देवास जिले में फर्जी एसडीएम बनकर अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। कांटाफोड़ पुलिस ने भाजपा नेत्री सरिता मालवीय और उसके साथी धीरज राठौर को गिरफ्तार किया है। दोनों सुंद्रेल गांव के रहने वाले हैं। दोनों कोर्ट मैरिज कर चुके हैं।
कांटाफोड़ थाना प्रभारी सुरेखा निमोदा ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से गाली-गलौज और मारपीट के 5-5 मामले दर्ज हैं। एसपी के आदेश पर कांटाफोड़ पुलिस की टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर बुधवार को देवास कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पीड़ित ने कांटाफोड़ थाने पर की शिकायत
नयापुरा घाटी के चिकन दुकानदार शैतान सिंह ने 19 फरवरी को कांटाफोड़ थाने पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को बताया कि 14 फरवरी को सरिता और धीरज कार से उनकी दुकान पर आए। धीरज ने कहा कि गाड़ी में एसडीएम मैडम हैं। आरोप लगाया कि दुकान में गाय का मांस बेचा जा रहा है। जबकि ऐसा कुछ नहीं था।
पीड़ित ने शिकायत में बताया कि मैं मुर्गे का मांस बेच रहा था, लाइसेंस दिखाने के बाद भी धमकाया और 10 हजार रुपए की मांग की। धीरज ने मेरी जेब से 5 हजार रुपए निकाल लिए। मुझे डराया कि पुलिस थाने में रिपोर्ट किया तो तुमको गाय का मांस बेचने के आरोप में फंसवा देंगे और चले गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों कांटाफोड़ और आष्टा क्षेत्र में कई बार इस तरह की धमकी देकर वसूली कर चुके हैं। हालांकि, ये मामले पहले कभी पुलिस तक नहीं पहुंचे।