एमपी। RSS जॉइन नहीं करने पर प्रोफेसर को बाथरूम में बंद करके पीटा, मामले में हाईकोर्ट ने आरोपियों के साथ SP और TI पर भी पर केस दर्ज करने का दिया आदेश – देखें VIDEO

 

सीधी के शासकीय कॉलेज में गेस्ट फैकल्टी को आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) जॉइन न करने पर बाथरूम में बंद करने और मारपीट का मामला सामने आया है। इस मामले में जबलपुर हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि आरोपियों के साथ ही एसपी और टीआई पर भी मुकदमा दर्ज कराया जाए।

घटना सीधी के ऑर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज 12 सितंबर की हैं। सतना के डॉ. रामजस चौधरी ने 9 दिसंबर को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने सीधी एसपी को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुलिस द्वारा सुनवाई न करने पर पीड़ित को निर्देश दिए हैं कि वो सीधी एसपी रविंद्र वर्मा और मझगवां टीआई दीपक सिंह के खिलाफ सक्षम न्यायालय में एट्रोसिटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कराए।

प्रिंसिपल ने कार्रवाई के बजाए बर्खास्त कर दिया

पीड़ित ने 9 दिसंबर को मारपीट की घटना को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। अगले ही दिन कॉलेज प्रिंसिपल ने पीड़ित को कॉलेज से बर्खास्त कर दिया। इसे भी हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग और सीधी के आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिसकी अगली सुनवाई 5 जनवरी तय कर दी हैं।

RSS जॉइन करने का बनाया था दबाव

पीड़ित प्रोफेसर ने बताया कि अक्टूबर 2023 को टीचर डॉ. सुरेश कुमार तिवारी ने कॉलेज में आकर आरएसएस की मीटिंग जॉइन करने की बात कही थी। जिस पर मैंने मना कर दिया था। चौधरी ने बताया कि 15 फरवरी को कॉलेज के ही बाथरुम में उन्हें आधे घंटे के लिए बंद कर दिया गया, मुश्किल से वे बाहर निकले। मई 2024 को राज किशोर तिवारी ने धमकी दी कि अब आगे देखना क्या-क्या होता हैं। इसके बाद 26 जुलाई को प्रिंसिपल के केबिन में घुसकर 6 लोगों ने जान से मारने की धमकी दी।

12 सितंबर को सरेराह की मारपीट

पीड़ित ने बताया कि 12 सितंबर 2024 को जब वह कॉलेज से घर जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे, तभी तीन लोग हथियार से लैस होकर आए और सरेराह मारपीट की गई। घायल हालत में वह रामजस अस्पताल पहुंचे, जहां पुलिस आई तो उन्हें बताया कि राज किशोर तिवारी, संदीप शर्मा, गीता भारती, सुरेश कुमार तिवारी और उनके साथियों ने हमला करवाया है लेकिन पुलिस ने नामजद की जगह अज्ञात लिखा।

 

पुलिस से मदद मांगी तो गाली गलौज की

रामजद के मुताबिक थाना प्रभारी मझगंवा दीपक सिंह ने मदद करने की जगह गाली गलौज करते हुए चार घंटे तक थाने में बैठाकर रखा। अगस्त माह में रामजद सीधी एसपी रविंद्र वर्मा के पास शिकायत लेकर पहुंचे तो उन्होंने आवेदन फाड़ दिया और धमकी दी कि दोबारा आए तो थाने में बद करवा दूंगा। 10 आवेदन दे चुका हूं पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़ित ने घायल होने की तस्वीरें कोर्ट में पेश की

बता दें पीड़ित ने इस मारपीट में अपने घायल होने की तस्वीरें भी हाईकोर्ट में पेश की थीं। पीड़ित याचिकाकर्ता रामजस चौधरी का आरोप था कि एक तरफ उसकी शिकायतों पर पुलिस अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, दूसरी तरफ कोर्ट में याचिका दायर करने के अगले ही दिन उसे कॉलेज से बर्खास्त कर दिया गया।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सीनियर एडवोकेट रामेश्वर सिंह ने कोर्ट को बताया कि 9 दिसंबर को रामजस चौधरी ने मारपीट के मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की, एडवोकेट ऑफ जनरल को याचिका की कॉपी भी दी और अगले ही दिन सीधी के शासकीय आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज की प्रिंसिपल ने नौकरी से हटा दिया था। इस मामले को लेकर भी रामजस चौधरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर 5 जनवरी को सुनवाई होगी।

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