भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जबकि वर्तमान विधायक चुनाव लड़ें या नहीं, यह फैसला जनता पर छोड़ दिया है। विजयराघवगढ़ विधानसभा में 21 से 25 अगस्त तक वोटिंग प्रक्रिया चलेगी। 25 अगस्त को ही वोटों की गिनती शुरू होगी। वोटिंग का परिणाम तय करेगा कि विजयराघवगढ़ विधानसभा में प्रत्याशी कौन होगा?
50 प्रतिशत से कम मिला वोट तो नहीं लडूंगा चुनाव
विधायक संजय पाठक ने कहा वोटिंग के नतीजे तय करेंगे कि मैं चुनाव लडूंगा या नहीं। अगर 50 प्रतिशत से एक भी वोट कम मिलते हैं तो मैं चुनाव नहीं लडूंगा। गांव-गांव कार्यकर्ता मतदान प्रक्रिया पूरी कराएंगे। इस दौरान सोशल मीडिया और फेसबुक पर लाइव वोटिंग हो।
सेवा भाव बाबू जी से मिला-
बाबूजी हमेशा से आपके लिए सेवाभाव करते थे।विजयराघवगढ़ मेरा परिवार है। आपकी सेवा हमेशा से करता आया हूं और आगे भी करता रहूंगा। पद महत्वपूर्ण नहीं है। सेवाभाव जरूरी है। बाबूजी से हमने यही विरासत में पाया है।
जन आदेश के नाम से वोटिंग
क्या आप संजय सत्येंद्र पाठक को प्रधान सेवक बनाना चाहते हैं? हां और ना का विकल्प पर्ची में दिया गया है। वोटर अपनी पसंद पर निशान लगा सकेंगे। इसके बाद वोटर के नाखून पर स्याही लगा दी जाएगी। वोटिंग के दौरान सिर्फ एक बार ही वोट दिया जा सकेगा।
पार्टी आलाकमान तय करे
विधायक संजय पाठक ने बताया पद महत्वपूर्ण नहीं है। पार्टी आलाकमान जिसको चाहे टिकट दे। मुझे स्वीकार है। जनता तय करेगी मेरे भाग्य का फैसला। इन्होंने कहा कि अगर आपको लगे कि मैंने कोई काम नहीं किया तो आप मना कर देना।
जनादेश के लिए मतपेटियां रवाना
कार्यकर्ता जनादेश के लिए मतदान पेटियां लेकर रवाना हो गए हैं। गांव-गांव, बूथ स्तर पर कार्यकर्ता जाएंगे। पांच दिन तक मतदान होगा। इस मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। इसके बाद परिणाम घोषित होगा।