TMC में शामिल होने के बाद यशवंत सिन्‍हा का दावा- कंधार कांड में बंधकों के बदले खुद को सौंपने को तैयार थीं ममता

पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस  का दामन थाम लिया। वह साल 2018 में भारतीय जनता पार्टी  से अलग हो गए थे। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सिन्‍हा ने मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी का साथ देने का फैसला किया। सदस्‍यता ग्रहण करने के बाद उन्‍होंने एक कंधार विमान अपहरण कांड से जुड़ा एक दावा किया। सिन्‍हा ने कहा कि ममता ने उस दौरान बंधकों के बदले खुद बंधक बनने का प्रस्‍ताव दिया था।

उन्होंने आज कहा, “मैंने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उनके (ममता बनर्जी) के साथ काम किया है. मैं आपको बता सकता हूं कि वह शुरू से ही एक फाइटर रही हैं और अभी भी फाइटर हैं.”

उन्होंने कहा, “मैं आज आपको बताना चाहता हूं कि जब इंडियन एयरलाइंस के विमान को कंधार में अपहरण कर रखा गया था, तब कैबिनेट में भारतीयों को बदले में छोड़ने की शर्त पर चर्चा हुई थी. तब ममताजी ने खुद को बंधक बनाने की पेशकश की थी, ताकि भारतीयों को छोड़ा जा सके. देशवासियों के लिए वह बलिदान देने को तैयार थीं.”

तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय, डेरेक-ओ ब्रायन और सुब्रत मुखर्जी की मौजूदगी में पार्टी मुख्यालय में शामिल होने से पहले यशवंत सिन्हा ने आज कोलकाता के कालीघाट स्थित घर जाकर ममता बनर्जी से मुलाकात की.

बता दें कि 1999 में जब काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडियन एयरलाइंस के विमान IC 814 का अपहरण कर लिया गया था, तब ममता बनर्जी वाजपेयी सरकार में रेल मंत्री थीं. बंधकों की रिहाई के बदले मसूद अजहर समेत तीन कुख्यात आंतकियों को सौंपने की वजह से वाजपेयी सरकार की बाद में खूब आलोचना हुई थी.

विमान अपहरण संकट तभी समाप्त हुआ था, जब भारत ने तीन आतंकवादियों मुश्ताक अहमद ज़रगर, अहमद उमर सईद शेख और मसूद अजहर को रिहा कर दिया था. बाद में शेख और अजहर ने पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या और 2008 के मुंबई आतंकी हमले जैसी घटनाओं को अंजाम दिया था.

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