मध्यप्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के एक विवादित बयान पर प्रदेशभर के तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने मोर्चा खोल दिया है। मंत्री ने सीहोर में एक महिला नायब तहसीलदार को सार्वजनिक मंच पर अपमानित करते हुए जिले से भगा देने की धमकी दी थी।
बयान के विरोध में सभी अधिकारी तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। वे कोई काम नहीं करेंगे। उन्होंने सरकारी वाट्सएप भी छोड़ दिया है। वे प्रदेशभर में कलेक्टरों को ज्ञापन सौंप रहे हैं।
राजस्व कामकाज पर पड़ेगा असर
13 से 15 जनवरी तक तहसीलदार और नायब तहसीलदार कामकाज नहीं करेंगे। इससे नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, और अन्य प्रशासनिक कार्य ठप होने की आशंका है। अधिकारी प्रशासनिक वाट्सएप ग्रुप से बाहर हो चुके हैं। वे निर्देशों का पालन करने से इनकार कर रहे हैं।
मंत्री के दो बयानों के बाद अफसरों में बढ़ी नाराजगी

प्रदेश में तहसीलदार दे रहे ज्ञापन, देखिए कुछ तस्वीरें







मंत्री राजस्व अधिकारियों को अपमानित कर रहे मध्यप्रदेश कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मंत्री वर्मा लगातार राजस्व अधिकारियों को अपमानित कर रहे हैं। दस जनवरी को सीहोर में एक महिला नायब तहसीलदार को सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहने और मंच से अपमानित करने के कारण विरोध कर रहे हैं।
मंत्री अगर किसी अधिकारी के काम से असंतुष्ट हैं। उसकी गलती हैं, तो वे तबादला कर सकते हैं। निलंबन कर सकते हैं। लेकिन इस तरह सार्वजनिक मंच से अपमानित करना ठीक नहीं है। धर्मेंद्र सिंह चौहान, मप्र कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ