
कालिंदी गोल्ड, फीनिक्स और सैटेलाइट टाउनशिप के सैकड़ों पीड़ितों से डायरी पर पैसा लेकर अब ब्याज सहित भुगतान से मुकर रहे भूमाफियाओं के दस्तख्त डायरी पर सही हैं या नहीं? इसकी जांच हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से कराई जाएगी। भूमाफिया चंपू अजमेरा, चिराग शाह, हैप्पी धवन, महावीर जैन सहित अन्य माफिया पीड़ितों से बाजार भाव से इतर लिया पैसा लौटाने में आनाकानी कर रहे हैं।
भूमाफिया चंपू अजमेरा ने फीनिक्स के लिए एक कंपनी से 1 करोड़ का लोन लिया था। जिस कंपनी से लोन लिया, वह परिसमापन में चली गई है। परिसमापक को चंपू सहयोग नहीं कर रहा है। लोन के एवज में कितने प्लाॅट चंपू ने फंसाए, यह भी स्पष्ट नहीं है। जब तक लोन का सेटलमेंट नहीं होता, तब तक फीनिक्स के पीड़ितों का इंतजार जारी रहेगा। भूमाफिया हैप्पी धवन भी अब डायरी के भुगतान को फर्जी बता रहा है, जबकि प्लाॅट की बुकिंग के वक्त निवेशकों से चंपू, चिराग, हैप्पी ने डायरी पर जमकर भुगतान लिया था। 200 से ज्यादा पीड़ितों से माफियाओं ने डायरी पर पैसे लिए हैं। हाई पॉवर कमेटी ने 12 फीसदी की दर से भुगतान करने की बात कही है, लेकिन माफिया चेक से लिए भुगतान का ही सेटलमेंट करने की बात कह रहे हैं।
कई पीड़ित अब तक सामने नहीं आए
हाई पॉवर कमेटी को सुनवाई करते हुए काफी समय हो गया है। कई पीड़ित अब तक सामने नहीं आए हैं। भूमाफियाओं को इनकी जानकारी है, लेकिन भुगतान से बचने के लिए यह पीड़ितों से संपर्क नहीं कर रहे हैं। कमेटी ने भी माफियाओं से कहा है कि एक-एक पीड़ित से सेटलमेंट किए जाने की जिम्मेदारी उनकी है। सहयोग नहीं करने पर जमानत निरस्ती की अनुशंसा तो होगी, एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
हल निकालने का प्रयास कमेटी कर रही
हाई पॉवर कमेटी ने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए 9 अगस्त तक का समय हाई कोर्ट से और लिया है। 9 अगस्त को हाई कोर्ट फिर सुनवाई करेगा। फीनिक्स और सैटेलाइट के पीड़ितों का भी हल निकालने का प्रयास कमेटी कर रही है। फीनिक्स में परिसमापक से चंपू का सेटलमेंट होने के बाद पीड़ितों को राहत मिलने के आसार बनेंगे।