
अब अंतिम तीन रात, चौथे दिन खुशी-गम की बरसात…
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के परिणामों को लेकर गहमागहमी जारी है। स्ट्रांग रूम पर सभी दलों के प्रतिनिधि नजर जमाए हुए हैं। मतदान होने के बाद तेरह रातें बीत चुकी हैं। अब अंतिम तीन रातें शेष हैं। इसके बाद चौथे दिन का सूरज अस्त होने से पहले सब कुछ साफ कर देगा कि सत्ता की चमक से कौन सा दल सराबोर होगा। और किस दल पर दिन में भी अंधेरे का साया नजर आएगा। यही हाल 230 विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों का होने वाला है। हर विधानसभा में एक प्रत्याशी की किस्मत चमकेगी तो बाकी प्रत्याशी अपने समर्थकों की सहानुभूति बटोरने को मजबूर होंगे। हो सकता है फिर ठीकरा फोड़ने के अलग-अलग कारण तलाशे जाएंगे। सबसे पहली वजह तो खुद ईवीएम ही है। इससे दीगर जहां भाजपा प्रत्याशी जीतेगा, वहां सरकारी तंत्र पर भी निशाना सधेगा। फिर अपनों का दगा भी दंश बनेगा। तो जातिगत समीकरण भी हार की वजह बन दुश्मन सा लगेगा। इस पर कई जगह बागियों का कहर भी जहर बनकर हार में घुलकर दर्द देता रहेगा। कुछ भी हो चौथे दिन का सूरज ज्यादातर को चुभेगा तो 230 विजयी प्रत्याशियों के मन को रास आएगा। एक दल को आकाश छूने का अहसास कराएगा तो बाकी दलों को मानो पाताल में धकेलने जैसा महसूस कराएगा। क्योंकि यह चौथा दिन भी सूरज का है। और सूर्यास्त से पहले सूर्यदेव एक-एक मत का हिसाब-किताब सामने रखकर ही विदा लेंगे। अब बस तीन रात की बात है, चौथे दिन खुशी और गमों की जोरदार बरसात होने वाली है।
आबकारी विभाग ने तो 3 दिसंबर को प्रदेश में सूखा-सूखा की कड़ी चेतावनी दे दी है। ताकि गीला रहने का इंतजाम आगामी तीन दिन में लोग कर लें और चौथे दिन शिकायती लहजे में आबकारी विभाग को कोसने की जेहमत न उठाएं। पर मौसम विभाग के साथ तो कोई फार्मूला भी फिट नहीं होता। और मौसम विभाग की मानें तो 3 दिसंबर को भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, खरगोन, इंदौर, देवास, उमरिया, डिंडोरी, सागर और छतरपुर जिलों में ही कुछ-कुछ गीला होने की गुंजाइश बन रही है। बाकी जिलों में पूरा सूखा-सूखा रहने का पुर्वानुमान है। बाकी फिर कहां कैसा रहेगा, यह तो ऊपर वाला ही तय करेगा। और आंखें तो सभी की नम रहने वाली हैं। किसी की खुशी में तरबतर होंगी तो किसी की गम में ही सही नम होना तय हैं। वैसे तीन दिसंबर की सुबह मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गैस कांड की बरसी के चलते प्रार्थना सभा के साथ शुरू होगी। इसमें गैस कांड में काल कवलित आत्माओं की शांति के लिए सभी धर्मों के धर्मगुरू सामूहिक प्रार्थना करेंगे। तो प्रदेश में सब तरफ खुशहाली रहे, यह कामना भी करेंगे। सभी चेहरों पर मुस्कान की यह कामना उस दिन के लिए खास कारगर साबित होने वाली है। जीत की खुशी तो विजयी चेहरों पर मुस्कराहट लाएगी ही और हो सकता है कि सामूहिक प्रार्थना की सभी चेहरों पर मुस्कान की कामना असर दिखाए व हार का गम भी बेअसर होकर पराजित चेहरों पर मुस्कान कायम रखने में असरदायी साबित हो।
वैसे मध्यप्रदेश के दोनों प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों की भी जीत-हार पर अलग-अलग राय है। राजनैतिक विश्लेषकों का मत अलग-अलग है। पर एग्जिट पोल तो आज यानि 30 नवंबर की शाम से जो गरजेंगे तो 3 दिसंबर को ही थमेंगे। फिर साफ हो ही जाएगा कि गरजने वाले बादल बरस भी पाए हैं या नहीं। खैर होना तो वही है जो पोस्टल बैलेट और ईवीएम ने तय कर रखा है। 30 नवंबर 2023 की तारीख शिवराज की चौथी पारी में हरकदम पर साथ देने वाले और दो-दो बार एक्सटेंशन पाकर पद को सुशोभित करने वाले मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का सेवा से निवृत्त होने का दिन भी है। और वह भी लाड़ली बहना को मुख्य सचिव का प्रभार देकर विदा हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में वह दूसरी महिला मुख्य सचिव होंगी। हालांकि पहली महिला मुख्य सचिव रहीं निर्मला बुच के सामने यह अवसर नहीं आ सका। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन जिलों-जिलों में जाकर स्ट्रांग रूम की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं और यह आश्वस्त कर रहे हैं कि पोस्टल बैलेट हों या फिर ईवीएम, कहीं भी गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। हालांकि कौन उनकी बात पर भरोसा कर रहा है और कौन नहीं, यह तनाव लेने की उनकी कतई मंशा नहीं है। दलों के अलावा तीन दिसंबर उन दिग्गज और कद्दावर नेताओं पर अपनी तेज निगाहें जमाए है, जिनकी जीत-हार इतिहास बनाती है। वैसे इतिहास बनाने का दावा भाजपा भी कर रही है और कांग्रेस भी जीत को लेकर आश्वस्त है। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की बात करें तो ऊंट भी करवट लेने की सोच नहीं पा रहा है। अब सबकी नजर 3 दिसंबर पर है। इससे पहले की तीन रातों में सभी प्रत्याशियों की धड़कनें तेजी से चलेंगी और चौथा दिन सारी तस्वीर साफ कर खुशी और गम की खुलकर बरसात करेगा…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। दो पुस्तकों “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।