भारत में नया आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम 2025 लागू: जाली पासपोर्ट-वीजा या हेराफेरी पर 7 साल जेल, 10 लाख जुर्माना; बिना वीजा प्रवेश पर भी कड़ी सजा

इस नये कानून के मुताबिक वीजा या कानून के हिसाब से अन्य किसी वैध यात्रा दस्तावेज के बगैर यदि कोई विदेशी भारत में दाखिल होता है, तो उसे पांच साल तक कैद हो सकती है या उसपर पांच लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता था या दोनों ही दंड उसे भुगतने पड़ सकते हैं.

नया आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम आया प्रभाव में, जाली पासपोर्ट या वीजा पर कड़ी सजा

नई दिल्‍ली:

भारत में अब जाली पासपोर्ट और वीजा रखने वालों की खैर नहीं. ऐसे लोगों को जेल की हवा खाने के साथ-साथ भारी-भरकम जुर्माना भी चुकाना पड़ सकता है. विदेशियों और इमिग्रेशन से संबंधित मामलों को विनियमित करने वाला एक नया अधिनियम सोमवार को प्रभाव में आ गया, जिसमें जाली पासपोर्ट या वीजा रखने पर कड़ी सजा का प्रावधान है. आव्रजन और विदेशी अधिनियम, 2025 बजट सत्र के दौरान संसद से पारित हुआ था. इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चार अप्रैल, 2025 को अपनी स्वीकृति दी थी. गृह मंत्रालय के अवर सचिव नितेश कुमार व्यास द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है,‘आव्रजन और विदेशी अधिनियम, 2025 (2025 का 13) की धारा एक की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, केंद्र सरकार एक सितंबर, 2025 को एक ऐसी तिथि के रूप में नियत करती है, जब इस अधिनियम के प्रावधान प्रभाव में आ गये हैं

होटल, अस्‍पताल और यूनिवर्सिटी भी कानून के दायरे में… 

इस कानून के मुताबिक, भारत में प्रवेश करने या ठहरने या इस देश से जाने के लिए जो भी जाली पासपोर्ट या वीजा का इस्तेमाल करता हुआ पाया जायेगा, उसे सात वर्ष तक की कैद हो सकती है तथा उसपर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. अधिनियम में होटलों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और नर्सिंग होम द्वारा विदेशियों के बारे में जानकारी अनिवार्य रूप से सूचना देने का भी प्रावधान है, ताकि निर्धारित अवधि से अधिक समय तक ठहरने वाले विदेशियों पर नजर रखी जा सके. सभी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों और जहाजों को भारत में किसी बंदरगाह या स्थान पर नागरिक प्राधिकरण या आव्रजन अधिकारी को यात्री और चालक दल की सूची, ऐसे विमान, जहाज या परिवहन के अन्य साधन पर सवार यात्रियों और चालक दल की अग्रिम जानकारी प्रस्तुत करनी होगी

साल की सजा और 10 लाख रुपये जुर्माना

इस अधिनियम में कहा गया है कि जो कोई भी भारत में दाखिल होने, ठहरने या इस देश से जाने के लिए जाली या गलत तरीके हासिल पासपोर्ट या अन्य दस्तावेज का जानबूझकर उपयोग करता है, उसे दो साल से सात साल तक कैद की सजा हो सकती है तथा उस पर एक लाख रुपये दस लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है. इस नये कानून के मुताबिक वीजा या कानून के हिसाब से अन्य किसी वैध यात्रा दस्तावेज के बगैर यदि कोई विदेशी भारत में दाखिल होता है, तो उसे पांच साल तक कैद हो सकती है या उसपर पांच लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता था या दोनों ही दंड उसे भुगतने पड़ सकते हैं.

यह विदेशियों और आव्रजन से संबंधित सभी मामलों को विनियमित करने के लिए एक व्यापक कानून है, जो अब तक चार अधिनियमों के माध्यम से प्रशासित किया जाता था, अर्थात पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920, विदेशियों का पंजीकरण अधिनियम, 1939, विदेशी अधिनियम, 1946 और आव्रजन (वाहक दायित्व) अधिनियम, 2000. इन सभी कानूनों को निरस्त कर दिया गया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *