
कोरोना का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दुनिया में कोरोना के मामले 4 करोड़ के पार पहुंच चुके हैं। लेकिन एक ऐसा देश हैं जहा पिछले 200 दिनों से एक भी कोरोना का केस सामने नहीं आया है। इस देश की आबादी की बात करें तो यहां 23 करोड़ लोग रहते हैं। इस देश का नाम है ताइवान जिसने ये अनूठा रिकॉर्ड बनाया है। ताइवान में अब तक 553 कोरोना के मामले सामने आए हैं।ताइवान में आखिरी कोरोना केस 12 अप्रैल को सामने आया था और उसके बाद से देशभर में इस महामारी की कोई दूसरी लहर देखने को नहीं मिली है। करीब 23 करोड़ आबादी वाले इस देश ने कोरोना महामारी पर नियंत्रण पाने के लिए आखिर ऐसा क्या किया, यह जानने को कई देश उत्सुक हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के शुरुआती दिनों में ही देश की सीमाएं सील कर देना और यात्राओं पर नियमन करना इस महामारी के खिलाफ बड़ा कदम साबित हुआ। ऑस्ट्रेलिया के नेशनल यूनिवर्सिटी मेडिकल स्कूल में संक्रामक रोग चिकित्सक और शिक्षक प्रो. पीटर कॉलिग्नन के मुताबिक, ताइवान ने शायद दुनिया भर में सबसे अच्छा उदाहरण सेट किया है है। ताइवान एकमात्र ऐसा प्रमुख देश है जो अब तक कोरोना के कम्यूनिटी ट्रांसमिशन को खत्म करने में सक्षम रहा है।
सीमा सील
इस वर्ष अगस्त में सरकार के पूर्वानुमान के अनुसार ताइवान दुनिया की कुछ ऐसी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं, जिसकी जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद में 2020 में 1.56 फीसदी का विस्तार होगा। सरकार ने गुरुवार को फिलीपींस, अमेरिका और इंडोनेशिया से तीन और आयातित मामलों की पुष्टि की, और पिछले दो हफ्तों में 20 से अधिक आयातित मामले दर्ज किए हैं। जनवरी में महामारी फैलने के तुरंत बाद ताइवान ने गैर-निवासियों के लिए सीमा सील कर दी गई थी।
14 दिन का क्वारंटीन
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर पॉलिसी, आउटकम एंड प्रिवेंशन के निदेशक जेसन वांग कहते हैं कि ताइवान की निरंतर सफलता सीमा नियंत्रण के सख्त नियमों के कारण संभव रही है। इनमें 14 दिन का क्वारंटीन भी शामिल रहा है। ताइवान में अबतक लगभग 3.40 लाख लोग होम क्वारंटीन पर हैं। यहां कोरोना के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर लगभग 1,000 लोगों पर जुर्माना लगाया है। भारत और अन्य देशों में इन नियमों में थोड़ी ढील दिखी है।
फेस मास्क का वितरण
महामारी नियंत्रण के कदमों पर और गौर करें तो ताइवान में बड़ी संख्या में फेस मास्क का वितरण भी शामिल है, जिसने इसकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बता दें कि महामारी की शुरुआत में ही सरकार ने सभी घरेलू उत्पादित फेस मास्क को स्टॉक किया और उनके निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। चार महीनों के भीतर कंपनियों ने उत्पादन में एक दिन में 20 लाख से दो करोड़ यूनिट तक बढ़त हासिल की।
पिछली महामारियों से सबक
ताइवान के पास साल 2003 में फैली SARS महामारी का भी अनुभव रहा है। SARS से प्रभावित होनेवाले देशों में ताइवान तीसरे नंबर पर रहा था। इस महामारी से ताइवान में सैकड़ों लोग संक्रमित हुए थे, जबकि 73 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद ताइवान को बर्ड फ्लू और H1N1 इन्फ्लूएंजा जैसी महामारी से भी जूझना पड़ा है। इन महामारियों के दौरान लोग को हैंडवॉश करने और मास्क पहनने जैसी सावधानियों के आदी हो गए।