
विश्व में कई जगह जहां कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट को यह बताकर हल्का किया जा रहा है कि यह डेल्टा स्वरूप की तुलना में ज्यादा घातक नहीं है। लेकिन अमेरिका में यही स्वरूप डेल्टा की तुलना में ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। यहां डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन वैरिएंट से प्रतिदिन ज्यादा लोगों की मौत हो रही है, और ये मौत का आंकड़ा आगे समय के साथ बढ़ भी सकता है।
अमेरिका में रोज़ाना मरने वाले मरीजों की संख्या नवंबर के बाद से लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार को अमेरिका में कोरोना से 2 हजार 267 लोगों की मौत हुई, जबकि डेल्टा के पीक पर होने के बाद भी कोरोना से 2 हजार 100 लोगों की मौत हुई थी। अभी ओमिक्रॉन के अमेरिका में और ज्यादा तबाही मचाने के संकेत मिल रहे हैं क्योंकि ये स्ट्रेन लोगों में बहुत तेजी से फैल रहा है।
ज्यादातर लोगों में भले ही ये कम गंभीर है, लेकिन दूसरा तथ्य ये भी है कि इससे ज्यादातर लोग संक्रमित हो रहे हैं मर भी रहे हैं। अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया, ओमिक्रॉन से लाखों लोगों की मौत हो सकती है। अभी भी इस पर सर्च करना बाकि है। इस पर चर्चा भी हो सकती है कि अब अलग तरीके से क्या कर सकते थे, कितनी मौतों को रोका जा सकता था।
ओमिक्रॉन बिल्कुल अलग है क्योंकि इसमें लोगों को बहुत हल्के लक्षण होते हैं या कई मरीजों में कोई लक्षण ही नहीं होते हैं। लेकिन एक फ्लू की तरह यह कई लोगों के लिए घातक भी हो सकता है। खासकर बुजुर्ग, अन्य बीमारियों वाले मरीजों में या जो लोग वैक्सीनेटेड नहीं हैं उनके लिए ओमिक्रॉन काफी खतरनाक साबित हो सकता है।