
जल्द ही कोला बाजार में बड़ा उलटफेर हो सकता है। भारत के दूसरे सबसे रईस शख्स मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) कोला बाजार में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अक्टूबर में सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड कैंपा (Campa) बाजार में वापसी करने जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने एफएमसीजी व्यवसाय को बढ़ाने के लिए रणनीति के तहत ब्रांड का अधिग्रहण किया है।
22 करोड़ रुपये में हुई डील!
रिपोर्ट में इस मामले से जुड़े दो लोगों के हवाले से कहा गया है कि रिलायंस ने दिल्ली स्थित प्योर ड्रिंक्स ग्रुप (Pure Drinks Group) से लगभग 22 करोड़ रुपये की डील के तहत ब्रांड का अधिग्रहण किया है। अगर ऐसा होता है, तो कंपनी का सीधा मुकाबला पेप्सिको (Pepsi) और कोका कोला (Coca Cola) जैसी कंपनियों से होगा।इसी के साथ साल 1977 में कोका कोला (Coca Cola) के भारत से बाहर जाने के बाद जिस कैंपा कोला ने उसकी कमी को पूरा किया वह अब दोबारा मार्केट में छाने को तैयार है। बता दें कि कैंपा कोला (Campa Cola) को 1970 के दशक में उसी प्योर ड्रिंक्स ग्रुप ने लॉन्च किया था जो भारतीय सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट में 1949 में कोका-कोला लेकर आया था। रिलायंस (Reliance) दीपावली पर इसको लाॅन्च करने की तैयारी कर रही है।
एफएमसीजी कारोबार को बढ़ाने का प्लान
रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने एफएमसीजी (FMCG) कारोबार को बढ़ाना चाहती है। इसके लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शीतल पेय ब्रांड कैंपा कोला का अधिग्रहण किया है। ये ब्रांड कभी अपने कोला वैरिएंट कैंपा कोला के साथ बाजार में लीडर था। अब रिलायंस इसे दोबारा बाजार में उतारेगी। इससे कोला बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
कोका-कोला और पेप्सिको को टक्कर देने की तैयारी
रिलायंस अब इस डील के साथ कोला मार्केट में उतरने जा रहा है। उसकी सीधी टक्कर कोका-कोला (Coca Cola) और पेप्सिको (Pepsico) के साथ होगी। इसमें ग्राहकों का फायदा हो सकता है। रिलायंस कैंपा कोला को नींबू, नारंगी और कोला इन तीन स्वाद में बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। बाजार में कैंपा कोला के आने के बाद प्राइस वार (Price War) शुरू हो सकता है, जिसमें ग्राहकों को कम रेट पर कोल्ड ड्रिंक खरीदने को मिल सकती है। पहले चरण में रिलायंस इसे अपने रिटेल स्टोर्स, जियोमार्ट और किराना स्टोर्स में बेचेगी। कैंपा को खरीदना रिलायंस की एफएमसीजी बाजार में प्रवेश करने की रणनीति का हिस्सा है। जिसे कंपनी इस साल शुरू करने जा रही है।
रिलायंस पूरे देश में बढ़ाने जा रहा अपना नेटवर्क
रिलायंस अब पूरे देश में अपना नेटवर्क बढ़ाने जा रहा है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, 15 लाख से ज्यादा किराना स्टोर रिलायंस के बीटूबी नेटवर्क से प्रोडक्ट को खरीदते हैं। कैम्पा ब्रैंड का अधिग्रहण एफएमसीजी व्यवसाय को बढ़ाने की रणनीति का ही हिस्सा है।
इस तरह हुई थी कैंपा कोला की शुरुआत
साल 1977 में इमरजेंसी के खत्म होने के बाद जब चुनाव हुए तो जनता पार्टी की सरकार बनी। इस दौरान जार्ज फर्नांडिस सूचना मंत्री बनाए गए। इसके कुछ समय बाद उन्हें उद्योग मंत्रालय का कार्यभार सौंप दिया गया। कार्यभार संभालते ही जॉर्ज ने सभी विदेशी कंपनियों को नोटिस थमा दिया। कंपनियों के लिए 1973 में हुए एफईआरए संशोधन का पालन अनिवार्य बना दिया गया। इसपर बाकी कंपनियां तो तैयार हो गई, लेकिन कोका कोला अड़ गई। कोका कोला की दिक्कत उसकी सीक्रेट रेसिपी से जुड़ी थी। एक सीक्रेट सॉस जो फाइनल प्रोडक्ट का केवल 4 प्रतिशत था, लेकिन कोक का फेमस स्वाद उसी की वजह से आता था। इस वजह से कोक इसे बिलकुल छुपा के रखना चाहता था। कोक ने नए कानून का पालन करने की जगह भारत से बाहर जाने में ही भलाई समझी। कोका कोला के भारत से जाने के बाद प्योर ड्रिंक्स ग्रुप ने कैंपा कोला की शुरुआत की और विदेशी चुनौती के अभाव में यह बाजार में छा गया।