
इंदौर में 23 वर्षीय नवविवाहिता की भोजन के बाद आम खाने से अचानक हुई मौत अब पहेली बन गई है। पुलिस अब बचे हुए आम की लैब में जांच कराएगी तो जिसने आम बेचे थे, उसे भी ढूंढ़ा जा रहा है। पर सवाल यह खड़ा हो गया है कि भोजन के बाद जिन आम को खाने से मौत बताई जा रही है, वही आम सास ने भी खाए थे। उन्हें कुछ नहीं हुआ। अब पुलिस को शक है कि पीएम रिपोर्ट में संदिग्ध जहर की जो बात आई है, वह कहां से आया है। पूरी जांच इसी पर टिक गई है। यह भी दावा है कि आम धोकर ही खाए गए थे। अब आशंका है कि आम को कार्बाइट से तो नहीं पकाया गया था।
इसके लिए फोरेंसिक साइंस के अफसरों की मदद भी इस गुत्थी को सुलझाने के लिए ली जा रही है कि कार्बाइड की कितनी मात्रा मनुष्य के लिए घातक होती है और इस मामले में असल में क्या हुआ है, क्योंकि आम दो लोगों ने खाए लेकिन एक को कुछ नहीं हुआ। वहीं मृतका नवविवाहिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सस्पेक्टेड पॉइजन की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने मामला जांच में होने की बात कही है।
यह है मामला
बिजलपुर निवासी अर्चना अलेरिया की डेढ़ साल पहले ही शादी हुई थी। 8 जुलाई को उनकी अचानक तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। यहां बताया कि अर्चना ने खाना खाने के साथ दो आम खाए थे। इसके बाद शाम को उसे तेज सिरदर्द होने लगा था। पड़ोस में डॉक्टर को दिखाने के बाद परिजनों उसे अस्पताल लेकर पहुंचे थे और भर्ती करवाया था। इलाज के दौरान अर्चना की मौत हो गई। ससुराल वालों ने अंदेशा जताया कि आम में ही कोई जहरीला पदार्थ मिला हुआ था, इसी से तबीयत बिगड़ी थी। पीएम रिपोर्ट में सस्पेक्टेड पॉइजन की बात सामने आई है। शव का पीएम करने वाले डॉ.भरत वाजपेयी मामले में साफ कर चुके हैं कि जहरीला पदार्थ खाने के कारण ही महिला की मौत हुई है। आम के अंदर कोई जहरीला पदार्थ हो सकता है या फिर महिला ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया हो।
इन सवालों के आसपास घूम रही पुलिस की आगे की जांच
– मायके पक्ष ने अभी तक किसी तरह के आरोप नहीं लगाए हैं जबकि मौत सस्पेक्टैड पाइजन से होना पाया गया है।
– आम खाए गए हैं तो सास पर इसका असर क्यों नहीं हुआ
– क्या जिससे आम लिए गए थे, उसने जिन अन्य लोगों को वो आम बेचे थे, क्या वो भी बीमार हुए हैं, ऐसे कोई मामला सामने नहीं आया है।
लैब में जांच के लिए भेजे आम के सैंपल, ठेले वाले की भी तलाश
मामला राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस को आम खाने से मौत की बात गले नहीं उतर रही है। लिहाजा पुलिस ने मामले को संदिग्ध माना है और बारीकी से जांच में जुटी है। जिस आम को खाने से नवविवाहिता की मौत की बात कही जा रही है वो चोइथराम मंडी से किसी ठेले वाले से खरीदे गए थे। परिजनों से ठेले वाले के बारे में पूछा गया है लेकिन फिलहाल वे भी उसकी पहचान नहीं कर पाए हैं।
ठेला वाला कौन था, इसकी भी जानकारी पुलिस जुटा रही है। बहू और सास दोनों ने साथ में ही आम खाए थे। दो आम बहू तो दो आम सास ने खाए लेकिन तबीयत ज्यादा बहू की बिगड़ी और भर्ती तक करना पड़ा। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि आम धोने के बाद ही इस्तेमाल में लिए गए थे।
ऐसे में अब पुलिस इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि यदि कार्बाइड से आम पके हुए थे और धोने के बाद उनका इस्तेमाल होता है तो वो कितने घातक साबित हो सकते है या अगर आम खराब थे तो क्या खराब आम खाए गए।
कार्बाइड की कितनी मात्रा मनुष्य की मौत के लिए पर्याप्त होती है। इस बारे में एफएसएल अधिकारियों की मदद भी ली गई है। पुलिस ने खरीदे गए अन्य आम को परिजनों से लेकर आम के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। उसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ये पता चलेगा क्या वाकई में खरीदे गए आम गड़बड़ थे। मामले में ससुराल और मायके पक्ष दोनों के बयान लेने में पुलिस जुटी है। बहू के द्वारा मायके वालों को कभी कोई शिकायत की गई है क्या ये सब जांच के विषय हैं।
महिला का विसरा जांच के लिए भेजा
एसीपी रूबीना मिजवानी ने बताया कि नवविवाहिता के द्वारा आम खाने पर उसकी मौत हो गई, ऐसा उसके ससुराल वालों ने बताया था। इस संबंध में दोनों पक्षों के ससुराल और मायके पक्ष के बयान लिए जाएंगे। उन्हें सुना जाएगा। आम खाने से मौत होने की बात कही गई है, जिस पर आम के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। महिला के विसरे को भी जांच के लिए भेजा है, ताकि पॉइजन किस कंपाउंड का था और रिपोर्ट से साफ हो जाएगा। पीएम रिपोर्ट में सस्पेक्टेड पॉइजन की बात सामने आई है। मामला फिलहाल जांच में है।
वहीं दूसरी तरफ कार्बाइड से पके आम खाने की वजह से मौत होने की बात कही जा रही है। घटना के बाद कार्बाइड से फलों को पकाने के संबंध में भी बहस छिड़ गई है, हालांकि खाद्य अधिकारियों की माने तो कार्बाइड प्रतिबंधित है। फलों को कार्बाइड से पकाने की सूचना मिलती है तो कार्रवाई की जाती है। कोई भी इस संबंध में शिकायत कर सकता है। सैंपल लेकर जांच की जाएगी।