कोरोना से हर चार मिनट में एक की मौत, इस देश में चरम पर पहुंची महामारी

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से 200 से ज्यादा देश प्रभावित हैं। यूरोप के कई देशों में एक बार फिर से कोरोना महामारी की लहर देखने को मिल रही है। इटली जैसे देश दोबारा पाबंदियों की ओर लौट रहे हैं, वहीं कुछ अन्य देशों में भी ऐसे हालात हैं। अब ईरान में कोरोना वायरस का संक्रमण अफने चरम पर पहुंच गया है। तेहरान समेत देश भर में कोरोना प्रतिबंधों को बढ़ा दिया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि हर चार मिनट में वायरस से एक मौत हो रही है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है, जिससे हालात इतने खराब हो गए हैं कि नए मरीजों को इलाज के लिए बेड तक नहीं मिल पा रहा है।

क्या सावधानियां बरतनी जरूरी?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले 24 घंटों में 337 नई मौतें और 5,960 नए मामले दर्ज किए है। राष्ट्रीय कोरोना वायरस टास्क फोर्स के प्रमुख ने लोगों से कोरोना संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है।
कोरोना संक्रमण से बचने को मास्क का इस्तेमाल बहुत जरूरी है।
घर से बाहर निकलें तो शारीरिक दूरी का अवश्य पालन करें।
हाथों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। साबुन-पानी या हैंडवॉश से हाथ धोएं।
घर से बाहर हों या सफर में हों तो सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
अपना खानपान सही रखें ताकि शरीर की इम्यूनिटी बनी रहे।

ईरान की राजधानी तेहरान में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्कूलों, मस्जिदों, दुकानों, रेस्तरां और अन्य सार्वजनिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है। इस बीच ईरान के स्वास्थ्य मंत्री ने बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री सईद नमाकी ने राजधानी तेहरान के लिए नए सरकारी दिशानिर्देशों का जिक्र करते हुए कहा कि मास्क नहीं पहनने वालों से जुर्माना वसूलने का प्रावधान किया था, लेकिन व्यापक स्तर पर ऐसा नहीं हो रहा।

नमाकी ने मरीजों से अस्पतालों के भरे होने का जिक्र करते हुए कोरोना संक्रमण का प्रकोप फिर से फैलने के लिए सरकार पर ही उंगली उठाई। वहीं, सरकारी अधिकारी प्रतिबंधों के उल्लंघन के लिए लगातार जनता को दोषी ठहरा रहे हैं। एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में नमाकी के हवाले से कहा गया है कि सरकार को लोगों में बेवजह घबराहट पैदा नहीं करनी चाहिए।

खबरों के मुताबिक पश्चिम एशिया में कोरोना वायरस से अबतक कथित तौर पर 32 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने हाल में कहा था कि यह संख्या वास्तव में ढाई गुना ज्यादा हो सकती है। कुछ विशेषज्ञों ने ईरान के आंकड़ों पर संदेह किया है। बता दें कि बीते अप्रैल में ईरानी पार्लियामेंट के रिसर्च सेंटर की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि कोरोना वायरस के आंकड़े मंत्रालय द्वारा घोषित किए गए आंकड़ों से लगभग दोगुने हो सकते हैं।

 

 

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