
पांचवें मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज़ की याद में ताजमहल बनवाया था जो आज भी दोनों के प्यार की दास्तां कहता है। वहीं अपनी बीवी से बेपनाह प्यार करने वाला एक शख्स भले ही ताजमहल न बना सका लेकिन उसने अपना घर वैसा जरूर बना दिया। मध्य प्रदेश में एक शख्स ने आगरा के मशहूर ताजमहल की प्रतिकृति को आलीशान घर के तौर पर बनाकर पत्नी को गिफ्ट दिया है। शख्स द्वारा बनवाया गया घर देखने में हूबहू ताजमहल जैसा ही लग रहा है। मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर बुरहानपुर के निवासी आनंद प्रकाश के अनुसार वो लंबे समय से इस घर को बनाने का सोच रहे थे. वहीं आज उनका ये सपना सच हो गया है. ये घर उन्होंने अपनी पत्नी मंजूषा के लिए बनाया है. इस घर में 4 बेडरूम, एक किचन, एक लाइब्रेरी और एक मेडिटेशन रूम हैं. इस घर को बनाने में 3 साल का समय लगा है. इतना ही नहीं इसे बनाने के लिए कई राज्यों के कारीगरों से मदद ली गई है. तब जाकर ये तैयार हुआ है.

इस घर को बनाने से पहले आनंद चौकसे अपनी पत्नी के साथ पहले ताजमहल भी गए थे. वहां जाकर उन्होंने बारीकी से ताजमहल का अध्ययन किया. वहीं वापस आकर आनंद प्रकाश चौकसे ने ये घर बनाने की जिम्मेदारी कंसलटिंग इंजीनियर प्रवीण चौकसे को सौंपी.

प्रवीण चौकसे के अनुसार आनंद चौकसे ने उन्हें काफी कठिन काम सौंपा और ताजमहल जैसा मकान बनाने को कहा. स्वंय आनंद चौकसे और उनकी पत्नी मंजूषा चौकसे आगरा गए और वहां जाकर ताज महल को देखा. फिर इंजीनियरों को ताजमहल जैसा ही घर बनाने को कहा. इंजीनियर प्रवीण चौकसे भी खुद आगरा गए और ताजमहल के क्षेत्रफल की बारिकियों को देखा.

प्रवीण चौकसे के मुताबिक घर का क्षेत्रफल 90X90 का है. बेसिक स्ट्रक्चर 60X60 का है. डोम 29 फीट ऊंची है. घर की नक्काशी करने के लिए बंगाल और इंदौर के कारीगरों को बुलाया गया था. जबकि घर की फ्लोरिंग राजस्थान के मकराना के कारीगरों ने की है. घर में लगा फर्नीचर सूरत और मुंबई के कारीगरों ने तैयार किया है. आगरा के उत्कृष्ट कारीगरों की मदद भी इस घर को बनाने के लिए ली गई है.
अल्ट्रा टेक ने इस घर को इंडियन कंस्ट्रक्टिंग अल्ट्राटेक आउट स्टैंडिंग स्ट्रक्चर ऑफ एमपी का अवार्ड भी दिया है. बुरहानपुर आने वाले पर्यटक आनंद प्रकाश चौकसे के घर को जरूर देखने आते हैं और इस घर को देखकर बोलते हैं वाह क्या ताज है.