समृद्ध गुजराती पटेल परिवार के पास अमेरिका के एक चौथाई मोटल हैं। भारत में “पिछड़ा” कहलाना चाहता है

अहमदाबाद। इन दिनों गुजरात पाटीदार पटेल के आरक्षण आंदोलन से हलकान है। हाल ही में आंदोलन के दौरान हुई हिंसा ने पूरे गुजरात को अपनी चपेट में ले लिया था। पटेल सरकारी नौकरियों व शैक्षणिक संस्थाओं में एडमिशन के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं। पटेलों की मांग है कि उन्हें ओबीसी श्रेणी में स्थान दिया जाए। वहीं, गुजरात सरकार का कहना है कि पटेल आर्थिक व सामाजिक रूप से समृद्ध हैं। इसी वजह से उनके लिए आरक्षण आवश्यक नहीं।

गुजरात में पटेलों की आबादी 20 प्रतिशत है। गुजरात के 182 विधायकों में से 44 पटेल ही हैं। वहीं, लोकसभा की 26 सीटों में से 6 सांसद भी पटेल ही हैं। इसी क्रम में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि पटेल समुदाय सिर्फ गुजरात में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी उतना ही समृद्ध है। इसका उदाहरण अमेरिका से ही लिया जा सकता है, जहां कि लगभग 80 प्रतिशत मोटल इंडस्ट्री पर गुजरात के पटेलों का ही वर्चस्व है।

इस समय अमेरिका में लगभग 17 हजार होटल व मोटल्स के मालिक गुजराती ही हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा गुजराती पटेलों की संख्या है। अमेरिका में बसने वाले पटेल आर्थिक रूप से बहुत मजबूत माने जाते हैं। इनकी तरक्की का मुख्य आधार बिजनेस ही है।

अमेरिका में गुजरातियों के मोटल व होटल बिजनेस की शुरुआत 1940 से हुई थी। इस दशक में अहमदाबाद के कानजीभाई देसाई ने अमेरिका में होटल खोली थी। कानजीभाई की सफलता के बाद अन्य गुजरातियों ने भी धीरे-धीरे होटल बिजनेस में अपने पैर जमाने शुरू कर दिए और आज अमेरिका की हर दूसरी मोटल का मालिक गुजराती ही है। इसमें भी सबसे ज्यादा वर्चस्व गुजराती पटेलों का है। पवन ढींगरा नामक एक लेखक ने ‘लाइफ बिहाइंड द लॉबी: इंडियान अमेरिकन मोटल ऑनर्स एंड द अमेरिकन ड्रीम्स’ पुस्तक में विस्तार से लिखा है कि किस तरह गुजरातियों ने अमेरिका के मोटल बिजनेस पर कब्जा कर लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *