रतलाम हत्याकांड: पत्नी की गला घोंटकर हत्या के बाद गूगल पर ‘निशान कैसे मिटाएं’ खोजा, मोबाइल सर्च हिस्ट्री बनी अहम सबूत; कोर्ट ने आरोपी पति को सुनाई उम्रकैद

रतलाम में पत्नी की हत्या के दोषी पति को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 3 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। आरोपी ने हत्या के बाद अपने मोबाइल पर गूगल पर सर्च किया था कि ‘हत्या के सबूत कैसे मिटाए जाएं’

AI जनरेटेड इमेज।

प्रधान सत्र न्यायाधीश नीना आशापुरे ने इसी सर्च हिस्ट्री को अहम सबूत मानते हुए यह फैसला सुनाया है।

शराब पीकर देर से आता था, पत्नी टोकती थी जिला लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी राकेश (पिता कैलाश चौधरी) ग्राम झरसंदला, थाना बिलपांक का रहने वाला है। वह आदतन शराब पीता था और रात में देर से घर आता था। उसकी पत्नी बुलबुल इस बात को लेकर विरोध करती थी।

रोज-रोज के विवाद से परेशान होकर राकेश ने पत्नी के साथ मारपीट की और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। कोर्ट ने उसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत दोषी ठहराया है।

गूगल पर ढूंढी निशान मिटाने वाली क्रीम

हत्या करने के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के तरीके खोजने शुरू किए। उसने गूगल पर सर्च किया-

  • ‘क्या पीएम (पोस्टमार्टम) रिपोर्ट में गला दबाने के निशान आते हैं?’
  • ‘अगर निशान आते हैं, तो उसे मिटाने के लिए बेस्ट क्रीम कौन सी है?’
  • ‘पोस्टमॉर्टम में क्या गला फाड़ा जाता है?

कोई चश्मदीद नहीं था, सर्च हिस्ट्री से फंसा बिलपांक थाना निरीक्षक अयूब खान ने जब सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। हालांकि, घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं था।

पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की सर्च हिस्ट्री निकाली, जिसमें अपराध छिपाने के तरीके ढूंढे गए थे। साथ ही कोर्ट में यह साबित हुआ कि अंतिम बार पत्नी को आरोपी के साथ ही जीवित देखा गया था।

परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर सजा कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य और डिजिटल सबूतों (मोबाइल सर्चिंग) पर भरोसा जताते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से जिला लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने सफल पैरवी की।

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