
भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में 10 विकेट से शर्मनाक हार झेलनी पड़ी. ग्रुप 2 में टेबल में टॉप पर रहते हुए भारतीय टीम ने सुपर 12 राउंड को फिनिश किया था. भारत और इंग्लैंड के बीच एक शानदार मुकाबला होने की उम्मीद थी, लेकिन मैच पूरी तरह से एकतरफा रहा. इंग्लैंड ने शुरु से ही भारत पर दबाव बनाए रखा. बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों ही डिपार्टमेंट में टीम इंडिया बेहतर परफॉर्म नहीं कर पाई और आखिर में हार के साथ टीम इंडिया को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ा. मैच के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने भी हार का दोषी किसी एक को नहीं बल्कि पूरी टीम को बताया. रोहित ने कहा कि
“यह बहुत निराशाजनक है जैसा आज हम लोग खेले. मुझे लगता है कि हमने एक छोर पर अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन हम गेंद के साथ अच्छा नहीं कर पाए. यह निश्चित रूप से एक ऐसा विकेट तो नहीं था जहां दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी करने वाली टीम टारगेट का पीछा नहीं कर सकती है. क्योंकि टारगेट तो 16 ओवर में ही चेज़ हो गया. गेंदबाज़ी में वाकई आज हमने अच्छा नहीं किया. जब नॉकआउट मुकाबलों की बात आती है, तो यहां दबाव पर को संभालने की भी ज़रुरत होती है. ये हर खिलाड़ी पर भी निर्भर करता है. आप किसी को भी दबाव संभालना सिखा नहीं सकते. जब ये लोग आईपीएल में प्लेऑफ खेलते हैं और वहां पर भी तो हाई प्रेशर गेम होते हैं. खिलाड़ी इस दबाव को संभालने में सक्षम हैं.
रोहित शर्मा ने आगे कहा कि जिस तरह से हमने गेंद से शुरुआत की वह आइडियल नहीं था. हम थोड़े घबराए हुए थे, लेकिन आपको श्रेय देना होगा इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों को भी. उन्होंने वास्तव में अच्छा खेला. जब भुवी ने पहला ओवर फेंका तो वह आज बॉल स्विंग ही नहीं हुआ, हम जिस एरिया में रन नहीं देना चाहते थे, वहीं पर आज रन आए. अगर हम कस कर गेंदबाज़ी करते तो शायद रिज़ल्ट कुछ और होता. लेकिन हमने आज ऐसा नहीं किया. बांग्लादेश के खिलाफ मैच में भी कुछ ऐसी ही स्थिति थी, लेकिन मुझे लगा कि उस दिन हमने अपनी हिम्मत को बनाए रखा, और अच्छा प्रदर्शन किया.”