
ग्वालियर में मंगलवार रात 17 साल के छात्र ने पिता की 32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल से सुसाइड कर लिया। उसने पिस्टल कनपटी पर सटाकर गोली चलाई। गोली सिर के आर-पार हो गई। इस वक्त मां और पिता बाजार गए थे। रात 9.10 बजे वे लौटे तो बेटे का शव बेडरूम में फर्श पर पड़ा था।
इकलौते बेटे का शव देखकर मां बेहोश हो गई। आसपास के लोगों ने उन्हें संभाला। पिता भी बेसुध हो गए। अन्य परिजन भी आ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
घटना शहर के महाराजपुरा इलाके में गुरुकृपा नगर की है। सेना से रिटायर्ड मुकेश सिंह लोधी का बेटा मोहित लोधी ने इस साल 12th 80% मार्क्स से पास की थी। वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पिता का सपना बेटे को आईपीएस बनाने का था।

पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर जांच की है।
रात 11 बजे तक छानबीन, सुसाइड नोट नहीं मिला
गोली चलने की आवाज आसपड़ोस के लोगों ने भी सुनी, लेकिन ज्यादा ध्यान नहीं दिया। छात्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया, पुलिस पता लगा रही है। पुलिस ने छात्र के रूम की रात 11 बजे तक तलाशी ली। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अब पुलिस छात्र के मोबाइल की डिटेल निकालने की तैयारी में है। फोरेंसिक एक्सपर्ट सीनियर साइंटिस्ट अखिलेश भार्गव ने भी मौके पर जांच की है।
22 जून को ही पिता थाने से घर लेकर गए थे पिस्टल
सब इंस्पेक्टर गौरव कुमार ने बताया कि आचार संहिता के दौरान रिटायर्ड फौजी ने लाइसेंसी 32 बोर पिस्टल महाराजपुरा थाने में जमा कराई थी। 22 जून को ही वे थाने में जमा पिस्टल घर लेकर आए थे और यहां अपनी अलमारी में रख दी थी। उन्हें आभास भी नहीं था कि बेटा इस तरह का कदम उठा लेगा।