Mia Khalifa ने किसान आंदोलन को लेकर किया ये ऐलान -भारतीय सितारों ने भी कही अपनी बात

   

देश में किसान आंदोलन ने अब दुनिया भर के लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। इंटरनैशनल पॉप स्टार रिहाना के बाद अब मिया खलीफा भी इस मैदान में उतर आई हैं। मिया खलीफा ने भी दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन पर ट्वीट किया है। मिया खलीफा ने किसान आंदोलन  को लेकर खुल्लम-खुल्ला ऐलान कर दिया है और किसानों के साथ अपना समर्थन दिया है. बता दें कि आज लगातार विदेशी हस्तियों के ट्वीट आ रहे हैं और वह किसान आंदोलन को लेकर अपना समर्थन जता रहे हैं. किसान आंदोलन को लेकर कई इलाकों में इंटरनेट बैन है, ऐसे में इसे लेकर हस्तियां ट्वीट कर रही हैं. अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना और सोशल एक्टिविस्ट ग्रेटा थर्नबर्ग ने ट्वीट किए थे. लेकिन अब मिया खलीफा ने भी भारतीय किसानों के साथ खड़े होने की बात कही है.

मिया खलीफा का ट्वीट भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. मिया खलीफा ने दो ट्वीट किए हैं. उन्होंने किसान आंदोलन  को लेकर ट्वीट किया है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मानवाधिकार उल्लंघनों पर ये चल क्या रहा है? उन्होंने नई दिल्ली के आसपास के इलाकों में इंटरनेट काट दिया है?!’

मिया खलीफा  ने इस ट्वीट के बाद एक और ट्वीट किया और लिखा, ”पेड एक्टर्स…मुझे उम्मीद है कि पुरस्कारों के मौसम में उनकी अनदेखी कतई नहीं की जाएगी. मैं किसानों के साथ हूं…#FarmersProtest’

वैश्विक हस्तियों द्वारा इस मुद्दे को उठाने के बाद अब देश के अंदर भी एक सुर में आवाज उठ रही है कि यह मामला पूरी तरह से भारत का है और केवल इसपर बोलने का हक भारतीय लोगों का ही होना चाहिए. इस बात का समर्थन क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भी किया है.
किसान बिल के विरोध में किसानों का आंदोलन करीब 70 दिनों से जारी है. इस आंदोलन के समर्थन में अब विदेशी कलाकार भी उतर आए हैं. कल सिंगर रिहाना ने इसका सपोर्ट किया और उसके बादग्रेटा थनबर्ग जैसी कई हस्तियों ने इसके समर्थन में ट्वीट किया. अब पूर्व पोर्न स्टार मिया खलीफा ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है.

वैश्विक हस्तियों द्वारा इस मुद्दे को उठाने के बाद अब देश के अंदर भी एक सुर में आवाज उठ रही है कि यह मामला पूरी तरह से भारत का है और केवल इसपर बोलने का हक भारतीय लोगों का ही होना चाहिए. इस बात का समर्थन क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भी किया है.
सचिन तेंडुलकर ने ट्वीट किया,”भारत की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता है. बाहरी ताकतें दर्शक हो सकती हैं लेकिन प्रतिभागी नहीं. भारतीय भारत को जानते हैं और भारत के लिए फैसला ले सकते हैं. आइए एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रहें.”

किसने क्या कहा
भारत के खिलाफ प्रोपगेंडा का न बनें हिस्सा- अजय देवगन
इधर, बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन ने किसान आंदोलन के नाम पर विरोध करने वाले लोगों को आगाह करते हुए कहा कि वे किसी प्रोपगेंडा का हिस्सा ना बनें. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा- “”भारत या भारतीय नीतियों के खिलाफ किसी भी प्रोपगेंड का हिस्सा ना बनें. किसी अंतर्कलह के बिना यह महत्वपूर्ण है कि एक साथ खड़े रहें.”
सुनील शेट्टी बोले- आधी सच्चाई बेहद खतरनाक
एक्टर सुनील शेट्टी ने ट्वीट करते हुए कहा- “हमे पूरी चीजों को हमेशा व्यापक तौर पर देखना चाहिए क्योंकि आधी सच्चाई से ज्यादा खतरनाक और कुछ नहीं हो सकता है.” जबकि, करन जौहर ने लिखा है- हम मुश्किल वक्त में रह रहे हैं और इस वक्त की जरूरत है ये है हर मोड़ पर धैर्य बनाए रखे. एक साथ आएं और समाधान के लिए हर प्रयास करें- किसान भारत के रीढ की हड्डी हैं. हमें किसी को बांटने न दें.
अक्षय कुमार बोले- समाधान के हो रहे प्रयास
बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने कहा कि किसान हमारे देश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. उन्होंने आगे कहा कि मुद्दों के समाधान को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं. किसी की तरफ से मतभेद पैदा करने पर ध्यान देने की जगह आपसी समाधान का समर्थन किया जाना चाहिए.
विदेश मंत्रालय ने किया आगाह
गौरतलब है कि भारत ने किसानों के प्रदर्शन पर पॉप गायिका रिहाना सहित विदेशों की मशहूर हस्तियों एवं अन्य लोगों की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि प्रदर्शन के बारे में जल्दबाजी में टिप्पणी से पहले तथ्यों की जांच-परख की जानी चाहिए और सोशल मीडिया पर हैशटैग तथा सनसनीखेज टिप्पणियों की ललक न तो सही है और न ही जिम्मेदाराना है.
विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी पॉप गायिका रिहाना, स्वीडन की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग, अमेरिकी अभिनेत्री अमांडा केरनी, अमेरिकी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस सहित कई मशहूर हस्तियों ने भारत में किसानों के विरोध प्रदर्शन के बारे में ट्वीट किये हैं. मंत्रालय ने कहा है कि कुछ निहित स्वार्थी समूह प्रदर्शनों पर अपना एजेंडा थोपने का प्रयास कर रहे हैं और संसद में पूरी चर्चा के बाद पारित कृषि सुधारों के बारे में देश के कुछ हिस्सों में किसानों के बहुत ही छोटे वर्ग को कुछ आपत्तियां हैं.

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