हमलों के बाद अमेरिकी सेनाओं की एंट्री हुई थी, जिसके बाद ओसामा बिन लादेन को मार गिराने जैसी बड़ी कामयाबी भी मिली थी।