
एक साल में इंदौर के ‘अच्छे दोस्त’ साबित हुए ‘पुष्यमित्र’
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कार्यकाल का पहला वर्ष 5 अगस्त 2023 को पूरा हो गया है। रणजीत हनुमान के दर्शन कर मेयर पद की शुरुआत करने वाले पुष्यमित्र भार्गव के कामों से इंदौर खुश है। और पुष्यमित्र भार्गव ने भी इंदौर के ‘अच्छे दोस्त’ बनकर शहर के विकास और नवाचारों में कोई कसर कमी नहीं छोड़ी।
यह सहजता ही है कि दो दिन पहले जब महापौर सिटी बस में सवार होकर लोगों से फीडबैक ले रहे थे, उसी वक्त पीछे की सीट पर बैठा एक युवक आक्रोशित होकर महिला पार्षद की शिकायत करते हुए महापौर के पास पहुंचा। उसने कहा कि उसके वार्ड की पार्षद चुनाव जीतने के बाद आज तक क्षेत्र में नहीं आईं। कई बार वार्ड की समस्याओं को लेकर शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई सुनता नहीं। महापौर ने सुनवाई का आश्वासन दिया। तो कठोरता भी जरूरी है सो सफर के दौरान महापौर ने एक युवक से पूछा कि आप कहां जा रहे हो। इस पर युवक ने पहले खिड़की से थूका, फिर महापौर के सवाल का जवाब देने लगा। युवक पर स्पाट फाइन किया गया। यात्रा के दौरान कुछ यात्रियों ने कहा कि इस रूट की बसें अक्सर ओवरलोड रहती हैं।
इस अच्छे दोस्त के रहते इंदौर नगर निगम के इतिहास में पहली बार ई-बजट पेश हुआ। इसके माध्यम से निगम को लाखों रुपये का आर्थिक लाभ हुआ। बजट तैयार करने, प्रकाशित करवाने आदि की प्रक्रिया से मुक्ति भी मिली। तो जलूद में सोलर प्लांट स्थापित करने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम ने ग्रीन बांड जारी किया। इसके माध्यम से 244 करोड़ रुपये एकत्र करने का लक्ष्य था, लेकिन पहले तीन दिन में ही यह इशू ओवर सब्सक्राइब हो गया। बिजली की खपत कम करने के उद्देश्य से सोलर प्लांट स्थापित करने के फैसले को देश-विदेश में प्रशंसा मिली। वहीं शहर में नर्मदा का चौथा चरण लाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। 1700 करोड़ रुपये की इस योजना पर काम शुरू हो गया है। इसे वर्ष 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नर्मदा का चौथा चरण आने के बाद शहर में रोजाना पानी सप्लाय किया जाएगा।
एक वर्ष के दौरान इंदौर में जी-20, प्रवासी भारतीय सम्मेलन, खेलो इंडिया खेलो, इंवेस्टर्स समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के सफल आयोजन हुए। इन आयोजनों से देश-विदेश में शहर को अलग पहचान मिली। नेहरू पार्क में वर्षों से बंद पड़ी टाय ट्रेन को चलवाने का फैसला जनता को पसंद आया। ट्रेन के संचालन की जिम्मेदारी गुजरात की कंपनी को सौंपी गई।
शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह से प्रतिबंधित करते हुए दशहरा मैदान पर सिंगल यूज प्लास्टिक की फेयरवेल पोहा पार्टी आयोजित की। इसके अलावा मृत्यु प्रमाण पत्र घर भेजने की व्यवस्था की। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौराहों का नामकरण महापुरुषों के नाम करने और महापुरुषों की प्रतिमा चौराहों पर लगाए जाने के फैसले को भी सराहना मिली। इंटर्न विद योजना के माध्यम से युवाओं को नगर निगम से जोड़ने का प्रयास शुरू हुआ। पहली बैच में 350 युवाओं का चयन किया गया।
अब महापौर पुष्यमित्र भार्गव के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्वच्छता के ताज को इंदौर के सिर पर बरकरार रखने की है। एक साल के दौरान उन्होंने दर्जनों फैसले लिए। इंदौर लगातार छह वर्षों से स्वच्छता में सिरमौर बना हुआ है। अगस्त के दूसरे पखवाड़े में स्वच्छ सर्वेक्षण होना है। नगर निगम के सात हजार से ज्यादा सफाईकर्मी शहर की सफाई व्यवस्था को संभाले हैं, लेकिन इन सबके बीच सामंजस्य बनाए रखना बड़ी चुनौती है।कुल मिलाकर बहुत कुछ अनोखा किया है और बहुत कुछ करना बाकी है। पर एक बात साफ है कि पुष्यमित्र भार्गव ने मेयर रहते नई ऊंचाइयों को छुआ है। और यह युवा महापौर इंदौर का अच्छा दोस्त, अच्छा सेवक और बेहतर प्रशासक साबित हुआ है।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। दो पुस्तकों “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।