
Khandwa Fire News MP: मध्य प्रदेश के खंडवा में मशाल जुलूस के दौरान भीषण आग (Khandwa Fire) लगने से 30 से ज्यादा लोग झुलस गए हैं. यह घटना गुरुवार देर रात की है. आग भड़कने से भगदड़ के हालात बन गए. वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग तेजी से भाग रहे हैं. दरअसल, 26/11 के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित मशाल जुलूस में लोग शामिल हुए थे.
खंडवा भीषण आग की घटना में घायल लोगों को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया. मौके पर पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद हैं.
खंडवा-मशाल जुलूस मे भभकी आग,30 से ज्यादा लोग झुलसे, श्रद्धांजलि कार्यक्रम के समापन पर हुआ हादसा #khandwa pic.twitter.com/F9arNn0PVX
— Shaikh Shakeel (@ShaikhShakeel07) November 28, 2024
खंडवा एसपी मनोज राय ने बताया कि एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान यह हादसा हुआ. जब यह कार्यक्रम घंटाघर पर जब समाप्त हो रहा था, तब मशाल रखते समय कुछ मशाल उल्टी हो गई, जिसके कारण उसमें जो बुरादा और तेल था, उससे आसपास की मशालें भभक गई. इससे वहां घेरा बनाकर खड़े लोग झुलस गए.
आग की चपेट में आकर झुलसने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. लोगों के चेहरे और हाथ झुलसे हैं. 30 लोगों को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया. इनमें से 12 लोगों को भर्ती किया गया. बाकी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया. खंडवा हादसे में गनीमत रही की घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिस अमले की सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया. तुरंत स्थिति पर काबू पाया गया.
घटना के बाद तुरंत आसपास मौजूद लोग भी घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े. घरों से बाल्टी में पानी लेकर आग पर डालने लगे. तो वहीं महिलाएं और बच्चे इस आग में झुलसने के कारण तड़पते हुए बदहवास नजर आए, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया.
इसके अलावा, करीब दो दर्जन से अधिक लोग भगदड़ की वजह से घायल हुए थे, जो कि घटना के बाद अपने अपने घरों वापस चले गए. इस बीच पुलिस अमले के साथ बीजेपी से जुड़े कई नेता भी घायलों का हाल-चाल जानने जिला अस्पताल पहुंचे थे.
30 में से 18 घायल घर लौटे
खंडवा एसपी राय ने बताया कि इस हादसे के बाद जिला अस्पताल में 30 लोगों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था, जिनमें से 18 लोग अस्पताल से प्राथमिक उपचार मिलने के बाद अपने-अपने घर वापस चले गए. वहीं शेष बचे 12 लोगों का उपचार फिलहाल जिला अस्पताल के डॉक्टरों के द्वारा किया जा रहा है. इनमें से कोई भी घायल खतरे में नहीं है. सभी खतरे से बाहर हैं.