
मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा(BJP) की तैयारियां तेज हो गई है। लगातार चुनावी दौरा कर रही भाजपा अब ग्वालियर चंबल इलाके पर अपना फोकस जमा रही है। इसी बीच पांच दिवसीय दौरे पर ग्वालियर पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीडिया से बात करते हुए उम्मीद जताई है कि भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ एकतरफा इस उपचुनाव को जीतेगी।
उपचुनाव की घोषणा के साथ राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कमल नाथ को सवा साल केवल कुर्सी और तिजोरी की चिंता रही है। विकास के नाम पर सबकुछ चौपट कर दिया। प्रदेश व ग्वालियर-चंबल अंचल का विकास नहीं करके कमल नाथ ने गद्दारी की है।5दिवसीय प्रवास पर गुरुवार को ग्वालियर आए सिंधिया ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान यह बात कही।
कमल नाथ के काफिले पर बुधवार को हुए हमले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिंधिया ने कहा कि लोकतंत्र में किसी के भी काफिले पर हमला होना निंदनीय है। राजनीति में आमने-सामने जरूर होते हैं और सभी को अपना पक्ष रखने का अधिकार होता है। कांग्रेस ने राजनीति में जो स्तर दिखाया है, वह ठीक नहीं हैं। उन्हें खुद भी अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उधर, सिंधिया गुरुवार सुबह दिल्ली से ग्वालियर आए। एयरपोर्ट पर उनके पीछे खड़े होने को लेकर समर्थक रामसुंदर व संजय शर्मा के बीच विवाद हो गया। सिंधिया के मुरैना रवाना होने के बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। पुलिस अधिकारी व समर्थकों ने दोनों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया।
कमलनाथ पर बोलते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अगर वह कहते हैं कि ग्वालियर चंबल संभाग की जिम्मेदारी मेरी थी। तो कई बार मैं उनसे मिला। कमलनाथ ने एक कदम विकास के लिए नहीं उठाया। मैं कमलनाथ जी से पूछना चाहता हूं। 15 महीने सीएम रहे। उनका चेहरा एक बार भी किसी ने चंबल अंचल में देखा। क्या कमलनाथ ने एक भी बार ग्वालियर की तरफ रुख किया था? क्या उनका चेहरा किसी ने भी ग्वालियर में देखा है? कुर्सी और तिजोरी कांग्रेस की विचारधारा है। ग्वालियर चंबल सहित पूरे मध्य प्रदेश की जनता के साथ कांग्रेस ने गद्दारी की है।
वहीं दूसरी तरफ से शिवराज सिंह चौहान(shivraj singh chauhan) की तारीफ करते हुए राज्यसभा सांसद सिंधिया ने कहा कि 5 महीने की सरकार में शिवराज सिंह चौहान ने पूरी तिजोरी जनता के लिए खोल कर रख दी है। कई लोग ऐसे होते हैं जिनके पास काम लेकर जाओ तो वो असंभव हो जाता है। वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जहां असंभव भी संभव हो जाते हैं। शिवराज सिंह चौहान ऐसे ही नेता है।