चैंपियंस ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया को PCB का प्रस्ताव, दिया यह अजीब सुझाव

भारतड-पाकिस्तान मुकाबले की प्रतिकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:जब से भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर एससीओ समिट (sco summit 2024) में हिस्सा लेने पाकिस्तान गए हैं, जब से दोनों देशों करोड़ों क्रिकेट फैंस की आखों में टीम रोहित के पाकिस्तानी धरती पर अगले साल आयोजित होने जा रही चैंपियंस ट्रॉफी Champions Trophy) में खेलने के सपने भी परवान चढ़ने लगे हैं. मेगा इवेंट को लेकर चर्चा ने गति पकड़ ली है. दोनों ही देशों के बीच करीब पिछले एक दशक से द्विपक्षीय सीरीज का आयोजन नहीं हुआ है. वजह यह है कि पड़ोसी देश के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण खराब हुए राजनीतिक रिश्तों के कारण भारत सरकार ने नीति के तहत साफ कर दिाय है भारतीय टीम द्विपक्षीय दौरे पर पाकिस्तान नहीं जाएगी. बहरहाल, जयशंकर के अपने यहां आने के बाद पाकिस्तान की उम्मीद टीम इंडिया के चैंपियंस ट्रॉफी में आने को लेकर बहुत ज्यादा बढ़ गई है. यही वजह है कि अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) समाधान के लिए बहुत ही अजीब समाधान के साथ सामने आया है.

लेटर में दिया पीसीबी ने यह प्रस्ताव

एक अग्रणी वेबसाइट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पीसीबी ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड को लिखे लेटर में कहा है,”अगर भारतीय टीम मैच खेलने के तुरंत बाद भारत लौटने को प्राथमिकता देती है, वह इसमें पूरा सहयोग करेगा. फिर चाहे टीम को दिल्ली लौटना हो या फिर चंडीगढ़.” पीसीबी ने यह पेशकश सुरक्षा कारणों के कारण की है. अभी तक टूर्नामेंट के वर्तमान शेड्यूल के अनुसार भारत के तीन ग्रुप मुकाबले 20 फरवरी (बनाम बांग्लादेश), 23 फरवरी (बनाम पाकिस्तान) और 2 मार्च (बनाम न्यूजीलैंड) के खिलाफ खेले जाएंगे. ये तीनों ही मुकाबले लाहौर में खेले जाने हैं. यह आयोजन स्थल बॉर्डर के नजदीक होने का कारण चुना गया.

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के आखिरी दो मैचों के बीच करीब एक हफ्ते का अंतराल है. ऐसे में पीसीबी ने सुझाव देते हुए कहा है कि इस दौरान भारतीय टीम चाहे, तो वह वापस लौट सकता है. वहीं, अगर टीम इंडिया फाइनल में पहुंचती है, तो पीसीबी ने फाइनल को लाहौर में ही आयोजित कराने की बात कही है.

भारत के बिना आयोजन का विकल्प नहीं”

इसके अलावा इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के अधिकारी भी यह सुझाव दे चुके हैं कि भारत जैसे दिग्गज देश के बिना चैंपियंस ट्रॉफी आयोजित कराने का कोई विकल्प नहीं है. और अगर भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं आती है, तो “आकास्मिक व्यवस्था” भी उपलब्ध है. बता दें कि भारतीय टीम ने साल 2008 के बाद से पाकिस्तान में क्रिकेट नहीं खेली है और उसका पाकिस्तान जाना पूरी तरह से सरकारी की मंजूरी पर है.ऐसे में अगर टीम इंडिया को अनुमति नहीं मिलती है, तो हाइब्रिड मॉडल की संभावना सबसे ज्यादा दिख रही है. इसके तहत भारत अपने सभी मैच किसी तीसरे देश में खेल सकता है, जबकि बाकी मैच पाकिस्तान में आयोजित किए जा सकते हैं.

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