
आज दुनिया के लगभग सभी देशों में कोरोना महामारी का प्रकोप जारी है। हर देश संक्रमण पर काबू पाने के लिए अपने स्तर पर कोशिश कर रहा है और लॉकडाउन जैसे कदम उठा रहा है। कोरोना के लिए लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर जुर्माने और सख्त सजा का प्रावधान है। कोरोना के नियमों का ऐसा ही एक उल्लंघन नॉर्वे में वहां की प्रधानमंत्री ने किया। इसलिए प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग पर नॉर्वे की पुलिस ने जुर्माना लगा दिया।पुलिस ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री एर्ना सोल्बर्ग से कोविड-19 नियमों के उल्लंघन के आरोप में जुर्माना लगाया. दरअसल, उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बर्थडे पार्टी आयोजित की जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया गया. नॉर्वे के पुलिस चीफ ने प्रेस कांफ्रेंस करके अपने देश की प्रधानमंत्री से जुर्माना वसूले जाने की जानकारी दी है. गौरतलब है कि नॉर्वे, यूरोप के उन देशों में शामिल है, जिसे कोविड-19 के खिलाफ जंग में काफी कामयाब माना जा रहा है. एर्ना सोल्बर्ग वहां की एक लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं और इस साल सितंबर में उन्हें वहां संसदीय चुनावों का भी सामना करना है.
नॉर्वे की पुलिस ने वहां की प्रधानमंत्री एर्ना सोल्बर्ग से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने के लिए वहां की 20,000 क्राउंस यानी करीब 1.75 लाख रुपये बतौर जुर्माना वसूला है. वहां के पुलिस चीफ ओले सेवरुड ने यह जानकारी दी है. सोल्बर्ग पर आरोप था कि उन्होंने फरवरी के आखिर में एक माउंटेन रिजॉर्ट में अपने 60वें बर्थडे की पार्टी दी थी, जिसमें उनके परिवार के 13 सदस्य शामिल हुए थे. जबकि, नॉर्वे सरकार ने 10 से ज्यादा लोगों के एक जगह पर जुटने पर पाबंदी लगा रखी है. हालांकि, पीएम एर्ना ने पिछले महीने अपनी गलती के लिए माफी भी मांग ली थी. पुलिस का कहना है ऐसे ज्यादातर मामलों में वह जुर्माना नहीं लेती है, लेकिन सरकारी पाबंदियों को लागू करने में प्रधानमंत्री सरकार की प्रमुख चेहरा हैं. सेवरुड ने पुलिस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा है कि ‘हालांकि कानून तो सबके लिए समान है, लेकिन कानून के सामने सभी समान नहीं हैं.’
पुलिस चीफ के मुताबिक, ‘आम जनता में सामाजिक पाबंदियों के प्रति विश्वास बहाली के लिए इस तरह का जुर्माना लगाना सही है.’ पुलिस ने कहा कि सोल्बर्ग और उनके पति सिंड्रे फाइंस दोनों ने मिलकर पार्टी आयोजित करने का फैसला किया था और उस रेस्टोरेंट को चुना था. इसका सारा इंतजाम खुद फाइंस ही देख रहे थे. इस मामले में फाइंस और उस रेस्टोरेंट ने भी कोरोना नियमों की अनदेखी की थी, लेकिन उन दोनों पर जुर्माना नहीं लगाने के बारे में पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘सोल्बर्ग देश की नेता हैं और वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगाई गई पाबंदियों की वो अगुवा रही हैं.’