
मोदी, शाह, शिवराज और मध्यप्रदेश
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के बीस साल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए ताल ठोककर चुनौती दे दी है कि कांग्रेस में दम है तो अपने समय के करीब 45 साल का रिपोर्ट कार्ड प्रदेश की 9 करोड़ जनता के सामने पेश कर दे। इन बीस साल के 2003 से 2023 के समय में भी पंद्रह माह रही कांग्रेस सरकार को भी जनता ने देखा है। जिसमें गरीबों की योजनाओं को ही बंद कर गरीब कल्याण को अपाहिज करने का काम कमलनाथ ने किया है। भाजपा के गरीब कल्याण महाअभियान में मध्यप्रदेश के रिपोर्ट कार्ड (2003-2023) की पृष्ठभूमि में कांग्रेस है, जिस पर प्रदेश को बीमारू राज्य बनाने का आरोप है। रिपोर्ट कार्ड यह प्रमाण दे रहा है कि मध्यप्रदेश का समग्र विकास भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान ने किया है। अब राज्य बीमारू से बाहर आकर विकास की दौड़ में अव्वल है। मध्यप्रदेश के इस बेमिसाल विकास में 2014 में प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी की सरकार का मुख्य योगदान है। नरेंद्र मोदी ने मन खोलकर मध्यप्रदेश को दिया है। इससे पहले के दस साल केंद्र में रही यूपीए और कांग्रेस सरकार ने भी मध्यप्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार किया था। और इस रिपोर्ट का तीसरा पहलू यह है कि अमृतकाल यानि 2023 से 2047 तक भाजपा सरकार ही मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाकर रहेगी। अब मध्यप्रदेश को सम्पूर्ण आत्मनिर्भर बनाने का समय आ गया है। इस रिपोर्ट कार्ड की विशेषता यही है कि कुछ भी हवा हवाई नहीं, हर बात तथ्य और आंकड़ों के साथ शाह ने मध्यप्रदेश की 9 करोड़ आबादी के साथ साझा कर यह साबित करने का प्रयास किया है कि भाजपा सरकार ही भरोसेमंद है। और कांग्रेस भरोसा करने के लायक नहीं है। और यह दावा भी इसमें शामिल है कि आगामी लोकसभा चुनाव में अब प्रदेश में बाकी बची छिंदवाड़ा संसदीय सीट सहित सभी 29 लोकसभा सीट पर कमल खिलेगा। और विधानसभा चुनाव में अच्छे बहुमत के साथ भाजपा ही सरकार बनाएगी। फिर अमृतकाल में डबल इंजन की सरकार विकास में नया कमाल दिखाएगी। और चुनौती यह है कि तथ्यों और आंकड़ों सहित प्रदेश में करीब 45 साल के कांग्रेस शासन के रिपोर्ट कार्ड सहित बंटाढार और कमलनाथ जनता के सामने आएं। तब जनता खुद ही फैसला सुना देगी।
शाह ने भोपाल के इस दौरे ने यह भी साफ कर दिया है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ घोटालों की लंबी फेहरिस्त है। इसमें जांच की प्रक्रिया भी जारी है। और अगर जरूरत पड़ी तो जांच तेज गति से भी हो सकती है। यानि कि नाथ पर शिकंजा कसा तो कोई आश्चर्य की बात नहीं माने प्रदेश की 9 करोड़ आबादी। तथ्यों सहित दावा किया कि मध्य प्रदेश प्रगति के सभी क्षेत्रों में आगे है। भोपाल से लेकर हर चौपाल तक विकास हुआ है। मध्यप्रदेश में हॉलिस्टिक एप्रोच से कार्य हुआ है। मध्यप्रदेश को देश के विकसित राज्यों में पहुँचाने का प्रयास किया गया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश को प्रगति की ओर उन्मुख राज्य बनाया है। मध्यप्रदेश जो कभी बंटाढार माना जाता था, आज वह हर क्षेत्र में बुलंदियों पर खड़ा है। आज विकास की दृष्टि से हर पैरामीटर में मध्यप्रदेश आगे दिखाई देता है, जिसे कभी बर्बाद कर राइट ऑफ किया गया था। आजादी के अमृतकाल में सतत् विकास की ओर अग्रसर होना है। बीमारू राज्य से बेमिसाल राज्य बनने वाले मध्यप्रदेश ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है।
मध्यप्रदेश का गठन वर्ष 1956 में हुआ।वर्ष 1980 में आर्थिक क्षेत्र के विशेषज्ञ आशीष बोस ने तत्कालीन प्रधानमंत्री को एक प्रतिवेदन दिया था जिसमें अविभाजित मध्यप्रदेश सहित, उत्तरप्रदेश, बिहार और राजस्थान को बीमारु राज्य कहा गया था। तब इन राज्यों को देश की ग्रोथ में बाधा मानते हुए कहा गया था कि इन राज्यों में सुधार आसान नहीं है। पर मध्यप्रदेश ने इस टैग को खत्म किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को बीमारु राज्य से मुक्ति मिली है। प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में सफलता मिली है। चाहे कृषि का क्षेत्र हो, युवाओं को स्वभाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई की सुविधा देने का प्रश्न हो, महिलाओं का कल्याण हो, सड़क, पानी, बिजली का क्षेत्र हो, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र हो, गरीबों को योजनाओं का लाभ दिलवाने का कार्य हो, सभी में मध्यप्रदेश ने बीस वर्ष में उल्लेखनीय कार्य किया है। आम जनता के हित में कार्य कर मध्यप्रदेश बेमिसाल राज्य बना। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और सुशासन के साथ मजबूत कानून व्यवस्था से प्रदेश में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिला है। मध्यप्रदेश में प्रत्येक योजना के निचले स्तर तक क्रियान्वयन की मजबूत नींव पर विकास और जन-कल्याण की इमारत खड़ी की गई है। मध्यप्रदेश गरीबी से लोगों को मुक्ति दिलवाने में सबसे आगे है।
शाह ने अहसास कराया कि प्रधानमंत्री मोदी के भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थ-व्यवस्था बनाने और नए भारत के निर्माण करने के संकल्प में मध्यप्रदेश जैसे राज्य सहयोगी हैं। शिवराज ने स्वीकारा कि मध्यप्रदेश के विकास को नई गति, नई दिशा प्राप्त हुई और दोगुनी गति से मध्यप्रदेश ने विकास किया। मध्यप्रदेश राष्ट्रीय विकास दर से तेज गति से प्रगति कर रहा है। प्रदेश की आर्थिक विकास दर 16 प्रतिशत से अधिक है। तो शाह ने प्रमाण दिया कि देश में यदि गत दस वर्ष में 10 प्रतिशत आबादी गरीबी के चक्र से बाहर निकली है तो उसमें मध्यप्रदेश का सर्वाधिक योगदान है। मोदी ने एक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का, संपूर्ण विकसित भारत के निर्माण का बीड़ा उठाया है। देश भर में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है। देश की अर्थ-व्यवस्था 11वें नंबर पर थी अब पाँचवें नंबर पर पहुँच चुकी है। लगभग 14 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ कर आ गए हैं।
तो रिपोर्ट कार्ड पेश करने आए शाह की कवायद का शाही सार यही है कि मध्यप्रदेश में विकास के पर्याय कोई हैं तो भाजपा, मोदी और शिवराज हैं। मध्यप्रदेश को बीमारू बनाने का काम कांग्रेस, बंटाढार और कमलनाथ ने किया है। आगे भी डबल इंजन की सरकार की दरकार मध्यप्रदेश को है। भाजपा परिवारवाद की बात करती है तो मतलब मल्कियत और पार्टी व सरकार पर एक ही परिवार के कब्जे से है। ऐसा परिवारवाद जहर है। तो जातिवाद भी जहर है जो कांग्रेस की देन है। अब चुनाव विकास के मुद्दे पर होना चाहिए। परफोर्मेंस की पॉलिटिक्स और गरीब कल्याण पर केंद्रित चुनाव होना चाहिए। और फिर वही बात कि मध्यप्रदेश का विकास यानि भाजपा, मोदी और शिवराज सरकार के काम और इसके अलावा और न दूसरा दल और न ही दूसरे दलों के नेता…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। दो पुस्तकों “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।