डेंगू का बड़ता ख़तरा


कोरोनावायरस महामारी के बीच, इस मौसम में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के खतरे भी मड़राने लगे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि दिल्ली में अब मच्छर जनित बीमारियों जैसे कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले भी सामने आ रहे हैं। दिल्ली के तीनों नगर निगमों द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, शहर में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के 73 मामले दर्ज किए गए हैं। इन 73 मामलों में से 38 मलेरिया के, 22 डेंगू के हैं, और शेष 13 चिकनगुनिया के हैं। हालांकि, वर्तमान गिनती के बारे में अधिकारी काफी आशावादी हैं। उनका मानना है कि स्थिति नियंत्रण में है क्योंकि पिछले वर्ष की तुलना में इन आंकड़ों में इस साल 30 प्रतिशत की कमी आई है। 2019 में, शहर ने इस समय में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के 107 मामले दर्ज किए थे।
बीते साल एक अगस्त में 40 मामले थे
एसडीएमसी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार 2019 में, एक अगस्त तक डेंगू के मामलों की संख्या 40 थी, जबकि उस पूरे साल वेक्टर-जनित बीमारी के मामलों की कुल संख्या 2,036 थी, वहीं आधिकारिक जानकारी के अनुसार दो मौतें हुई थीं। तीनों रोगों मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया में तेज बुखार होता है और यह कोविड-19 का एक सामान्य लक्षण है। इसलिए, डॉक्टरों का कहना है, इन रोगों से पीड़ित लोगों को संदेह हो सकता है कि वे कोविड-19 से संक्रमित हैं।

डेंगू बुखार के लिए खोले गए हैं क्लीनिक
उत्तरी दिल्ली के मेयर जय प्रकाश ने कहा कि एनडीएमसी के 6 क्षेत्रों में संचालित पॉली क्लिनिक्स में डेंगू बुखार क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू से प्रभावित लोगों को बुखार होता है, लेकिन कोविड-19 में अन्य लक्षण भी होते हैं, जैसे कि सांस लेने में दिक्कत, गंध और स्वाद नहीं आना। इसलिए, हम जागरूकता बढ़ा रहे हैं और लोगों को कह रहे हैं कि सामान्य बुखार होने पर पॉली क्लीनिक जाएं और अन्य लक्षण होने पर हमारे कोविड-19 जांच केंद्रों पर जाएं।

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