
सागर जिले के खुरई में रविवार शाम 4 बजे 23 वर्षीय युवती चलती एंबुलेंस से कूद गई। ज्यादा चोटें आने की वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। एंबुलेंस में वह परिजन के साथ चाचा का शव लेकर अपने गांव आ रही थी।
परिजन के मुताबिक, युवती के चाचा राजेंद्र अहिरवार पर पुराने विवाद में गांव के ही कुछ लोगों ने हमला किया था। इलाज के दौरान सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में उन्होंने दम तोड़ दिया था। युवती चाचा का शव सड़क पर रखकर चक्काजाम करना चाहती थी। उसने ड्राइवर से एंबुलेंस रोकने के लिए कहा था। वह नहीं माना तो युवती कूद गई।
मामला खुरई के बरोदिया नौनागिर गांव में दो पक्षों में विवाद से जुड़ा है। अगस्त 2023 में बरौदिया नौनागिर निवासी नितिन अहिरवार (18) को गांव के कुछ लोगों ने पीट-पीट कर मार डाला था। बीचबचाव करने आई उसकी मां को निर्वस्त्र कर मारपीट की थी। पुलिस ने 9 आरोपियों पर मामला दर्ज किया था। फिलहाल कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
एंबुलेंस से कूदने वाली युवती अंजना अहिरवार नितिन की बहन और राजेंद्र की भतीजी थी।
पीसीसी चीफ ने सरकार पर साधा निशाना
चाचा की हत्या और भतीजी की मौत के इस मामले में सियासत भी शुरू हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ‘X’ पर लिखा, ‘प्रदेश की कानून-व्यवस्था अराजकता के सारे पड़ाव पार कर चुकी है।’
रात करीब 11 बजे कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। वहीं, सागर जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. आनंद अहिरवार ने बताया कि अंजना अहिरवार के अंतिम संस्कार में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी शामिल होंगे।

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने X पर यह पोस्ट की।
राजीनामा नहीं किया तो कर दिया हमला
अंजना के बड़े भाई रोहित ने बताया कि शनिवार रात को नितिन की हत्या के मामले में राजीनामा करने के लिए चाचा राजेंद्र अहिरवार को आरोपी पक्ष से जुड़े पप्पू रजक के घर बुलाया गया। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में विवाद हो गया। मारपीट में राजेंद्र अहिरवार बुरी तरह घायल हो गया।
खुरई सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद राजेंद्र को रविवार सुबह सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालत में सुधार नहीं आने के कारण भोपाल के हमीदिया अस्पताल भेजा गया लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
राजेंद्र के पिता रामसेवक अहिरवार की शिकायत पर खुरई देहात थाने में आशिक कुरैशी, बबलू बेना, इसराइल बेना, फहीम खान, टंटु कुरैशी पर FIR दर्ज की गई।
ये विजुअल अंजना अहिरवार (काले टॉप में) के चाचा के शव के साथ अस्पताल से बाहर आने के वक्त का है।
ड्राइवर ने नहीं रोकी एंबुलेंस तो सड़क पर कूद गई
रोहित ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद राजेंद्र का शव परिजन को सौंप दिया गया। राजेंद्र की भतीजी अंजना अहिरवार समेत परिजन शव को लेकर गांव की तरफ निकले। इससे पहले फोन पर उन्होंने अपने रिश्तेदारों और ग्रामीणों को बरोदिया नौनागिर से करीब 20 किलोमीटर पहले खुरई के आचार्य श्री विद्यासागर तिराहा के पास पहुंचने के लिए कहा। यहां चक्काजाम करने की बात तय हुई।
तिराहा करीब आते ही अंजना ने ड्राइवर से एंबुलेंस रोकने को कहा लेकिन ड्राइवर नहीं माना। इसके बाद उसने चलती गाड़ी का गेट खोला और बाहर कूद गई।
अंजना के शव का पोस्टमॉर्टम सोमवार सुबह सागर के बुंदेलखंड मेडिकल अस्पताल में किया जाएगा।

अंतिम संस्कार से मना करने पर आला अधिकारी गांव पहुंचे और परिजन को समझाइश दी।
परिजन ने अंतिम संस्कार करने से किया इनकार
उधर, राजेंद्र का शव लेकर परिजन और पुलिस देर शाम बरोदिया नौनागिर पहुंचे। यहां परिजन ने सुरक्षा और आर्थिक सहायता की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव उइके, एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव, एसडीओपी सचिन परते, खुरई शहर थाना प्रभारी शशि विश्वकर्मा और पटवारी मंजू सौर मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। फिलहाल, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस के साये में देर रात राजेंद्र अहिरवार का अंतिम संस्कार किया गया।