‘आदिपुरुष’ पर भड़के रामानंद सागर के बेटे, बोले- ’85 साल तक भी कोई पापा जैसी रामयाण नहीं बना पाएगा’

प्रभास स्टारर फिल्म ‘आदिपुरुष’ को बुरी तरह ट्रोल किया जा रहा है। फिल्म के वीएफएक्स वर्क के साथ-साथ इसके डायलॉग्स भी दर्शकों के गले से नहीं उतर पा रहे हैं। पॉपुलर टीवी शो ‘रामायण’ के क्रिएटर, राइटर और डायरेक्टर रहे रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने भी फिल्म पर अपना रिएक्शन दिया है।

उन्होंने कहा कि आप रावण को खूंखार विलन की तरह पेश नहीं कर सकते। मेकर्स ने तो इस फिल्म में सारे फैक्ट्स ही बदल दिए हैं। प्रेम सागर ने ई-टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में यह भी बताया कि उनके पिता ने उनसे कहा था कि कोई अगले 85 साल तक भी उनके जैसी ‘रामायण’ नहीं बना पाएगा।

आदिपुरुष से मार्वल बनाने की है कोशिश
इस इंटरव्यू में प्रेम सागर ने ओम राउत की ‘आदिपुरुष’ में रामायण को गलत तरह से पेश करने पर निराशा जताई। प्रेम ने कहा कि भले ही उन्होंने फिल्म नहीं देखी है पर टीजर और ट्रेलर देखा है। जब उन्हें फिल्म में सुनाई देने वाले टपोरी स्टाइल डायलॉग के बारे में बताया तो वे हंसते हुए बोले कि ओम राउत ने आदिपुरुष से मार्वल सिनेमेटिक यूनिवर्स बनाने की कोशिश की है।

पापा ने कभी फैक्ट्स के साथ छेड़खानी नहीं की
वे बोले, ‘मेरे पिता जी ने भी ‘रामायण’ बनाते वक्त क्रिएटिव फ्रीडम का यूज किया था पर उससे पहले उन्होंने भगवान राम के किरदार को समझा था। उन्होंने काफी रिसर्च करने के बाद छोटे-मोटे बदलाव किए थे पर कभी भी फैक्ट्स के साथ छेड़खानी नहीं की।’

रावण को खूंखार विलन की तरह नहीं दिखा सकते
वहीं फिल्म में सैफ अली खान के डार्क लुक पर रिएक्ट करते हुए प्रेम सागर ने कहा, ‘रावण बहुत की बड़ा ज्ञानी था। क्रिएटिव लिबर्टी के नाम पर आप उसे एक खूंखार विलन की तरह पेश नहीं कर सकते हैं। पुराणों के मुताबिक, रावण ने यह सब सिर्फ इसलिए किया था क्योंकि वो यह जानता था कि श्री राम ही उसे मोक्ष दिला सकते हैं।’

ऐसी ‘रामायण’ कोलाबा में जाकर दिखाइए
वहीं जब सागर को बताया गया कि आदिपुरुष को आज की जनरेशन के हिसाब से बनाया गया है तो वो बोले, ‘अगर आपने आज की जनरेशन के लिए ‘रामायण’ बनाई है तो इसे ब्रीच कैंडी या फिर कोलाबा में दिखाइए। इसे वर्ल्डवाइड रिलीज करके लाेगों की भावनाओं को ठेस मत पहुंचाइए।’

पापा को भगवान राम की कहानी सुनाने के लिए भेजा गया था
कई लोगों ने रामायण लिखी है पर किसी ने भी इसका कंटेंट चेज नहीं किया है। पर ‘आदिपुरुष’ में तो फैक्ट्स ही बदल दिए हैं। मुझे याद है पापा ने मुझसे एक बार कहा था कि कोई भी अगले 85 साल तक मेरे जैसी ‘रामायण’ नहीं बना पाएगा। पापा को धरती पर भगवान राम की कहानी सुनाने के लिए भेजा गया था। उन्होंने लाेगों को मर्यादा पुरुषोत्तम की कहानी बताई और चले गए।’

 

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