
मालवा मिल मैं रहवासी खुद जुटे सामान हटाने में
इंदौर। मालवा मिल बेकरी गली स्थित पतरे की चाल में खतरनाक हो रहे 20 कमरों को तोडऩे की कार्रवाई के लिए निगम (Indore Nagar Nigam) का भारी-भरकम रिमूवल अमला क्षेत्र में पहुंचा। रहवासियों ने सामान हटाने के साथ-साथ खुद भी मकानों को तोडऩा शुरू कर दिया था। अब तक रिमूवल की यह इस अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
नगर निगम जनकार्य विभाग द्वारा शहर के कई इलाकों में खतरनाक मकानों को तोडऩे की कार्रवाई का अभियान पिछले एक सप्ताह से शुरू किया गया है। जंगमपुरा, जिंसी, सराफा और कई क्षेत्रों के खतरनाक मकानों को ढहाने की कार्रवाई की गई, वहीं कई मकान उनके मालिकों द्वारा तोड़ लिए गए। इनमें जूना पीठा की धर्मशाला से लेकर कई मकान शामिल हैं। आज सुबह नगर निगम का रिमूवल अमला मालवा मिल बेकरी गली स्थित पतरे की चाल में कार्रवाई के लिए पहुंचा। निगम के सहायक रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे के मुताबिक वहां 20 से ज्यादा कमरे जर्जर हैं। वर्षों पुराने कमरों की हालत खस्ताहाल है, जो कभी भी ढह सकते हैं। इसी के चलते वहां रहने वाले लोगों को निगम द्वारा नोटिस दिए गए थे और आज रिमूवल टीम कार्रवाई के लिए पहुंच गई। सबसे पहले वहां रहने वालों ने मकानों से सामान हटाना शुरू कर दिया था। कई लोग आसपास के खुले स्थानों पर घर का सामान रख रहे थे। यह लोग वर्षों से पतरे की चाल स्थित कमरों में रह रहे थे। निगम अधिकारियों के मुताबिक सामान हटवाने के लिए नगर निगम की रिमूवल टीम ने भी लोगों की मदद की और फिर बाद में मजदूरों की मदद से खतरनाक कमरों को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी। अब तक निगम द्वारा खतरनाक मकानों को तोडऩे की जो कार्रवाई की जा रही है, उनमें यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
सडक़ के लिए रहवासियों ने खुद थामे हथौड़े
रावजी बाज़ार थाने से सोनकर धर्मशाला तक सड़क निर्माण मैं बाधक निर्माण हटना शुरू
इंदौर। पिछले दिनों नगर निगम (Indore Nagar Nigam) की टीमों ने रावजी बाजार थाने (Raoji bazar police station) से सोनकर धर्मशाला तक बनने वाली 100 फीट चौड़ी सडक़ के लिए नपती और निशान लगाने की कार्रवाई कर संबंधितों को नोटिस दिए थे। इसके बाद क्षेत्र के अधिकांश लोगों ने अपने मकान, दुकानों के बाधक हिस्से खुद तोडऩा शुरू कर दिए हैं।

वर्तमान में उक्त सडक़ पर कई जगह सडक़ के आसपास तक के हिस्सों में निर्माण होने के कारण यातायात जाम की नौबत आती है और कई जगह दुकानों के बाहर तक बिक्री के लिए रखे गए फर्नीचर, आलमारी, कूलर, पलंगपेटी आदि के कारण सडक़ की चौड़ाई और कम हो जाती है। शाम के समय सब्जी के ठेले वाले भी पूरी सडक़ घेर लेते हैं। नगर निगम जनकार्य विभाग के अधिकारियों की टीम ने करीब 20-25 दिन पहले क्षेत्र में सेंटर लाइन बिछाने के साथ-साथ 100 फीट चौड़ी सडक़ के लिए नपती के बाद संबंधित को नोटिस जारी किए थे। करीब 125 से 150 मकानों के हिस्से इसमें बाधक हैं। कुछ मकानों के हिस्से 8 से 10 फीट सडक़ की जद में आ रहे हैं तो वहीं कुछ लोगों के 4 से 5 फीट तक के हिस्से भी बाधक हैं। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक नोटिस के बाद रहवासियों ने खुद अपने स्तर पर बाधक हिस्से हटाना शुरू कर दिए हैं। पिछले दो दिनों से वहां रहवासी खुद और कहीं मजदूरों की मदद से बाधक हिस्से हटा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि रहवासियों द्वारा बाधक हिस्से हटाने के बाद फिर से टीम वहां निरीक्षण करने जाएगी और जो शेष रहे हिस्से हैं, उनके मामले में चर्चा कर उन्हें भी हटवाया जाएगा।