एमपी। जबलपुर में बेटे की मौत और वास्तुदोष का डर दिखाकर एक परिवार के साथ करोड़ों रुपए की ठगी – देखें VIDEO

 

आपके घर में वास्तु दोष है। बेटे की कुंडली में मृत्यु योग है। भूत-प्रेत का साया है। इस कारण काम नहीं हो पा रहे। पूजा नहीं करवाई, तो बेटे की मौत हो सकती है।’

जबलपुर में इस तरह का झांसा देकर तीन बदमाशों ने एक परिवार से एक करोड़ रुपए से ज्यादा ऐंठ लिए। आरोपियों ने एक मकान भी अपने नाम करा लिया। बदमाश पांच साल तक भूत-प्रेत का डर दिखाकर तंत्र-मंत्र का झांसा देते रहे। 9 जुलाई को तिलहरी के रहने वाले पीड़ित विजेंद्र बावत ने एसपी आदित्य प्रताप सिंह से शिकायत की।

एसपी ने गोराबाजार थाने में जांच के लिए कहा है। पता चला कि आरोपियों के खिलाफ पहले से कैंट और गोहलपुर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी समेत फरार हैं।

एक सप्ताह तक परिवार के बारे में जुटाई जानकारी

जबलपुर के तिलहरी में गुलाबचंद (77) अपने परिवार शकुंतला बातव (64) अपने बेटे विजेंद्र (43) और विक्की (41) के साथ रहते हैं। गुलाबचंद रेलवे से रिटायर्ड हैं। विजेंद्र और विक्की पेशे से प्रॉपर्टी डीलर हैं। क्षेत्र में उनकी बेशकीमती पुश्तैनी जमीन है। 2016 में वह जमीन बेचना चाहते थे। कुछ बिल्डर्स से बात भी हुई थी।

इस बीच, यह बात चंडाल भाटा के रहने वाले अरुण दुबे, वरुण दुबे और सचिन उपाध्याय को लगी। इनमें अरुण और वरुण सगे भाई हैं। तीनों ने परिवार को फंसाकर ठगने की साजिश रची। एक सप्ताह तक तीनों घर के आसपास घूमते रहे। परिवार के बारे में भी जानकारी जुटाई। फिर शुरू हुआ धोखाधड़ी का सिलसिला।

सोशल मीडिया पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज कर फंसाया

विजेंद्र ने बताया, ‘2016 जनवरी-फरवरी में मुख्य आरोपी अरुण दुबे ने मुझे सोशल मीडिया पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्ती की। दोनों की मैसेंजर में बात होने लगी। मैंने ही उसे बताया कि पॉश इलाके में जमीन है। उसे बेचना चाहते हैं। कई बिल्डरों से बात भी चल रही है, लेकिन फाइनल सौदा नहीं हो पा रहा। इस पर अरुण ने कहा- ‘मैं ज्योतिषी हूं। बता सकता हूं कि आपके घर में क्यों बाधा आ रही है। यह बात मैंने माता-पिता और छोटे भाई को बताई। मां ने अरुण को घर बुलाने के लिए कहा। मई 2016 में पहली बार मुख्य आरोपी अरुण अपने छोटे भाई वरुण और दोस्त सचिन के साथ पहली बार विजेंद्र के घर पहुंचा।’

बेटे की मौत और जमीन पर 14 प्रेत का डर दिखाया

‘तीनों आरोपियों ने काफी देर तक पूरा घर देखा। मां शकुंतला से कहा कि घर में वास्तुदोष है। आपके छोटे बेटे का भी मृत्यु योग दिख रहा है। कुछ ही साल बाद बेटे की मौत हो जाएगी। यह सुनकर शकुंतला डर गई।

 

समाधान पूछा, तो पूजा करने की बात कही। पूजा के नाम पर 10 हजार रुपए ले लिए। आधे घंटे की पूजा कर चले गए। इसके बाद हर तीन-चार दिन बाद बातव परिवार के घर आते-जाते रहे। भूत-प्रेत और वास्तुदोष के नाम पर कभी 20 हजार, 50 हजार तो कभी एक लाख रुपए ले जाते। एक दिन कहा कि घर के सभी लोगों को कुंडली बनाकर देखा जाएगा। इसके लिए दो लाख रुपए ले लिए। चार दिन बाद कुंडली लेकर घर पहुंचे। बताया कि जो जमीन है, उस पर 14 प्रेत हैं। जब तक वे रहेंगे, तब तक जमीन नहीं बिकेगी।

आरोपी बोले थे- दंडी स्वामी को देना होगा गुप्त दान

आरोपियों ने बातव परिवार को पूरी तरह विश्वास में ले चुके थे। विजेंद्र ने बताया, ‘साल 2017-18 में आरोपी अरुण ने मां से कहा कि जमीन में 14 प्रेत हैं, उन्हें शिफ्ट करने के बाद दूसरे मकान में भेजा जाएगा। दंडी स्वामी प्रेतों को निकालेंगे। उसके लिए गुप्त दान करना होगा। प्रेतों के लिए नया मकान देना होगा। अरुण ने ग्रीन सिटी के पास स्थित एक मकान को दंडी स्वामी और प्रेत के लिए दिलाने की बात कही। बातों में आकर दंडी स्वामी के लिए 45 लाख का मकान खरीदवा दिया। रजिस्ट्री वरुण दुबे के नाम करवा दी।

आरोपियों ने इस तरह डरा दिया कि गुप्तदान के बारे में किसी को बताया, तो सब बेअसर हो जाएगा। 14 प्रेत नहीं निकलेंगे। इस कारण किसी से कुछ नहीं बताया। वरुण दुबे यह कहकर मकान में रहने लगा कि कभी-कभी दंडी स्वामी यहां आते हैं। मैं उनकी सेवा के लिए रह रहा हूं। आरोपियों ने ग्वारीघाट पर बैठे साधुओं को भी पैसों का लालच दिया था। जिसे भी पूजा के लिए बुलाते, तो साधु से आशीर्वाद दिलवाकर कहते कि सब अच्छा होगा। इसके लिए भी पैसे लिया करते थे।

आरोपी बोले थे- छोटे बेटे के भाग्य में अकूत संपत्ति

विजेंद्र ने बताया, ‘साल 2016 से 2018 तक करीब 60 से 70 लाख रुपए चेक और नकदी ले चुके थे। एक दिन मां आरोपियों ने दंडी स्वामी का फर्जी लेटर बताया। कहा- पत्र में लिखा है कि आपका छोटा बेटा विक्की बातव के पास बहुत सारा पैसा आने वाला है। दुबई में उसका इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट का काम होगा। कई गुना तक पैसा आएगा। इसके लिए वरुण दुबे की बात्सया ओवरसीज कंपनी में पार्टनर बनना होगा। वरुण ने शकुंतला और विक्की को फर्जी कंपनी मेंं पार्टनर बना लिया। इसके ऐवज में 16 लाख रुपए का चेक ले लिया। कहा कि जल्द ही काम तेजी से चलेगा। दुबई में ही शिफ्ट हो जाओगे।

गिफ्ट में मांगी फॉर्च्यूनर कार

विजेंद्र का कहना है, आरोपियों ने फरवरी 2019 में कृषि उपज मंडी के पास स्थित गायत्री मंदिर से लगी जमीन दिखाई। बताया कि जमीन चौबे जी की है, जो दंडी महाराज के भक्त हैं। परिवार में कोई नहीं है। दंडी स्वामी के आदेश पर चौबे जी जमीन तुम्हारे नाम कर रहे हैं। इसके लिए दंडी स्वामी के लिए पिता के नाम पर फॉर्च्यूनर कार गिफ्ट करना होगा। कार में एक पुतला होगा। पुतला जिसे भी कार देना चाहे, उसे दे देना। यह भी गुप्त दान होगा। दिनभर तीनों कार में घूमते रहे।

समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो हुआ शक

विजेंद्र ने बताया, ‘साल 2022 तक करीब एक करोड़ रुपए देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो शक होने लगा। चौबे जी की जमीन की पड़ताल की, तो पता चला कि तीन में एक जमीन चौबे जी की है, जिनके परिवार में उनके बच्चे हैं, जबकि दो जमीन जैन पेट्रोल पंप वालों की है। ऐसे में ठगी का एहसास हो गया। यह बात पिता, मां और छोटे भाई को इस बारे में बताया, लेकिन तीनों को उस पर विश्वास नहीं हुआ। मैंने बातचीत बंद कर दी। तीनों आरोपियों को घर में आने से मना कर दिया।’

पूजा-पाठ के नाम पर आरोपी विजेंद्र और उसके परिवार से नकदी रुपए भी लेते रहे।

मां ने दी थी रिश्ता खत्म करने की धमकी’

विजेन्द्र का कहना है कि तीनों आरोपियों ने परिवार को इस कदर झांसे में ले लिया था कि मां-पिता और छोटा भाई उन पर आंख बंद कर विश्वास करते थे। मां शकुंतला ने मुझसे यहां तक कह दिया था कि अगर तीनों को फंसाया, तो हमारा यानी मां-बेटे का रिश्ता खत्म समझो। मैं उनके पक्ष में हूं। यही वजह थी कि मामले को लेकर डेढ़ साल तक शांत रहे। पुलिस में भी शिकायत नहीं की। इस दौरान माता-पिता और छोटा भाई लगातार आराेपियों के संपर्क में रहे।

मीडिया में खबर आई, तो शिकायत करने पहुंचे

विजेंद्र का कहना है कि कुछ दिन पहले मीडिया में तीनों आरोपियों के खिलाफ ठगी की खबर पढ़ी। इसके बाद थाने में जाकर जानकारी ली। पता चला कि अरुण दुबे, वरुण दुबे और सचिन उपाध्याय के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी का केस दर्ज है। पता चला कि भारत माता चौक के पास रहने वाले सिकंदर कनौजिया ने 2 जुलाई को कैंट थाने में तीनों के खिलाफ 14 लाख रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज करा रखा है। वहीं, शुभम गुप्ता नाम के शख्स ने भी 1 जुलाई को गोहलपुर थाने में तीनों आरोपियों पर साढ़े तीन लाख रुपए की ठगी का केस दर्ज कराया है। यह भी पता चला है कि आरोपी छत्तीसगढ़ में रहने वाले किसी सिंधी भाऊ के साथ भी ठगी कर चुके हैं। इसी के बाद 9 जुलाई को विजेंद्र ने एसपी से शिकायत की।

 

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