मध्यप्रदेश। घर में घुसकर बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या का खुलासा — पड़ोसी ही निकला आरोपी, बेटे का जन्मदिन मनाने के बाद चोरी के इरादे से घुसा, पहचान होने पर मार डाला — देखें VIDEO

मऊगंज में 25 दिसंबर को बुजुर्ग दंपती की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। आरोपी पड़ोसी ही निकला। वारदात से पहले आरोपी ने घर पर बेटे का जन्मदिन मनाया था। साथी के साथ चोरी की नीयत से घर में घुसा। बुजुर्ग ने पहचान लिया, तो उसका गला दबा दिया। महिला ने शोर मचाया, तो उसे हंसिया मार दिया। दूसरे दिन परिवार वालों को भी सूचना भी खुद ही दी।

 

इस मामले में पुलिस ने निबिहा गांव के श्रीनिवास उर्फ ददोली (46) पिता रामगोपाल पाल और शाकिर अहमद उर्फ छोटे खान (49) पिता शमशेर बख्श को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 600 रुपए और चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

एसपी रसना ठाकुर से बात कर मामले को समझा। पढ़िए रिपोर्ट…

25 दिसंबर 2024 को खेत में बने झोपड़े में बुजुर्ग दंपती का शव मिला था।

खोजी कुत्ता सूंघते हुए आरोपी के घर गया

एसपी रसना ठाकुर ने बताया कि 25 दिसंबर को निबिहा भाठी गांव में मंगल यादव (85) 85 व उनकी पत्नी तेरसरी यादव (83) की निर्मम हत्या कर दी गई थी। 26 दिसंबर को सूचना के बाद मौके पर डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया था। जांच के दौरान डॉग सूंघते हुए घटनास्थल से पड़ोसी श्रीनिवास पाल के घर में घुसा था। इसी के बाद पुलिस को उस पर शक हुआ।

यही नहीं, मंगल यादव के बेटे सुभाष यादव ने भी श्रीनिवास पर ही संदेह जताया था। इसी आधार पर 29 दिसंबर को पुलिस ने श्रीनिवास को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती करने पर उसने गांव के शाकिर के साथ वारदात को अंजाम देना कबूल कर लिया। 30 दिसंबर को शाकिर को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी बोले- सोचा था कि बहुत माल होगा

आरोपी श्रीनिवास ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि भाठी गांव में मंगल यादव की 14 एकड़ असिंचित जमीन है। मंगल अपनी पत्नी तेरसी के साथ झोपड़ी बनाकर यहीं रहता था। इसी जमीन पर महुआ के 45 पेड़ लगे हैं, जो उसकी आय का साधन थे।

यहीं रहकर जमीन की देखभाल भी करता था। उसके पांच बेटे गांव में रहकर खेती करते हैं। एक-दो दिन में आते–जाते रहते हैं। इसी से सटी मेरी भी पांच एकड़ भूमि है। मैं खेत पर ही कच्चे मकान में परिवार के साथ रहता हूं।

उसकी जमीन पर बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं है, इसलिए रोजाना मेरे यहां से ही एक-दो बाल्टी पानी लाता था। मोबाइल भी मेरे यहां चार्ज करने आता था। कुछ दिन पहले ही मंगल ने अपने खेत में बोरवेल कराने के लिए कहा था। मैंने सोचा कि शायद इसके पास बहुत पैसा आ गया है। मुझे लालच आ गया।

मौके पर जांच के लिए एसपी रसना ठाकुर समेत अन्य पुलिस अफसर पहुंचे थे।

बुजुर्ग ने पहचान लिया, इसलिए मार डाला

श्रीनिवास ने बताया कि मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, इसलिए चोरी के बारे में सोचा। अपने साथ गांव के ही शाकिर को भी मिला लिया। 25 दिसंबर को मेरे बेटे का जन्मदिन था। बर्थडे मनाने के बाद रात करीब 1 बजे हम दोनों ने शराब पी। इसके बाद चोरी के इरादे से मंगल यादव के घर में घुस गए।

यहां तलाशी लेने लगे, तो मंगल की नींद खुल गई। उसने पहचान लिया। बचने के लिए मैंने उसका गला दबा दिया। इधर, आवाज होने पर तेरसी बाई भी जाग गई। उसने शोर मचाने की कोशिश की, तो शाकिर ने उसके गले में हंसिया मार दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। उसके यहां से मिले 600 रुपए और चांदी के कुछ जेवर लेकर चले गए।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।

दूसरे दिन आरोपी ने खुद ही दी बेटे को सूचना

26 दिसंबर की शाम श्रीनिवास ने खुद ही मंगल के परिवारवालों को सूचना दी। कहा कि तुम्हारे पिता सुबह से बाहर नहीं दिखे। देखो क्या बात है। परिवारवाले घटनास्थल पर पहुंचे, तो आवाज लगाई। आवाज नहीं आने पर अंदर गए। देखा कि दोनों मृत हालत में पड़े थे। गांव वालों के मदद से पुलिस को सूचना दी।

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