कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने वाले मप्र के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह की ‘चिकन पार्टी’ की फाइल वन विभाग ने बंद कर दी है। दरअसल, साल 2023 में विजय शाह ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में चिकन पार्टी की थी। इसके वीडियो उन्होंने खुद ही सोशल मीडिया पर अपलोड किए थे।
इस मामले शिकायत के बाद वन विभाग ने जांच की और रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी। जब वन विभाग के आला अधिकारियों से बात की तो उन्होंने माना कि मामला सही था, मगर वे ये नहीं बता सके कि इस मसले पर क्या कार्रवाई हुई? किसके खिलाफ एक्शन हुआ?
शिकायतकर्ता और एक्टिविस्ट अजय दुबे का आरोप है कि मामले की फाइल को दबा दिया गया है। पढ़िए क्या था पूरा मामला और किस तरह से जांच की गई थी?
क्या है सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में चिकन पार्टी का मामला

क्या था दोनों वीडियो में…?
शख्स बोला – आज हमने यहां एक्सपेंसिव लंच किया
शाह की पिकनिक के दो वीडियो सामने आए थे। पहले वीडियो में पूर्व मंत्री विजय शाह कहते दिखाई दिए- ‘सतपुड़ा के जंगल में पहली बार सबसे ऊंची चोटियों में से एक 4000 फीट की ऊंचाई पर आप देख रहे हैं ये सुंदर नजारा… जंगली सर्पीले रास्तों के बीच हम आपको दिखा रहे हैं चारों ओर का नजारा। यहां फॉरेस्ट का वाच टावर है।’
इस वीडियो में एक शख्स भी नजर आ रहा है। विजय शाह इस शख्स को तहसीम भाई कहकर बुलाते हैं। यह शख्स कहता है, ‘खूबसूरत जगह है। आज हमने यहां एक्सपेंसिव लंच किया है। दाल बाटी शानदार बनी। बहुत ही अच्छा प्रोग्राम, शानदार।’

खाना पका रहे लोग बोले- चिकन, भरता बन चुका
दूसरे वीडियो की शुरुआत में पहाड़ी पर दो प्राइवेट लग्जरी कारें दिख रही हैं। एक सरकारी गाड़ी भी है। फिर दो-तीन लोग खुले में पत्थर पर बनाए कच्चे चूल्हे पर खाना पकाते दिख रहे हैं। कंडे पर बाटी भी सिक रही हैं। विजय शाह उनसे पूछते हैं, क्या-क्या बना है? लोग कहते हैं, ‘चिकन, भरता बन चुका है।’ शाह फिर कहते हैं, ‘सही पिकनिक तो आज है।’

वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट ने की मामले की शिकायत
दोनों वीडियो को लेकर वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने तत्कालीन प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) असीम श्रीवास्तव को शिकायत की। उन्होंने शिकायत में लिखा-

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में फील्ड डायरेक्टर एल. कृष्णमूर्ति के संरक्षण में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन लगातार जारी है। फील्ड डायरेक्टर अक्सर VIP लोगों को नियम कानून तोड़कर सुविधाएं प्रदान करते हैं। पहले भी शिकायतें हुईं, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए।


मुझे स्थानीय सूत्रों ने बताया कि पिछले हफ्ते विधायक विजय शाह और उनके मित्र प्रतिबंधित पर्यटन क्षेत्र में बाघ देखने गए। वन विभाग की गाड़ियां बाघ के नजदीक लगाई गईं। यह गंभीर लापरवाही है। विधायक के स्वागत में रिजर्व एरिया में आग जलाकर चूल्हे में चिकन पकाया गया।

फील्ड डायरेक्टर को ही सौंपा जांच का जिम्मा
वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे की शिकायत पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) असीम श्रीवास्तव ने जांच की जिम्मेदारी फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमृर्ति को ही सौंप दी थी। फील्ड डायरेक्टर ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व ( STR) के डिप्टी डायरेक्टर संदीप फैलोज को जांच का जिम्मा सौंपा।
इसे लेकर शिकायतकर्ता अजय दुबे ने सवाल उठाए थे, क्योंकि दुबे ने अपनी शिकायत में फील्ड डायरेक्टर पर ही गंभीर आरोप लगाए थे। दुबे ने कहा था कि पूर्व मंत्री ने कोर एरिया में आग जलवाई। मांस पकवाया। यह बिना सीनियर अफसरों के संरक्षण के संभव नहीं था।
नर्मदापुरम में STR का कोई वरिष्ठ अफसर फील्ड डायरेक्टर के ऊपर नहीं था। जांच भोपाल के किसी अफसर से कराई जानी चाहिए थी।
अजय दुबे
वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट
किन बिंदुओं पर जांच हुई, क्या मिला?
STR के डिप्टी डायरेक्टर संदीप फैलोज ने लगातार दो दिन तक मामले की जांच की थी। उन्होंने रेंजर समेत आधा दर्जन कर्मचारियों के बयान लिए थे। संदीप फैलोज ने चार बिंदुओं पर जांच की थी
- मांस कहां से और कौन लाया? इसके लिए रुपए किसने दिए?
- कोर एरिया में पार्टी के लिए किस अफसर ने निर्देशित किया?
- पूर्व मंत्री के काफिले में कौन-कौन थे, किस गेट से किस अफसर ने उन्हें प्रवेश दिया?
- वीडियो में दिखाई दे रहे वनकर्मी की ड्यूटी कौन सी बीट में थी?
डिप्टी डायरेक्टर ने STR के पश्चिम पचमढ़ी रेंज के रेंजर सुनील पांद्रे, वनपाल रश्मि बान, वनरक्षक घनश्याम पटेल, श्रमिक मलदू और श्रमिक विजय समेत आधा दर्जन कर्मचारियों के बयान लिए थे। ये सभी लोग वीडियो में विजय शाह की खिदमत करते नजर आ रहे थे।
अजय दुबे में अपनी शिकायत में ये भी कहा था कि शाह और उनके दोस्तों को प्रतिबंधित पर्यटन क्षेत्र में बाघ दिखाने के लिए ले जाया गया। गाड़ियां बाघ के बिल्कुल नजदीक लगाई गईं। इसकी तस्वीर भी उन्होंने शिकायत कॉपी के साथ दी थी। इस तस्वीर में SDO विनोद वर्मा, शाह के बगल में टोपी लगाए नजर आए थे।
जांच टीम ने उनके भी बयान लिए। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर को विधायक ने जिप्सी से चूरना सफारी की थी। उसी दौरान ये फोटो ली गई थी। टाइगर काफी दूर था। चढ़ाव वाली जगह थी, इसलिए टाइगर करीब नजर आ रहा है।

किस अधिकारी ने पार्टी का इंतजाम किया, नहीं पता चला
प्रारंभिक पूछताछ में बात सामने आई कि पूर्व मंत्री व विधायक विजयशाह धूपगढ़ के फुट हिल मार्ग से रोरीघाट सिद्धबाबा पहाड़ी पर पहुंचे थे। जांच का एक पॉइंट ये भी था कि 16 दिसंबर को विजय शाह की पार्टी का इंतजाम किस अधिकारी के निर्देश पर किया गया था? पूछताछ में ये तो पता चला कि सिद्धबाबा पहाड़ी एरिया में चौकीदारों ने खाना बनाया था।
जांच टीम के सामने दो कर्मचारियों ने जंगल से मुर्गा लाने की बात कही थी। जब जांच अधिकारी ने जंगली मुर्गे से संबंधित सवाल किए तो कर्मचारी यह नहीं बता सके कि मुर्गा किस जगह से लेकर आए थे। जांच अधिकारी ने कर्मचारियों को पिकनिक वाली जगह से मुर्गे के अवशेष और पंख लाने के निर्देश दिए थे।
फॉरेस्ट एक्ट 1972 में संरक्षित क्षेत्र को लेकर नियम

जांच अधिकारी ने कहा- मामला पुराना मुझे याद नहीं
इस मामले की जांच करने वाले सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर संदीप फैलोज से बात की। उन्होंने कहा- मैने जांच की थी, पूर्व मंत्री वहां केवल गए थे, उन्होंने कुछ नहीं किया। उनसे पूछा कि संरक्षित वन क्षेत्र में निजी वाहन ले जाना प्रतिबंधित है। क्या आपकी जांच में पता लगा कि वह कार किसकी थी? इस पर फैलोज बोले- मामला पुराना हो गया है मुझे याद नहीं आ रहा कि जांच में क्या–क्या सामने आया था। मैंने तो एक महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दे दी थी।
जिन्हें नोटिस जारी हुआ उनका प्रमोशन
मामले की शिकायत करने वाले एक्टिविस्ट अजय दुबे कहते हैं, मेरी शिकायत पर तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमूर्ति को नोटिस जारी किया था। उन्होंने क्या जवाब दिया क्या कार्रवाई हुई पता नहीं, लेकिन अब वही कृष्णमूर्ति एपीसीसीएफ है और तकनीकी रूप से जांच उन्हीं के पास है। शिकायत मैंने की थी, लेकिन आज तक मेरे ही बयान दर्ज नहीं किए गए। वन विभाग के अफसर ये नहीं बता पा रहे हैं कि अब तक जांच में क्या हुआ, किसके खिलाफ क्या पाया?
इन 5 सवालों का जवाब अब तक नहीं मिला

आला अधिकारी बोले- जांच रिपोर्ट आ गई, अब कार्रवाई क्या… इस मामले में पीसीसीएफ (वन्यजीव) सुभरंजन सेन से 5 सवाल पूछे। 4 सवालों का उन्होंने जवाब दिया और आखिरी सवाल पर चुप्पी साध ली।
सवाल-1: विजय शाह के मामले की जांच का क्या हुआ? सुभरंजन सेन: यह तो पुराना मामला हो गया है, अब क्या है उसमें?
सवाल-2 : अब तक क्या कार्रवाई हुई? सुभरंजन सेन: मामले की जांच कराई गई थी, उसमें जांच रिपोर्ट भी पहले आ चुकी है, कार्रवाई क्या होना है?
सवाल-3: शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके बयान नहीं हुए? सुभरंजन सेन: इसमें शिकायतकर्ता की क्या जरूरत है? पूर्व मंत्री ने खुद वीडियो शेयर किया था। उसमें उन्होंने सब खुद कहा था।
सवाल-4: इसका मतलब मामला सही था? सुभरंजन सेन: इसमें कोई सवाल ही नहीं है, उन्होंने मना ही नहीं किया, वो वहां पर थे।
