सिंहस्थ 2028 की महातैयारी: 20 हजार करोड़ की परियोजनाओं के साथ उज्जैन बनेगा देश का पहला ‘जीरो वेस्ट कुंभ’, 29 घाट, 19 ब्रिज और हाईटेक ऐप से होगा 30 करोड़ श्रद्धालुओं का प्रबंधन

उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ कुंभ अब करीब ढाई साल दूर है, लेकिन माहौल अभी से ही पर्व की भव्यता का एहसास कराने लगा है।

नगर से लेकर प्रशासन तक हर स्तर पर तैयारियां चरम पर हैं। लक्ष्य बड़ा है- सिंहस्थ 2028 को देश का पहला ‘जीरो वेस्ट कुंभ’ बनाना। इसी के लिए शहर में 29 घाटों का नया रूप, 19 ब्रिजों का निर्माण, सिक्स लेन सड़क, मेडिसिटी और विशाल वाटर प्रोजेक्ट जैसे काम युद्ध स्तर पर चल रहे हैं।

27 मार्च से 27 मई 2028 तक चलने वाले इस महापर्व में 3 शाही स्नान और 7 पर्व स्नान निर्धारित हैं। अनुमान है कि उज्जैन इस बार 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की आस्था का संगम बनने जा रहा है।

दो महीने के इस आयोजन को संभालने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

2016 के सिंहस्थ में जहां 5 से 7 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे, वहीं इस बार संख्या लगभग छह गुना बढ़ने की उम्मीद है। इसी वजह से तैयारियों की रफ्तार और पैमाना, दोनों पहले से कहीं अधिक भव्य नजर आ रहे हैं।

सिंहस्थ मेला क्षेत्र में चल रहे हैं अलग-अलग काम।

सिंहस्थ को लेकर अधिकांश स्थाई निर्माण किया जा रहा है। खास बात ये कि सिंहस्थ के दौरान इस बार एक नई पहल के साथ मेला को ‘जीरो वेस्‍ट इवेंट’ बनाने का निर्णय लिया है। इस बड़े आयोजन को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप कई बड़े कार्य सिंहस्थ कुंभ के लिए होना है। इसमें से कुछ काम शुरू भी हो चुके हैं। कौठी पैलेस भवन को संग्रहालय बनाएंगे

ऐति‍हासिक कोठी पैलेस भवन को इस तरह से बनाया जा रहा।

उज्जैन में वीर भारत संग्रहालय के रूप में ऐति‍हासिक कोठी पैलेस भवन का संरक्षण कर इसे बनाया जा रहा है। भवन और साइट की मौजूदा स्थिति के अनुसार परियोजना को दो चरणों में होगी पहले चरण में कोठी महल का संरक्षण और दूसरे चरण में वीर भारत संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा।

इसी तरह वीर दुर्गादास की छत्री पर 52.69 करोड़ की लागत से विकास कार्य किया जाएगा। इसमें मुख्‍य द्वार और मार्ग समतलीकरण, पार्किंग सुविधा, चट्टान की दीवार पुनर्स्‍थापना, वीर दुर्गादास राठौर की मूर्ति, म्‍यूजियम भवन आदि कार्य किए जाएंगे।

कई अतिक्रमण और अवैध निर्मार्णों को भी हटाया गया है।

आपदा प्रबंधन के लिए पाइप लाइन डलेगी शाही स्नान वाले दिनों में आपदा प्रबंधन के लिए अधिकतम रिस्पांस समय 15 मिनट का तय किया गया है। इसके लिए लगातार मॉक ड्रिल करें और कार्य योजना बनाएं जाने के निर्देश कलेक्टर रौशन सिंह ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि आग लगने की घटनाओं को तत्काल रूप से रोकने के लिए मेला क्षेत्र में पाइप लाइन भी डालें और यह सुनिश्चित करें कि छोटे फायर फाइटर वहां जल्दी पहुंच सकें।

500 अस्थाई अस्पताल और कैंप लगाए जाएंगे कुंभ मेले में 500 अस्थाई अस्पताल और कैंप लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को सिंहस्थ मेला क्षेत्र के अनुसार 6 जोन में बांटा जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटल रिकॉर्ड मेंटेन किया जाएगा। डॉक्टर और पेरामेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी। सिंहस्थ के गर्मी के मौसम में आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए इलेक्ट्रोलाइट की उपलब्धता समस्त मेला क्षेत्र में जगह-जगह सुनिश्चित की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपदा की स्थिति में कार्ययोजना स्टेट यूनिट के साथ मिलकर बनाई जाएगी। जिसमें मेले के दौरान बर्न यूनिट, एम्बुलेंस की सुविधा, ब्लड बैंक, ट्रॉमा सेंटर आदि की सम्पूर्ण तैयारी 24×7 रखने के निर्णय लिया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग का विशेष ध्यान हैजा और अन्य मौसम जनित बीमारियों और आपदा प्रबंधन के रिस्पांस पर रहेगा।

मेले के लिए आल इन वन ऐप बनेगा

सिंहस्थ की को लेकर हाल ही में प्रजेंटेशन भी दिया गया था।

सिंहस्थ में फेस रिकग्नीशन, एलर्ट सिस्टम, फायर अलार्म के सभी सॉफ्टवेयर एमपीएसईडीसी के द्वारा विकसित किए जाएंगे। यह कार्य 31 दिसंबर 2025 तक पूर्ण किया जाना निर्धारित है। इसके अलावा सिंहस्थ 2028 के लिए ऑल इन वन ऐप भी बनाया जाएगा जिसमें ड्रोन सर्विस, यातायात और वाहन प्रबंधन, मानव संसाधन और कार्य प्रगति की जानकारी की सुविधा मिल सकेगी।

सिंहस्थ में वाहनों की पार्किंग की उपलब्धता के लिए ऑनलाइन डाटा तैयार किया जाएगा। इसके अलावा GIS आधारित उपयोगिता सिस्टम बनाया जाएगा। सिंहस्थ मेला क्षेत्र का वर्चुअल टूर ऐप के माध्यम से कराया जाएगा।

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