
लोकसभा में होशंगाबाद सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने नदियों में रेत खनन पर चिंता जताई।
मध्यप्रदेश में नदियों से अवैध रेत खनन के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरता रहा है। हालांकि इस बार मप्र की लाइफलाइन कही जाने वाली नर्मदा नदी में अवैध रेत खनन और औद्योगिक ईकाईयों का वेस्ट नर्मदा में मिलने का मामला संसद में बीजेपी के सांसद ने उठाया है। उन्होंने कहा कि, गैरकानूनी तरीके से अत्यधिक रेत खनन के कारण नर्मदा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
सांसद चौधरी के संसद पर उठाए इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी पर निशाना साधा हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि, मप्र में 20 साल से BJP की सरकार है, पर किसी ने नर्मदा संरक्षण को गंभीरता से नही लिया। प्रदेश में जो रेत माफिया पनप रहा है, उसे भी बीजेपी के नेताओं और अफसरों का आश्रय हैं।
एमपी के साथ गुजरात की भी जीवनरेखा है नर्मदा नदी
होशंगाबाद से बीजेपी सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान नर्मदा नदी का मुद्दा उठाया। दर्शन सिंह ने सवाल से पहले नर्मदा मैया का जयकारा लगाया और कहा- जीवनदायिनी मां नर्मदा के संरक्षण की आज अति आवश्यकता है। नर्मदा नदी न केवल मध्य प्रदेश बल्कि गुजरात की जीवन रेखा है।
चौधरी ने कहा- न केवल धार्मिक व आर्थिक दृष्टि से भी मां नर्मदा का संरक्षण अति आवश्यक है बल्कि इसलिए भी जरूरी है क्योंकि देश की अधिकतम नदियां फ्रेश वाटर बॉडी, औद्योगिक प्रदूषण, अति उपभोग व संरक्षण के अभाव में ह्यूमन कंजप्शन के लिए अनफिट होती जा रही हैं।

नर्मदा के संरक्षण की योजना पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाएं”
होशंगाबाद सांसद ने आगे कहा, गैरकानूनी तरीके से अत्यधिक रेत खनन के कारण नर्मदा जी पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। मां नर्मदा के संरक्षण के लिए मैं जल मंत्रालय से निवेदन करता हूं कि सेंट्रल वाटर कमीशन के संसाधनों का उपयोग करके नर्मदा नदी के संरक्षण की योजना पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाई जाए।
इस रिपोर्ट में करंट स्टेटस ऑफ क्वालिटी ऑफ रिवर वॉटर, औद्योगिक क्षेत्र का कितना वेस्ट नर्मदा में डिस्चार्ज किया जा रहे है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट इंडस्ट्री जैसे सख्ती से उपाय किए जाएं जिससे नर्मदा का पानी फिट फॉर ह्यूमन कंजप्शन हो। उसमें लगने वाली राशि व कर में सरकार को प्राइवेट उद्योगों की भूमिका तय करनी चाहिए।

सांसद चौधरी ने कहा, साबरमती की तर्ज पर रिवर फ्रंट बनाया जाए
साबरमती की तर्ज पर रिवर फ्रंट बनाया जाए
सांसद चौधरी ने कहा- साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर नर्मदा पुरम में विश्व स्तरीय नर्मदा रिवर फ्रंट का विकास किया जाए। इस कार्य के लिए एक सीरियस पर्पज पर काम करने की जरूरत है। नर्मदा नदी विकास प्राधिकरण डेट बढ़ाकर इन संरक्षण के उपाय को करने के लिए एक इंस्टीट्यूशनल मेकेनिज्म बनाया जाए।
सांसद ने कहा- गोस्वामी तुलसीदास जी ने नर्मदा नदी के बारे में कहा है- “सिव प्रिय मैकल सैल सुता सी, सकल सिद्धि सुख संपति रासी।।” अर्थात- नर्मदा एकमात्र नदी है जिसकी परिक्रमा होती है जो न के मध्य को हर रही है इसलिए मां नर्मदा का लोग और नर्मदा पद की स्थापना करते हुए इसको संरक्षित किया जाए।
नेता प्रतिपक्ष बोले- 20 साल से BJP की सरकार है, किसी ने गंभीरता से नहीं लिया
होशंगाबाद सांसद के संसद में नर्मदा नदी प्रदूषण के उठाए मुद्दे के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, मप्र में 20 साल से BJP की सरकार है, पर किसी ने नर्मदा संरक्षण को गंभीरता से नही लिया। प्रदेश में जो रेत माफिया पनप रहा है, उसे भी बीजेपी के नेताओं और अफसरों का आश्रय है।
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने ट्वीट कर लिखा, नर्मदा संरक्षण न होने का आखिर दोषी कौन!
होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र के सांसद दर्शनसिंह चौधरी ने नर्मदा नदी के प्रदूषित होने को लेकर सदन में बात उठाई और इसे रोकने की मांग की! सांसद ने अवैध रेत खनन का मुद्दा उठाया और उसके कारण भी गिनाए! किसी BJP नेता ने नर्मदा की सुध ली, ये अच्छी बात है। लेकिन, वे भी जानते हैं कि इसका दोषी कौन है?
मध्यप्रदेश में 20 साल से BJP की सरकार है, पर किसी ने नर्मदा संरक्षण को गंभीरता से नही लिया। मध्यप्रदेश में जो रेत माफिया पनप रहा है, उसे भी BJP के नेताओं और अफसरों का प्रश्रय है।
यही नर्मदा के प्रदूषण और रेत उत्खनन का कारण है।
“नर्मदा की बर्बादी के दोषी आपकी पार्टी के नेता”
सिंघार ने आगे लिखा, दर्शनसिंह चौधरी जी यदि आपकी मांग पर कार्रवाई हो, तो नर्मदा की बर्बादी के दोषी आपकी पार्टी के नेता और सरकार ही निकलेगी। नर्मदा के प्रदूषण और उत्खनन के लिए जनता कतई जिम्मेदार नहीं है।
क्या आप अपनी ही पार्टी के नेताओं से इस्तीफा मांगेंगे, या फिर हमेशा की तरह लीपापोती करके खुद को पाक-साफ बताने का खेल खेलेंगे?
लेकिन, आपकी हिम्मत की दाद दी जाना चाहिए कि आपने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन तो किया। अब ये CM का काम है कि वे अपनी ही पार्टी के सांसद के उठाए मुद्दे पर कार्रवाई करें।