ट्रंप को आईना दिखा रहा मोजतबा खामेनेई का राष्ट्र के नाम संदेश… कौशल किशोर चतुर्वेदी

ट्रंप को आईना दिखा रहा मोजतबा खामेनेई का राष्ट्र के नाम संदेश…
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा कि ईरान पर उनकी तानाशाही पूरी दुनिया की तबाही को न्योता दे चुकी है। बहुत बड़ी बात नहीं है कि 13 दिन तक चला, यह युद्ध 13 महीने चलकर पूरी दुनिया में त्राहिमाम त्राहिमाम जैसे हालात पैदा कर दे। जिस तरह ईरान के नए नेता मोजतबा खामेनेई ने देश के नाम अपने पहले संदेश में जो तेवर दिखाए हैं, वह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आईना दिखा रहे हैं। नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का राष्ट्र के नाम पहला संदेश यही कह रहा है कि ‘शहीदों का व्यर्थ नहीं जाएगा बलिदान, बदला लेगा ईरान’, यानि कि ईरान अब बदले की आग में जल रहा है।
ईरान-इजरायल युद्ध को 13 दिन पूरे हो चुके हैं। 12 मार्च 2026 को ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने नए सर्वोच्च नेता बनने के बाद अपना पहला संदेश जारी किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकाने बंद होने चाहिए, अन्यथा उन पर हमले किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘ इस क्षेत्र में सभी अमेरिकी ठिकानों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।’ ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले बयान में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की मांग की है। यह बयान राज्य टेलीविजन पर एक समाचार एंकर द्वारा पढ़ा गया, जिसमें मोजतबा खामेनेई खुद कैमरे पर नहीं दिखे। अपने पिता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद हाल ही में सर्वोच्च नेता नियुक्त हुए मोजतबा ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका के खिलाफ दबाव के रूप में बंद रखना चाहिए।
मोजतबा खामेनेई ने मिडिल ईस्ट के पड़ोसी देशों पर हमलों को जारी रखने की बात कही और युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेने और दुश्मन से मुआवजा वसूलने का संकल्प लिया। साथ ही खामेनेई ने कहा मुआवजा नहीं मिला तो दुश्मन की संपत्ति से लिया जाएगा या उतनी ही तबाही मचाई जाएगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में तनाव चरम पर है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी युद्ध समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं। ईरान के वैध अधिकारों की मान्यता, भविष्य में हमलों की गारंटी और युद्ध क्षति का मुआवजा।
यानि कि ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर हमले नहीं रुकेंगे। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी बंद रहेगा। और हर मौत का बदला लेने के लिए ईरान संकल्पित है। जंग में दूसरे फ्रंट भी खोलने की तैयारी भी ईरान कर चुका है। खोमनेई ने कहा,’ हम किसी की शहादत नहीं भूलेंगे। हम हर मौत का बदला लेंगे हम अपने शहीदों के खून को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।’
मुद्दे की बात यही है कि ईरान अमेरिका युद्ध इतनी आसानी से बंद होने वाला नहीं है। वैश्विक महाशक्ति, रूस और यूक्रेन के युद्ध को चार दिन का युद्ध माना गया था, जो चार साल बाद भी जारी है। तबाही पर तबाही के बाद भी यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के साथ समझौता नहीं किया। खोमनेई के तेवर जेलेंस्की से 100 गुना
तीखे हैं। और ट्रंप ने भी अब यह महसूस कर लिया होगा कि ईरान अमेरिका के साथ पूरी दुनिया को तबाही के एक अलग दौर में लेकर जाने वाला है। मोजतबा खामेनेई राष्ट्र के नाम अपने पहले संदेश में सीधे ट्रंप को यही आईना दिखा रहे हैं…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं

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