देवास जिले में साइबर ठगी के 11 आरोपियों से थाने के अंदर लाखों रुपए कैश लेकर उन्हें थाने से ही जमानत देने के मामले में एसपी ने दो एसआई (सब इंस्पेक्टर) को सस्पेंड कर दिया। एसपी पुनीत गेहलोद ने कमलापुर थाना प्रभारी उपेंद्र नाहर और चापड़ा पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी राकेश नरवरिया के खिलाफ गुरुवार को ये कार्रवाई की।
दोनों अफसरों पर आरोप है कि इन्होंने आरोपियों से बड़ी रकम लेकर कार्रवाई से बचाने का प्रयास किया। इस मामले में एक महिला अफसर की भूमिका भी संदिग्ध है। वह इंदौर में पदस्थ रही है। उन पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
जांच के डर से छुट्टी पर गया एसआई कमलापुर थाना प्रभारी और चापड़ा के चौकी प्रभारी को एसपी ने तीन दिन पहले लाइनअटैच किया था। थाना प्रभारी उपेन्द्र नाहर को कन्नौज थाने में भेजा गया था। लेकिन यहां विभागीय जांच के डर से वह थाने पर पहुंचा ही नहीं।
इसके बाद सिक लीव लेकर चला गया। एसपी को जब जानकारी लगी तो उन्होंने दोनों को सस्पेंड करने के आदेश दिए। एसपी ने आगे की जांच का जिम्मा एएसपी कन्नौद सौम्या जैन को सौंपा है।

सीनियर अफसरों को भी करते रहे गुमराह इस मामले में विदिशा, इंदौर सहित अन्य जगहों से करीब 11 लड़कों को कमलापुर चौकी पर उपेंद्र नाहर लेकर आए थे। दूसरे दिन सभी लड़कों से थाने में कैश बुलवाया गया। पकड़े लड़कों के साथ कुछ वकील भी पहुंचे थे। लेनदेन के बाद जमानत दे दी।
इस मामले में वरिष्ठ अफसरों को एसआई उपेंद्र गुमराह करते रहे। उन्हें साइबर ठगी को लेकर सही जानकारी भी नहीं दी। इस मामले में पीड़ित पक्ष को भी रुपए जब्त नहीं होने की बात करते हुए मामले में कोर्ट से कार्रवाई होने की बात का हवाला देकर रवाना किया गया
सोशल मीडिया पर सिवनी जैसे कांड का मैसेज देवास में सोशल मीडिया पर सिवनी जैसे कांड को लेकर मैसेज वायरल हुआ, जिसमें लाखों रुपए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और दोनों एसआई द्वारा लिए जाने की बात कही गई। मामले को एसपी ने गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की।
