
हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में जेल में बंद कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रयागराज पुलिस ने करीब एक साल पुराने एक मामले में प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। शनिवार को प्रयागराज पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट को सीजेएम कोर्ट इंदौर और इंदौर सेंट्रल जेल के समक्ष प्रस्तुत किया। प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाने में 19 अप्रैल 2020 को मुनव्वर फारुकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी. आशुतोष मिश्रा नाम के युवक ने यह एफआईआर दर्ज कराई है.
जॉर्ज टाउन थाना के एसएचओ शिशुपाल शर्मा ने बताया कि 19 अप्रैल 2020 को मुनव्वर फारूकी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में एक मामला दर्ज किया गया था. फारूकी ने यूट्यूब पर एक विवादित वीडियो अपलोड किया था. वीडियो में हिंदू देवी-देवताओं और गोधरा ट्रेन कांड में जलकर मरने वाले हिंदुओं का मजाक उड़ाया गया था. साथ ही गुजरात में हुए दंगे में आरएसएस और गृहमंत्री अमित शाह की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाया गया था. वर्तमान में इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है.
ये है पूरा मामला
गौरतलब हो कि फारूकी और चार अन्य स्टैंडअप कॉमेडियन को 1 जनवरी को इंदौर में नए साल के एक कार्यक्रम में हिंदू देवताओं का अपमान करने और कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद फारूकी ने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी, लेकिन उनकी जमानत याचिका ख़ारिज कर दी गई थी. जमानत ख़ारिज होने के बाद फारुकी ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने में अर्जी दी, जिसके बाद कोर्ट ने 15 जनवरी को फारूकी की जमानत पर सुनवाई अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी थी.