
IPS अनु बेनीवाल पर EWS का फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर नौकरी पाने का आरोप लग रहा है।
महाराष्ट्र कैडर की ट्रेनी IAS पूजा खेडकर फर्जी मेडिकल और कास्ट सर्टिफिकेट दिखाकर UPSC में रैंक हासिल करने को लेकर सुर्खियों में हैं। अब मध्यप्रदेश कैडर की ट्रेनी IPS अनु बेनीवाल को भी उनके पिता के नाम पर ट्रोल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर IPS संजय बेनीवाल को अनु का पिता बताया जा रहा है। EWS का फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर नौकरी पाने का आरोप भी लग रहा है।
अनु बेनीवाल से फाेन पर बात भी की। पता चला कि उनके पिता का नाम भी संजय बेनीवाल है। वे पेशे से किसान हैं। ये इत्तेफाक ही है कि IPS संजय बेनीवाल और अनु के पिता का नाम एक ही है। दोनों के बीच खून का कोई रिश्ता नहीं है। अनु बेनीवाल ने EWS सर्टिफिकेट के गलत इस्तेमाल की बात को भी खारिज किया है। उन्होंने मामले की शिकायत ग्वालियर साइबर सेल में भी की है।
खनन माफिया पर नकेल कसी थी
अनु बेनीवाल ग्वालियर के बिजौली थाने में बतौर एसएचओ पदस्थ थीं। इस दौरान उन्होंने खनन माफिया पर नकेल कसी। फिलहाल, हैदराबाद में ट्रेनिंग पर हैं। 30 अगस्त 2024 को ट्रेनिंग पूरी कर ग्वालियर में ही पदस्थ होकर आएंगी।
कौन हैं IPS अनु बेनीवाल

आरोप- IPS अधिकारी की बेटी, फर्जी सर्टिफिकेट लगाया
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट और UPSC 2022 परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों की सूची साझा की गई है। इस लिस्ट में अनु बेनीवाल के पिता का नाम संजय बेनीवाल लिखा है। आरोप लगाया गया है कि IPS अधिकारी की बेटी होने के बावजूद अनु बेनीवाल ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) कोटे का लाभ उठाकर UPSC एग्जाम दिया।
स्क्रीनशॉट में वर्दी पहने अनु को आईपीएस अधिकारियों की सूची वाली पट्टिका पर लिखे 1989 बैच के IPS संजय बेनीवाल के नाम की ओर इशारा करते दिखाया गया है। दावा किया गया कि ये अनु बेनीवाल के पिता हैं। लिस्ट में अनु बेनीवाल के नाम के आगे EWS कैटेगरी दिखाई गई है। पिता का नाम भी संजय बेनीवाल ही लिखा है।
हकीकत- अनु के पिता किसान, स्कूल तक नहीं गए
साल 2022 बैच की IPS अनु बेनीवाल ने फोन पर बताया, ‘मेरे पिता का नाम भी संजय बेनीवाल है, लेकिन वे आईपीएस ऑफिसर नहीं हैं। वे पेशे से किसान हैं। साधारण इंसान हैं। ठीक से स्कूल तक नहीं गए। वे काफी समय से दिल की बीमारी और कम सुनने की समस्या से पीड़ित हैं। मुझे मेरे मम्मी-पापा पर गर्व है। वो खुद स्कूल नहीं गए, लेकिन मेरा सपना पूरा करने में कसर नहीं छोड़ी। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं, इसके बावजूद मेरी खुशी के लिए मुस्कुराते रहे।’
अनु ने माता-पिता के साथ तस्वीरें भी शेयर की हैं। कई साल पहले अनु के पिता ने कुछ काम शुरू किया था, लेकिन बीमारी के कारण देखरेख नहीं कर सके। अनु के चाचा उनका काम संभालते थे। उनके पास खुद की कोई प्रॉपर्टी नहीं है।

IPS संजय बेनीवाल को पूरा गांव ताऊ कहता है
अनु बेनीवाल ने बताया, ‘मैं दिल्ली के पीतमपुरा गांव की रहने वाली हूं। इसी गांव से संजय सिंह आईपीएस हैं। यह इत्तेफाक है कि उनका और मेरे पिता का नाम समान है। उन्हें पूरा गांव ताऊ कहता है। इस नाते मैं भी उन्हें ताऊ पुकारती हूं।’
उन्होंने कहा कि हमारे गांव में सभी का सरनेम बेनीवाल है। IPS संजय बेनीवाल के साथ मेरा खून का रिश्ता नहीं है। वह मेरे रोल मॉडल जरूर हैं, क्योंकि उन्हीं से प्रेरणा लेकर मैंने UPSC का रास्ता चुना। आईपीएस बनने का फैसला किया था। वर्तमान में वो तिहाड़ जेल के डायरेक्टर जनरल हैं।’
लड़कियों के नाम के आगे बेनीवाल नहीं, कुमारी लिखते थे
IPS अनु बेनीवाल ने बताया, ‘मैं गांव की पहली लड़की हूं, जिसने ‘बेनीवाल’ सरनेम पाया है। गांव में यही सरनेम लिखते हैं, लेकिन लड़कियों के नाम के आगे कुमारी लिखा जाता है। यही प्रथा चली आ रही थी। मैंने इसके लिए लड़ाई की। अपने नाम के आगे बेनीवाल सरनेम जोड़ने की प्रथा शुरू की।’

माफिया पर नकेल कसी इसलिए कर रहे परेशान
अनु बेनीवाल का कहना है, ‘सोशल मीडिया पर कुछ लाेग बिना वजह ऐसी बातें कर रहे हैं। मेरे सिलेक्शन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इन आरोपों और पोस्ट से आहत हूं। कुछ लोग मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। इसकी शिकायत भी ग्वालियर साइबर सेल में की है।’
अनु ने बताया, ‘ग्वालियर में मैंने माफिया पर नकेल कसी। उसी का नतीजा है कि लोग परेशान कर रहे हैं। धमकी भरे मैसेज भी आते हैं। सोशल मीडिया पर मैसेज आते हैं और डिलीट कर दिए जाते हैं। कुछ के स्क्रीन शॉट्स ले लिए हैं। मैसेज में यही लिखा होता है कि क्या कर लेगी। कहां तक जाएगी। हम देखे लेंगे।’

