इंदौर में : अपनी ही सरकार पर बरसे मंत्री विजयवर्गीय: बोले– 7 लाख पेड़ लगा चुके, लक्ष्य 51 लाख का, लेकिन वन विभाग बना अड़चन; इंदौर में नाइट नहीं, नशा कल्चर बन गया है

मप्र के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक बार फिर अपनी ही सरकार को घेर दिया। इस बार उनके निशाने पर वन विभाग था। नगर निगम द्वारा आयोजित पौधरोपण के एक कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने कहा कि वन विभाग से हमें सहयोग नहीं मिल रहा है, पौधे समय पर नहीं मिल पा रहे हैं।

मंच से मंत्री विजयवर्गीय ने सीएम से वन विभाग के अफसरों पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने मंच से बोलते हुए विजयवर्गीय ने आगे कहा कि अब तक हम 7 लाख पेड़ लगा चुके हैं। हमारा 51 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य है। लेकिन वन विभाग से उतना सहयोग नहीं मिल रहा जितना मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री जी से निवेदन करूंगा कि विदेश जाने से पहले वन विभाग वालों को निर्देश देकर जरूर जाएं।

बता दें कि नगर निगम इंदौर द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को एक वर्ष पूर्ण होने पर 12 जुलाई को रेवती रेंज पहाड़ी पर 20,000 पौधों का महापौधरोपण किया जाएगा। पिछले साल इसी जगह 12 लाख पौधे लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस वर्ष भी अभियान में स्कूल, कॉलेज, स्वयंसेवी संस्थाएं, आरडब्ल्यूए, एवं औद्योगिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

नगर निगम द्वारा आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में सीएम से चर्चा करते कैलाश विजयवर्गीय।

पहले भी दे चुके हैं कई बयान

21 सितंबर 2024 – गृह मंत्रालय को नशे के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से परदेसीपुरा पुलिस चौकी को चेतावनी देते हुए कहा- ‘तीन दिनों के अंदर नशे का कारोबार बंद होना चाहिए, नहीं तो चौथे दिन सख्त कदम उठाए जाएंगे। यदि किसी नेता का फोन नशा करने वाले या नशा बेचने वाले को छुड़ाने के लिए आता है, तो थाना प्रभारी सीधे मुझसे संपर्क करें। यहां तक कि अगर मंच पर बैठा कोई व्यक्ति भी इस अवैध धंधे में शामिल पाया जाता है, तो उसकी सिफारिश भी न मानी जाए।’

15 अक्टूबर 2024 – सीएम से कहा कि इंदौर में नशे के तार राजस्थान से जुड़े

इंदौर में फ्लाई ओवर के लोकार्पण के दौरान उन्होंने सीएम डॉ. मोहन यादव से कहा था- ‘इंदौर में नशे के कारोबार के तार राजस्थान के प्रतापगढ़ से जुड़े हैं। मुझे नाम भी पता है कि कौन लोग इस कारोबार के पीछे हैं। आप मुख्यमंत्री भी हैं और इंदौर के प्रभारी मंत्री भी हैं।

नशे के कारोबार पर नकेल के लिए आपको भोपाल से भी निर्देश जारी करना होंगे। भोपाल के अधिकारियों के माध्यम से राजस्थान पुलिस से संपर्क कर बड़ी कार्रवाई करनी होगी। अब तक आपने सिर्फ चोरों को पकड़ा है। इस कारोबार के चोरों की मां को भी पकड़िए। नहीं तो ये लोग इंदौर के युवाओं को बर्बाद कर देंगे।’

10 नवंबर 2023 – इंदौर का नया नाइट कल्चर नशा करने वालों का, मैं इसका विरोधी

नशे के जो शौकीन लोग हैं, मैं उनसे कहता हूं घर में पीयो। कमरे के अंदर पीओ। चौराहे पर मत झूमो। ये इंदौर की प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई बात है। दुनिया में कहीं नाइट कल्चर नहीं था, लेकिन हमारे यहां नाइट कल्चर (सराफा) था।

मैं 67 साल का हूं और बचपन से देख रहा हूं सराफा के नाइट कल्चर में लोग परिवार सहित आते हैं और जमकर खाते हैं।’ कांग्रेस ने उनके इस बयान पर आपत्ति ली है। इसके बाद 13 जुलाई 2024 को सरकार ने नाइट कल्चर पर पाबंदी लगाते हुए रात 11 बजे तक दुकानें बंद करने के आदेश जारी किए थे।

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सीएम ने 5 सेक्टरों को दिए 12 हजार 360 करोड़; इंदौर में 20 उद्योगपतियों से किया वन-टू-वन

इंदौर में उद्योगपतियों से वन टू वन चर्चा करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव।

इंदौर में शुक्रवार को आयोजित ‘मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ में सीएम डॉ. मोहन यादव ने 5 अलग- अलग सेक्टर को 12 हजार 360 करोड़ रुपए की सौगात दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में होटल, पर्यटन, रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों के प्रमुख निवेशकों से संवाद किया।

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