
देश में कोरोना के कम हो रहे मामलों के बीच महाराष्ट्र के कई शहरों में इसका कहर तेजी से बढ़ रहा है. इसे देखते हुए महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने कई सख्त कदम उठाए हैं.
पुणे में इस संबंध में अत्यधिक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. पुणे में कल (सोमवार) से कर्फ्यू लागू कर दिया गया है. पुणे के कमिश्नर ने कर्फ्यू के संबंध में गाइडलाइंस जारी कर दी है. गाइडलाइंस के तहत यहां पूरी तरह से कर्फ्यू ना लागू करते हुए नियंत्रित कर्फ्यू लागू किया जाएगा.
आज (रविवार) उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कोरोना के संबंध में एक अहम बैठक की. इस बैठक में मंत्री दिलीप वलसे पाटील, सांसद वंदना चव्हाण, विभागीय आयुक्त सौरभ राव, जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, पुणे महानगरपालिका आयुक्त विक्रम कुमार, पुणे के महापौर मुरलीधर मोहोल और जिले के सभी सांसद उपस्थित थे. इस मीटिंग में नियंत्रित कर्फ्यू लागू करने का निर्णय लिया गया और होटल, रेस्टॉरेंट, शादी-सामारोहों को लेकर गाइडलाइंस जारी की गई.
28 फरवरी तक स्कूल-क़ॉलेज बंद:-कोरोना के संकट से निपटने के लिए एक बार फिर से स्कूल-कॉलेज बंद करने का निर्णय लिया गया है. 28 फरवरी तक सभी स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग क्लासेस बंद करने का आदेश दे दिया गया है. राजनीतिक सभाओं और विवाह सामारोहों में सिर्फ 200 लोगों की उपस्थिति को अनुमति दी गई. विवाह सामारोह के लिए पुलिस की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है. पुलिस की इजाजत हासिल करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया जा रहा है.
कर्फ्यू की टाइमिंग:-होटल, लॉज, बार रेस्टॉरेंट में नाइट कर्फ्यू लागू कर दिय गया है. ये सभी रात के 11 बजे तक ही खुले रह सकेंगे. इन्हें कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन करवाना होगा. आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर बाकी सभी जगह रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक नियंत्रित रूपों में नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा.
पुणे प्रशासन की तैयारी:-कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए कोरोना के संक्रमितों की संख्या के मामले में पुणे का नंबर महाराष्ट्र में 12 वां है. लेकिन प्रशासन पूरी हरकत में आ गया है. जिले के हॉट स्पॉट्स का पता लगाकर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को बढ़ाने की शुरुआत कर दी गई है. फ्रंट लाइन वर्कर्स की वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ा दी गई है. इनके अलावा आयुक्त सौरभ राव के मुताबिक कोरोना के नियमों को लेकर लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करने की कोशिश की जा रही है.
अस्पतालों में इंतजाम भी बढ़ा दिए गए हैं. जिले के हॉटस्पॉट्स में माइक्रो कंटेनमेंट जोन तैयार किए जा रहे हैं. कोरोना के इलाज के लिए बड़े सेंटर के तौर पर माने जाने वाले ससून अस्पताल में इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है. अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति की जा रही है. लेकिन आयुक्त सौरभ राव के मुताबिक इस सब तैयारियों के साथ-साथ पुणे प्रशासन जनता से भी कोरोना को कंट्रोल करने में सहयोग की अपेक्षा कर रहा है.
नियमों का नहीं हुआ पालन, कोरोना के मामले बढ़े:-एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट बताती है कि मुंबई में कोविड (Covid) मामलों में 37 फीसदी का इजाफा हुआ है. रविवार को शहर में 1582 नए मरीज मिले हैं. यह आंकड़ा दिसंबर के बाद सबसे ज्यादा है. शहर में अब तक कोरोना वायरस के 3 लाख से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं. इस मामले में बीएमसी के अतिरिक्त कमिश्नर सुरेश ककानी ने कहा ‘हम अनुमान लगा रहे हैं कि अगले 15 दिनों में मामले बढ़ेंगे. इसलिए शहर में कोविड-19 मामलों में बढ़त का पता लगाने के लिए अगले दो हफ्ते काफी जरूरी होंगे.’ मुंबई में बीते दो दिनों में 700 से ज्यादा मामले सामने आए हैं.
जबकि, हफ्ते की शुरुआत में यह आंकड़ा 500 के नीचे था. वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी दी है कि बीते हफ्तों में राज्य के कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट के कारण मामलों में इजाफा हो सकता है. साथ ही सुरक्षा नियमों का पालन न करने चलते भी मामले में उछाल देखा जा रहा है. अधिकारियों ने जानकारी दी है कि शुरुआती जीनोम सीक्वेंसिंग से पता चला है कि अमरावती और यवतमाल जिलों में Sars-Cov-2 के दो म्यूटेटेड वैरिएंट्स तेजी से फैल रहे हैं.
मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक ही परिवारों के कई मरीज संक्रमित हो रहे हैं, लेकिन वे सहायता करने से मना कर रहे हैं. कई मामलों में मरीज के गलत पता देने के चलते परेशानी हो रही है. यह सब ऐसे ही चलता रहा तो हालात बेकाबू हो सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि लोग मामले की गंभीरता को समझेंं और प्रशासन की सहायता करें.